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- 12h ago
मथुरा। जनसेवा को प्राथमिकता देते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी ने के.एम. विश्वविद्यालय स्थित कार्यालय में विशेष जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित कर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न ग्राम पंचायत क्षेत्रों से पहुंचे जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने क्षेत्र की समस्याओं तथा विकास कार्यों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को जिला पंचायत अध्यक्ष के समक्ष विस्तार से रखा।
जनसंवाद के दौरान ग्रामीणों ने सड़क, नाली, जल निकासी, पेयजल, साफ-सफाई, बिजली, संपर्क मार्ग, स्ट्रीट लाइट, सार्वजनिक स्थलों के विकास सहित गांवों में मूलभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याओं की ओर जिला पंचायत अध्यक्ष का ध्यान आकर्षित कराया। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की स्थिति तथा जिन स्थानों पर विकास कार्यों की आवश्यकता है, उनके संबंध में भी जानकारी दी गई।
जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी ने कार्यक्रम में मौजूद प्रत्येक व्यक्ति की बात गंभीरता से सुनी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से क्षेत्र की स्थिति के बारे में जानकारी लेते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं का समय रहते समाधान होना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि जनहित से जुड़े मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए तथा प्राथमिकता के आधार पर उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय से ही ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति दी जा सकती है। गांवों में सड़क, जल निकासी, स्वच्छता, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना विकास की पहली आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय स्तर पर कार्रवाई आवश्यक है, उनमें संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई कराई जाए।
कार्यक्रम के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोगों ने व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याओं को भी जिला पंचायत अध्यक्ष के समक्ष रखा। ग्रामीणों ने बताया कि कई स्थानों पर सड़क और नाली निर्माण की आवश्यकता है, जबकि कुछ क्षेत्रों में जलभराव की समस्या के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने सार्वजनिक स्थानों की साफ-सफाई, रास्तों के सुधार और आवश्यक सुविधाओं को उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनके द्वारा उठाए गए प्रत्येक जनहित के विषय को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का समाधान जिला पंचायत स्तर से संभव है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर संबंधित अधिकारियों के माध्यम से कराया जाएगा। वहीं अन्य विभागों से संबंधित मामलों को संबंधित विभाग के अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। शिकायतों की वास्तविक स्थिति की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए और आवश्यकता पड़ने पर मौके का निरीक्षण भी किया जाए।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि किसी भी क्षेत्र में विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए। जो कार्य स्वीकृत हैं, उन्हें निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा कराया जाए और कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले निर्माण कार्य लंबे समय तक उपयोगी रहें, इसके लिए गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए। जनप्रतिनिधियों से भी उन्होंने विकास कार्यों की प्रगति पर नजर रखने और स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली कमियों की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष ने ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों से उनके क्षेत्रों की स्थिति का फीडबैक भी लिया। उन्होंने गांवों में चल रहे विकास कार्यों, प्रस्तावित कार्यों और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की वास्तविक आवश्यकताओं के आधार पर विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार करें, ताकि सीमित संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए अधिक से अधिक लोगों को लाभ पहुंचाया जा सके।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि जनता और प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। इसलिए ग्रामीणों की समस्याओं को संबंधित विभाग तक पहुंचाने और उनके समाधान की प्रगति की जानकारी लेने में जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ने केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को दी। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुविधाओं और विकास का लाभ पहुंचाना है।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि पात्र लोग संबंधित योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ उठाएं। साथ ही जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे अपने क्षेत्र में पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने में सहयोग करें, ताकि कोई पात्र व्यक्ति जानकारी के अभाव में योजना के लाभ से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि विकास केवल सड़क और भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, रोजगार, पेयजल, आवास और अन्य बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता भी समग्र विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
किशन चौधरी ने कहा कि जनप्रतिनिधि का सबसे महत्वपूर्ण दायित्व जनता की समस्याओं को सुनना और उनके समाधान के लिए प्रयास करना है। कार्यालय में बैठकर क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का पूरी तरह आकलन नहीं किया जा सकता। इसके लिए जनता के बीच पहुंचना और उनसे सीधा संवाद करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से समय-समय पर जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीणों को अपनी समस्याएं सीधे रखने का अवसर मिले और संबंधित मामलों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को सुनना और उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाना ही जनप्रतिनिधित्व की सार्थकता है। क्षेत्र के विकास के लिए सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों को मिलकर कार्य करना होगा।
कार्यक्रम में सामने आई समस्याओं को सुनने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में शिकायत मिलने के बाद केवल औपचारिक कार्रवाई न की जाए, बल्कि समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन मामलों में मौके पर निरीक्षण की आवश्यकता है, वहां स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाए। साथ ही जिन कार्यों के लिए विभागीय स्वीकृति अथवा अन्य औपचारिकताओं की आवश्यकता है, उन्हें नियमानुसार पूरा कराकर कार्यवाही आगे बढ़ाई जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी समन्वय आवश्यक है।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि मथुरा जनपद में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विकास कार्यों को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि जहां जिस सुविधा की आवश्यकता है, वहां उसी के अनुरूप कार्य कराने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की कि विकास कार्यों में सहयोग करें और यदि किसी कार्य में गुणवत्ता संबंधी कमी या अन्य समस्या दिखाई देती है तो उसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दें, ताकि समय रहते आवश्यक सुधार कराया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रवासियों ने जिला पंचायत अध्यक्ष के समक्ष अपनी समस्याएं रखने के लिए जनसंवाद कार्यक्रम को उपयोगी बताया। ग्रामीणों ने कहा कि इस प्रकार के सीधे संवाद से स्थानीय समस्याओं को उचित स्तर तक पहुंचाने और उनके समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि क्षेत्र की जनता के लिए उनके कार्यालय के दरवाजे हमेशा खुले हैं। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाएगा और उपलब्ध संसाधनों तथा नियमानुसार उनके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे अपने क्षेत्रों में विकास की प्राथमिकताओं को चिन्हित कर प्रशासन और जिला पंचायत के साथ समन्वय बनाए रखें। इससे विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने और अधिक से अधिक ग्रामीणों तक उनका लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम के अंत में जिला पंचायत अध्यक्ष ने उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता का विश्वास और सहयोग ही क्षेत्र के विकास की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को प्राथमिकता से लेते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।


