यूपी के सभी 75 जिलों में बनेंगे सरदार पटेल स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन, युवाओं को एक ही छत के नीचे मिलेगा प्रशिक्षण और रोजगार: सीएम योगी
- 12h ago
नई दिल्ली। रामलीलाएं भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और नैतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं। इनके जरिए प्रभु श्रीराम के जीवन, उनके त्याग, मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और परिवार के प्रति समर्पण जैसे आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। यह बात दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने लव कुश रामलीला कमेटी के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान कही। उन्होंने रामलीलाओं को भारतीय संस्कृति और संस्कारों की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि इनके माध्यम से आज की युवा पीढ़ी, विशेषकर जेन-जी, को अपनी सांस्कृतिक विरासत और प्रभु श्रीराम के आदर्शों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है।
लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उपराज्यपाल को लव कुश रामलीला में अपनी सुविधानुसार किसी भी दिन पधारने और प्रभु श्रीराम की भव्य लीला का अवलोकन करने के लिए सादर आमंत्रित किया। प्रतिनिधिमंडल ने रामलीला के आयोजन और उसके माध्यम से भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं तथा सामाजिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार से जुड़े उद्देश्यों पर भी चर्चा की।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन या मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज को नैतिकता, मर्यादा और कर्तव्यपालन की शिक्षा देने वाली समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा है। प्रभु श्रीराम का जीवन प्रत्येक पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके आदर्शों में त्याग, धैर्य, सत्यनिष्ठा, अनुशासन, परिवार के प्रति जिम्मेदारी और समाज के प्रति समर्पण जैसे जीवनोपयोगी संदेश समाहित हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। आधुनिक जीवनशैली और तकनीक के बढ़ते प्रभाव के बीच ऐसे आयोजनों की भूमिका और भी अहम हो जाती है, क्योंकि इनके माध्यम से युवा अपनी परंपराओं को समझ सकते हैं और उनसे प्रेरणा ले सकते हैं। रामलीला मंचन के जरिए प्रभु श्रीराम के जीवन प्रसंगों को सरल, प्रभावी और रोचक तरीके से प्रस्तुत किया जाता है, जिससे नई पीढ़ी भारतीय संस्कृति और जीवन-मूल्यों को बेहतर ढंग से समझ सके।
उपराज्यपाल ने कहा कि प्रभु श्रीराम के आदर्शों में समाज के प्रति उत्तरदायित्व, न्याय, मर्यादा और लोककल्याण की भावना का विशेष महत्व है। रामराज की अवधारणा भी आदर्श शासन व्यवस्था, जनकल्याण और न्यायपूर्ण समाज की प्रेरणा देती है। ऐसे संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने में रामलीलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उपराज्यपाल ने लव कुश रामलीला कमेटी की ओर से भारतीय संस्कृति और प्रकृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से की जा रही पहल की विशेष सराहना की। उन्होंने इस वर्ष जेन-जी को संस्कृति और पर्यावरण से जोड़ने के लिए हजारों तुलसी के पौधों के वितरण तथा ‘घर-घर राम, घर-घर तुलसी’ का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के अभियान को प्रेरणादायी बताया।
उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल सांस्कृतिक परंपराओं को दैनिक जीवन से जोड़ने का सार्थक प्रयास है। तुलसी का पौधा भारतीय घरों और धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं में विशेष स्थान रखता है। इसके वितरण के माध्यम से लोगों को अपनी परंपराओं के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी दिया जा सकता है।
उपराज्यपाल ने इस अभियान के लिए कमेटी के सभी पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कमेटी की इस सोच की सराहना की कि रामलीला जैसे बड़े सांस्कृतिक आयोजन को केवल मंचन तक सीमित न रखते हुए उसके माध्यम से सामाजिक जागरूकता, सांस्कृतिक संरक्षण और पर्यावरण के प्रति सकारात्मक संदेश भी प्रसारित किए जाएं।
