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- 10h ago
वृंदावन। वार्ड नंबर-25 के गांव अक्रूर स्थित बेनाम कॉलोनी में पिछले तीन-चार दिनों से जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। लगातार बारिश के बाद हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि कॉलोनी की अधिकांश गलियां पानी में डूब गई हैं और नाले का गंदा पानी कई घरों के अंदर तक पहुंच गया है। जलभराव के कारण स्थानीय लोगों को घर से बाहर निकलने, बच्चों को स्कूल भेजने और रोजमर्रा के जरूरी काम करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद नगर निगम की ओर से समस्या का स्थायी समाधान नहीं कराया गया।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, कॉलोनी में जलनिकासी की व्यवस्था पहले से ही बेहद खराब है। बारिश होने के बाद आसपास का पानी नाले में पहुंचता है, लेकिन पर्याप्त निकासी नहीं होने के कारण पानी वापस कॉलोनी की ओर फैलने लगता है। पिछले कई दिनों से लगातार पानी जमा होने के कारण अब हालात बदतर हो गए हैं। गलियों में कई जगह घुटनों तक पानी भर गया है। घरों के बाहर जमा गंदे पानी के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है।
भारी बारिश के बाद स्थिति और गंभीर हो गई। नाले का पानी कॉलोनी की ओर बढ़ने से लोगों में अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। स्थानीय महिला सोमा और निवासी प्रकाश ने बताया कि जलभराव को रोकने के लिए नाले पर अस्थायी रूप से बांध बनाया गया था। लोगों को उम्मीद थी कि इससे पानी का बहाव कुछ समय के लिए रुक जाएगा, लेकिन तेज पानी के दबाव के चलते अस्थायी बांध टूट गया। बांध टूटते ही नाले का पानी तेजी से कॉलोनी की गलियों में फैल गया और कुछ ही समय में पानी कई मकानों के अंदर तक पहुंच गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि घरों के आसपास लगातार गंदा पानी जमा रहने से उन्हें अपने सामान और घरेलू उपयोग की वस्तुओं को सुरक्षित रखने की चिंता सताने लगी है। कई परिवारों को घर के अंदर भी पानी से बचने के लिए सामान ऊंचे स्थानों पर रखना पड़ा। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह बारिश जारी रही तो पानी का स्तर और बढ़ सकता है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
कॉलोनी के लोगों के मुताबिक, जलभराव केवल बारिश के दौरान उत्पन्न होने वाली समस्या नहीं है, बल्कि यहां लंबे समय से जलनिकासी का संकट बना हुआ है। बारिश के दिनों में स्थिति हर वर्ष खराब होती है। इसके बावजूद स्थायी नाला और जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त नहीं किए जाने के कारण लोगों को बार-बार इसी परेशानी से जूझना पड़ता है।
क्षेत्रीय पार्षद गोवर्धन सिंह ने बताया कि क्षेत्र में नाले का निर्माण कार्य चल रहा था, लेकिन बारिश के कारण फिलहाल काम रोकना पड़ा है। उनके अनुसार, नाले का निर्माण पूरा होने के बाद जलनिकासी की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। उन्होंने बताया कि जलभराव की स्थिति और स्थानीय लोगों की परेशानी की जानकारी नगर निगम अधिकारियों को लिखित एवं मौखिक रूप से दी जा चुकी है।
पार्षद ने कहा कि फिलहाल लोगों को तत्काल राहत दिलाने के लिए अपने स्तर से नाले को अस्थायी रूप से बंद कराने और पानी के बहाव को नियंत्रित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने करीब एक घंटे के भीतर अस्थायी व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया है, ताकि नाले का पानी कॉलोनी में और अधिक न फैल सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले पर बनाया गया अस्थायी बांध पहले ही यह दिखा रहा था कि क्षेत्र की जलनिकासी व्यवस्था कितनी कमजोर है। लोगों का आरोप है कि बरसात से पहले नाले और जलनिकासी मार्ग की पर्याप्त सफाई तथा आवश्यक व्यवस्था नहीं की गई। यदि समय रहते नाले की क्षमता और पानी के बहाव को ध्यान में रखते हुए इंतजाम किए जाते तो शायद कॉलोनी को इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।
लोगों का कहना है कि अस्थायी रूप से पानी रोकने या रास्ता बंद करने से समस्या कुछ समय के लिए टल सकती है, लेकिन इससे जलनिकासी का स्थायी समाधान नहीं होगा। जब तक नाले का निर्माण पूरा नहीं होता और पानी की निकासी का उचित रास्ता तैयार नहीं किया जाता, तब तक बारिश होते ही दोबारा यही स्थिति उत्पन्न होने की आशंका बनी रहेगी।
कॉलोनी में लंबे समय से जमा गंदे पानी के कारण लोगों में बीमारी फैलने की चिंता भी बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है। यदि कई दिनों तक पानी इसी तरह जमा रहा तो मच्छर और अन्य कीट पनपने से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। स्थानीय लोगों ने नगर निगम से जलभराव वाले स्थानों पर दवा का छिड़काव कराने और सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने की भी मांग की है।
महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी से होकर निकलना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। बच्चों के भी पानी में गिरने और चोटिल होने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय गलियों में पानी भरा रहने से स्थिति और खतरनाक हो जाती है, क्योंकि पानी की गहराई और सड़क की स्थिति का सही अंदाजा नहीं लग पाता।
कॉलोनीवासियों का कहना है कि बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या कोई नई बात नहीं है। हर बार बारिश होने के बाद गलियों में पानी भर जाता है और लोगों को घंटों अथवा कई दिनों तक परेशानी झेलनी पड़ती है। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं कराया गया।
निवासियों ने कहा कि जलभराव के कारण कॉलोनी की सड़कें भी खराब हो रही हैं। लगातार पानी में डूबी रहने से सड़क की सतह क्षतिग्रस्त होने लगी है। जगह-जगह गड्ढे होने से पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी हो रही है। पानी कम होने के बाद कीचड़ और गंदगी की समस्या अलग से सामने आती है।
कॉलोनी के लोगों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि जलभराव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं। लोगों का कहना है कि केवल पानी रोकने के लिए अस्थायी बांध बनाने या कुछ समय के लिए पानी निकालने से समस्या समाप्त नहीं होगी। इसके लिए नाले का निर्माण कार्य जल्द पूरा करना, जलनिकासी मार्ग को व्यवस्थित करना और बरसात के पानी की निकासी के लिए पर्याप्त क्षमता वाली व्यवस्था तैयार करना जरूरी है।
लोगों ने यह भी मांग की है कि जब तक स्थायी नाला तैयार नहीं होता, तब तक नगर निगम द्वारा पंप लगाकर पानी की निकासी कराई जाए, नाले की सफाई कराई जाए और जलभराव वाले स्थानों पर तत्काल राहत कार्य शुरू किए जाएं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम यदि समय रहते कार्रवाई नहीं करता है और बारिश जारी रहती है तो जलभराव और बढ़ सकता है। इससे न केवल लोगों के घरों में पानी पहुंचने की समस्या बढ़ेगी, बल्कि सड़क, सफाई, स्वास्थ्य और आवागमन से जुड़ी परेशानियां भी गंभीर रूप ले सकती हैं।
फिलहाल कॉलोनीवासियों की निगाह नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है। लोगों को उम्मीद है कि अस्थायी राहत के साथ-साथ नाले का अधूरा निर्माण जल्द पूरा कराया जाएगा, ताकि आने वाले दिनों में बारिश होने पर उन्हें दोबारा इसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।


