17 सितंबर से मथुरा में शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान, 5 लाख दीपों से जगमगाएंगे धार्मिक स्थल
- 10h ago
हरदोई। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत खाद्य एवं रसद विभाग की जिला स्तरीय सतर्कता समिति का पुनर्गठन किया गया है। जिलाधिकारी अनुनय झा की ओर से जारी आदेश के तहत गठित समिति का उद्देश्य जिले में खाद्य सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को मिलने वाले राशन की व्यवस्था की निगरानी करना है। समिति में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है, जिससे खाद्य वितरण व्यवस्था की निगरानी में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
पुनर्गठित समिति में जिलाधिकारी को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि जिला पूर्ति अधिकारी को संयोजक सदस्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा जिले के कई महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारियों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। समिति के माध्यम से खाद्य एवं रसद विभाग से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन, राशन वितरण व्यवस्था तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ पहुंचने की स्थिति की निगरानी किए जाने की व्यवस्था है।
जिला स्तरीय सतर्कता समिति में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, जिला कार्यक्रम अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला खाद्य विपणन अधिकारी समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को सदस्य बनाया गया है।
विभिन्न विभागों के अधिकारियों को समिति में शामिल किए जाने से खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी में विभागीय समन्वय को मजबूती मिलने की उम्मीद है। खाद्य सुरक्षा केवल राशन वितरण तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि इसका संबंध समाज के जरूरतमंद और पात्र परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने से भी जुड़ा है। ऐसे में समिति में विभिन्न विभागों की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
समिति में मंडलायुक्त द्वारा नामित तीन सदस्यों को भी शामिल किया गया है। इनमें प्रहलाद नगरी जन कल्याण समिति के सचिव एवं वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता शत्रुघ्न द्विवेदी का नाम प्रमुख रूप से शामिल है।
शत्रुघ्न द्विवेदी लंबे समय से सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के साथ ही वह जनपद स्तर पर विभिन्न सरकारी समितियों में भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। सामाजिक क्षेत्र में उनकी सक्रियता को देखते हुए जिला स्तरीय सतर्कता समिति में उनकी भागीदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
समिति में सामाजिक क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों को शामिल करने का उद्देश्य सरकारी व्यवस्था की निगरानी में सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देना भी माना जा रहा है। शत्रुघ्न द्विवेदी की सामाजिक गतिविधियों और जनहित के विषयों में सक्रियता को देखते हुए उनसे समिति के कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान की उम्मीद की जा रही है।
समिति के माध्यम से खाद्य एवं रसद विभाग की व्यवस्थाओं से संबंधित विषयों पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सामाजिक क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों की राय भी सामने आ सकेगी। इससे जमीनी स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं और पात्र लाभार्थियों से जुड़े मुद्दों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र लाभार्थियों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से राशन की उपलब्धता और वितरण से जुड़े मामलों की निगरानी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। जिला स्तरीय सतर्कता समिति इसी व्यवस्था की निगरानी में अपनी भूमिका निभाएगी।
समिति के सामने राशन वितरण से जुड़े विभिन्न विषय, पात्र लाभार्थियों तक खाद्यान्न की उपलब्धता, योजनाओं के क्रियान्वयन और व्यवस्था से संबंधित शिकायतों जैसे मुद्दे आ सकते हैं। समिति का उद्देश्य व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में निगरानी करना है।
जिला स्तरीय सतर्कता समिति के गठन से खाद्य एवं रसद विभाग की योजनाओं की निगरानी के साथ-साथ व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने की उम्मीद है। प्रशासनिक अधिकारियों और सामाजिक प्रतिनिधियों की संयुक्त भागीदारी से जमीनी स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं को चिन्हित कर उनके समाधान की दिशा में पहल की जा सकती है।
समिति में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को शामिल किए जाने से किसी भी विषय पर संबंधित विभाग के स्तर से आवश्यक कार्रवाई और समन्वय स्थापित करने में भी सुविधा होगी। इससे खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी को व्यापक आधार मिल सकता है।
शत्रुघ्न द्विवेदी को समिति में शामिल किए जाने की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय सामाजिक संगठनों और समिति के पदाधिकारियों ने खुशी जताई। सामाजिक क्षेत्र में उनकी सक्रियता को देखते हुए लोगों ने उम्मीद जताई कि वह समिति में अपनी जिम्मेदारी का प्रभावी ढंग से निर्वहन करेंगे।
सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने कहा कि सरकारी योजनाओं की सफलता तभी सुनिश्चित होती है, जब उनका लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक समय से पहुंचे। इसके लिए प्रशासनिक निगरानी के साथ समाज के जागरूक लोगों की भागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने शत्रुघ्न द्विवेदी को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
शत्रुघ्न द्विवेदी की सामाजिक सक्रियता को देखते हुए समिति में उनकी भूमिका को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वह विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर सक्रिय रहे हैं। समिति में रहते हुए वह खाद्य सुरक्षा और राशन वितरण से संबंधित जमीनी समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखने में भूमिका निभा सकते हैं।
समिति के गठन से प्रशासन की ओर से खाद्य सुरक्षा से संबंधित योजनाओं की निगरानी को संस्थागत रूप दिया गया है। अब समिति के माध्यम से सामने आने वाले विषयों और सुझावों के आधार पर खाद्य एवं रसद विभाग से संबंधित व्यवस्थाओं को और प्रभावी बनाने की दिशा में काम किए जाने की उम्मीद है।
समिति के पुनर्गठन को जिले में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों, विभागीय अधिकारियों और सामाजिक प्रतिनिधियों की संयुक्त भागीदारी से व्यवस्था की जमीनी स्थिति की समीक्षा और जरूरत के अनुसार सुधार की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।