लव कुश रामलीला कमेटी की ओर से चलाया जा रहा ‘घर-घर राम, घर-घर तुलसी’ अभियान भारतीय परंपराओं को जनजीवन से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया। इस अभियान का उद्देश्य नई पीढ़ी को प्रभु श्रीराम के आदर्शों से परिचित कराने के साथ-साथ तुलसी के पौधे के महत्व और प्रकृति के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
आज के दौर में सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से युवाओं को अपनी विरासत से जोड़ना और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाना समाज के लिए उपयोगी प्रयास है। रामलीला के मंच से मिलने वाली सीख यदि दैनिक जीवन में अपनाई जाए, तो इससे परिवार, समाज और सार्वजनिक जीवन में सकारात्मक मूल्यों को प्रोत्साहन मिल सकता है।
कमेटी की इस पहल में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक चेतना और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी को एक साथ जोड़ने का प्रयास दिखाई देता है। उपराज्यपाल द्वारा इस अभियान की सराहना किए जाने से आयोजकों के प्रयासों को प्रोत्साहन मिला।
लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल के सहयोग और मार्गदर्शन से रामलीला आयोजकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण सहायता मिली है। उन्होंने इस सहयोग को आयोजन से जुड़े लोगों के लिए उत्साहवर्धक बताया।
अर्जुन कुमार ने कहा कि लव कुश रामलीला कमेटी का उद्देश्य भव्य और आकर्षक रामलीला मंचन कराने के साथ-साथ प्रभु श्रीराम के आदर्शों, भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है। कमेटी चाहती है कि युवा रामलीला को केवल एक परंपरागत आयोजन के रूप में न देखें, बल्कि इसके माध्यम से मिलने वाले संदेशों को समझें और अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करें।
उन्होंने कहा कि रामलीला समाज को जोड़ने, सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने और आने वाली पीढ़ियों को भारतीय परंपराओं से परिचित कराने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है। कमेटी इसी भावना के साथ अपने आयोजन और सामाजिक पहलों को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत है।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में शामिल कमेटी के महासचिव श्री सुभाष गोयल ने कमेटी की ओर से उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू को प्रभु श्रीराम की प्रतिमा और रामनामी पटका भेंट किया। इस माध्यम से प्रतिनिधिमंडल ने उपराज्यपाल के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया।
शिष्टाचार भेंट के दौरान रामलीला की सांस्कृतिक भूमिका, भारतीय परंपराओं के संरक्षण और नई पीढ़ी को प्रभु श्रीराम के आदर्शों से जोड़ने के उद्देश्य को प्रमुखता से रखा गया। प्रतिनिधिमंडल की ओर से उपराज्यपाल को रामलीला में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया गया।
लव कुश रामलीला कमेटी का मानना है कि रामलीला के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव, पारिवारिक मूल्यों, कर्तव्यनिष्ठा और आदर्श जीवन की प्रेरणा भी समाज तक पहुंचाई जा सकती है। उपराज्यपाल द्वारा कमेटी के सांस्कृतिक और पर्यावरण संबंधी प्रयासों की सराहना को इसी दिशा में महत्वपूर्ण प्रोत्साहन माना जा रहा है।
रामलीलाओं की परंपरा भारतीय समाज में लंबे समय से धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का महत्वपूर्ण माध्यम रही है। मंचन के जरिए रामायण के प्रसंगों को लोगों के सामने जीवंत किया जाता है, जिससे दर्शकों को प्रभु श्रीराम के जीवन और उनके आदर्शों को समझने का अवसर मिलता है।
लव कुश रामलीला कमेटी की ओर से भव्य आयोजन के साथ सांस्कृतिक जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी पहल किए जाने का उद्देश्य भी इसी विरासत को व्यापक सामाजिक संदेश से जोड़ना है। कमेटी के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि ऐसे प्रयासों से युवाओं की भारतीय संस्कृति के प्रति रुचि बढ़ेगी और आने वाली पीढ़ियां अपनी परंपराओं को समझते हुए उन्हें आगे बढ़ाने में योगदान देंगी।
उपराज्यपाल के साथ हुई इस शिष्टाचार भेंट में रामलीला को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और सामाजिक चेतना से जोड़ने पर विशेष जोर रहा। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें लव कुश रामलीला में शामिल होने का निमंत्रण देकर आयोजन के प्रति अपनी तैयारियों और उत्साह से भी अवगत कराया।


