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- 12h ago
नई दिल्ली/वडनगर/वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 76वां जन्मदिन गुरुवार को देशभर में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और जनसेवा कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। भारतीय जनता पार्टी ने इस अवसर को ‘सेवा संकल्प अभियान—जन सेवा ही प्रभु सेवा’ के रूप में आगे बढ़ाया है। जन्मदिन के साथ प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने को भी कार्यक्रमों में प्रमुखता दी गई।
गुजरात के वडनगर, जहां नरेंद्र मोदी का जन्म हुआ, से लेकर उत्तर प्रदेश के वाराणसी तक कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। वडनगर और वाराणसी को जोड़ते हुए बाइक यात्राएं निकाली गईं, दिल्ली में रक्तदान शिविर लगाए गए, मध्य प्रदेश के उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम हुआ और देश के अलग-अलग हिस्सों में शाम को प्रधानमंत्री के दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना के साथ दीप प्रज्ज्वलित किए गए। देश-विदेश से भी प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं मिलीं।
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से वडनगर और वाराणसी को जोड़ने वाली सेवा संकल्प बाइक यात्राएं आयोजित की गईं। एक यात्रा वडनगर से वाराणसी और दूसरी वाराणसी से वडनगर की दिशा में निकाली गई।
रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों यात्राओं का उद्देश्य प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और सेवा कार्यों को रेखांकित करना बताया गया है। इन यात्राओं के दौरान विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों से गुजरते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने भाग लिया।
वडनगर से निकलने वाली यात्रा को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हरी झंडी दिखाई। वहीं वाराणसी की ओर से निकलने वाली यात्रा के कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी रही।
इस आयोजन में वडनगर को प्रधानमंत्री की जन्मभूमि और वाराणसी को उनके लोकसभा क्षेत्र के रूप में जोड़ा गया। आयोजकों के अनुसार, यात्रा का व्यापक उद्देश्य सेवा और जनसंपर्क के संदेश को अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाना है।
मीडिया रिपोर्टों में बताया गया कि दोनों बाइक यात्राओं के जरिए लगभग 40 हजार किलोमीटर की दूरी तय करने का कार्यक्रम है। यात्रा कई राज्यों से होकर गुजरने वाली है और इसका संबंध प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों से जोड़ा गया है।
इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से जनसेवा, स्वच्छता, स्वास्थ्य और अन्य सामाजिक गतिविधियों को भी कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर वडनगर में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन का उल्लेख करते हुए उनके कार्यकाल को गरीब कल्याण से जोड़कर अपनी बात रखी।
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष गरीबों के कल्याण और देश की समृद्धि के लिए किए गए कार्यों के रूप में इतिहास में दर्ज होंगे। उन्होंने आवास, शौचालय, बिजली, नल से पानी, भोजन और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं से जुड़े सरकारी कार्यक्रमों का उल्लेख किया।
शाह ने यह भी दावा किया कि इस अवधि में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए। यह आंकड़ा केंद्र सरकार और भाजपा नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री के सामाजिक-आर्थिक कार्यक्रमों के प्रभाव को बताने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है।
इस बार प्रधानमंत्री के जन्मदिन के कार्यक्रमों में केवल जन्मदिन समारोह पर जोर नहीं दिया गया, बल्कि उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों को भी प्रमुख विषय बनाया गया।
नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद वे 2014 में भारत के प्रधानमंत्री बने। इस लिहाज से 2026 में उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने को भाजपा ने सेवा और जनसंपर्क गतिविधियों के साथ जोड़ा है।
भाजपा की ओर से आयोजित कार्यक्रमों में इस अवधि को ‘सेवा’ के संदेश के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है।
राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर महीने भर चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान 2026’ की शुरुआत की गई।
दिल्ली सरकार के अनुसार यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। इसके तहत रक्तदान शिविर, वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य शिविर, स्वच्छता अभियान, पौधरोपण, श्रमिक पंजीकरण और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं।
दिल्ली में अभियान के दौरान विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास का कार्यक्रम भी रखा गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पहले बताया था कि अभियान के दौरान करीब 13,820 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास किया जाएगा।
दिल्ली में आयोजित रक्तदान कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने स्वयं रक्तदान किया।
उन्होंने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 17 सितंबर भगवान विश्वकर्मा पूजा दिवस के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिवस भी है। उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की।
नबीन ने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन को सेवा दिवस के रूप में मनाते हुए देशभर में भाजपा कार्यकर्ता रक्तदान कर रहे हैं। उनके अनुसार, रक्तदान के माध्यम से सेवा का संदेश समाज तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
दिल्ली भाजपा के सभी 14 जिला संगठनों तथा युवा मोर्चा की ओर से रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। इसके अलावा दिल्ली सरकार की ओर से भी रक्तदान कार्यक्रमों में भागीदारी की गई।
त्यागराज स्टेडियम में आयोजित मेगा रक्तदान शिविर में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने भी रक्तदान किया।
दिन में रक्तदान और सेवा गतिविधियों के बाद शाम को ‘आशीर्वाद के दीये’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पार्टी कार्यालयों, जिला कार्यालयों और विभिन्न प्रमुख स्थानों पर दीप जलाने की योजना बनाई गई थी।
इस अभियान का संदेश प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर उनके स्वस्थ और दीर्घ जीवन के लिए शुभकामना व्यक्त करना था।
मध्य प्रदेश के उज्जैन में प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। क्षिप्रा नदी के तट पर आरती के बाद शाम को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम हुआ।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी कार्यक्रम में शामिल हुए। क्षिप्रा तट पर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की गईं।
‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का उद्देश्य प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर शुभकामनाओं और जनभागीदारी को प्रतीकात्मक रूप से प्रदर्शित करना था।
इस वर्ष प्रधानमंत्री के जन्मदिन के कार्यक्रमों में ‘आशीर्वाद का दीया’ एक प्रमुख प्रतीक के रूप में सामने आया।
भाजपा की ओर से लोगों से शाम के समय घरों और विभिन्न स्थानों पर दीप जलाने की अपील की गई थी। पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन ने इससे पहले लोगों से शाम 6 से 7 बजे के बीच ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने का आग्रह किया था।
देश के कई हिस्सों में धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक स्थानों और घरों में दीप जलाने के कार्यक्रम आयोजित किए गए।
गुजरात में भी कई स्थानों पर बड़े स्तर पर दीप प्रज्ज्वलन के कार्यक्रम हुए। अहमदाबाद में हजारों दीप जलाए गए, जबकि सूरत में लाखों मिट्टी के दीये जलाने के कार्यक्रम की जानकारी सामने आई।
प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी जन्मदिन को लेकर धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
गंगा घाटों पर विशेष प्रार्थनाएं हुईं। वैदिक छात्रों और धार्मिक विद्वानों ने मंत्रोच्चार किया। शंख और डमरू की ध्वनि के बीच प्रधानमंत्री के स्वस्थ और दीर्घ जीवन की कामना की गई।
काशी विश्वनाथ मंदिर में भी वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी रही। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत एनडीए के कई नेता वाराणसी पहुंचे।
प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर भाजपा ने अलग-अलग राज्यों में रक्तदान, स्वास्थ्य जांच, स्वच्छता, पौधरोपण और अन्य सामाजिक गतिविधियां आयोजित कीं।
महीने भर चलने वाले अभियान का जोर केवल एक दिन के कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय विभिन्न जनसेवा गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर है। दिल्ली में अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने की घोषणा की गई है।
भाजपा के अनुसार, इन गतिविधियों के माध्यम से पार्टी कार्यकर्ताओं को सामाजिक सेवा से जोड़ने और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर राजनीतिक दलों के कई नेताओं ने उन्हें सार्वजनिक रूप से शुभकामनाएं दीं।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं दीं और उनके स्वस्थ, सक्रिय एवं सार्थक जीवन की कामना की।
एनसीपी-एसपी प्रमुख शरद पवार, डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन, वाईएसआर कांग्रेस अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी और अन्य नेताओं ने भी प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई दी।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं दीं और उनके स्वस्थ एवं दीर्घ जीवन की कामना की।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के अलावा अभिनेता से राजनेता बने विजय ने भी प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई दी।
इन शुभकामना संदेशों में राजनीतिक मतभेदों से अलग प्रधानमंत्री के स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना प्रमुख रही।
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर मुस्लिम महिलाओं की ओर से भी विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आई।
कुछ कार्यक्रमों में महिलाओं ने केक काटा, मिठाइयां बांटीं और प्रधानमंत्री के लंबे एवं स्वस्थ जीवन के लिए दुआ की। कार्यक्रमों में बच्चे भी शामिल हुए।
इन कार्यक्रमों को आयोजकों की ओर से प्रधानमंत्री के प्रति शुभकामना और सामाजिक भागीदारी के रूप में प्रस्तुत किया गया।
प्रधानमंत्री के 76वें जन्मदिन पर ‘आशीर्वाद का दीया’ नाम से एक म्यूजिक वीडियो भी जारी किया गया। इसे प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन से जोड़ते हुए तैयार किया गया।
वीडियो में प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन और देशसेवा के संदर्भ में संदेश दिया गया है। इसमें संगीत अमन पंत ने दिया है और गायन स्नेहा शंकर ने किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस पहल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ स्नेह और अपनापन व्यक्त करने का विशेष माध्यम है और इससे उन्हें गहराई से जुड़ाव महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि लोगों का आशीर्वाद देश की सेवा के प्रति उनके संकल्प को और मजबूत करता है।
प्रधानमंत्री के जन्मस्थान गुजरात में जन्मदिन को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। वडनगर में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किए गए, जबकि राज्य के कई अन्य शहरों में भी धार्मिक और सामाजिक गतिविधियां हुईं।
अहमदाबाद में महाआरती और हजारों दीपों का कार्यक्रम आयोजित किया गया। उंझा में आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को गिर नस्ल की गायें देने और राज्य में पौधरोपण से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। सूरत में बड़े पैमाने पर मिट्टी के दीये जलाने की जानकारी सामने आई।
इस तरह गुजरात में जन्मदिन को धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों से जोड़ा गया।
प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समेत विभिन्न संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों और राजनीतिक नेताओं ने शुभकामनाएं दीं।
केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और विभिन्न दलों के नेताओं ने सोशल मीडिया तथा सार्वजनिक संदेशों के माध्यम से प्रधानमंत्री के अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की।
विदेशों से भी प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं मिलीं। विभिन्न देशों के नेताओं और राजनयिक स्तर के लोगों ने अपने संदेशों में भारत के साथ संबंधों और प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने आधिकारिक संपर्कों का उल्लेख किया।
इस वर्ष प्रधानमंत्री के जन्मदिन से जुड़े कार्यक्रमों का स्वरूप कई स्तरों पर दिखाई दिया। एक ओर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए, वहीं दूसरी ओर रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर, स्वच्छता और पौधरोपण जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं।
इसके साथ ही भाजपा ने प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को केंद्र में रखते हुए देशव्यापी जनसंपर्क कार्यक्रम शुरू किया।
यानी जन्मदिन का आयोजन केवल शुभकामना कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे एक महीने चलने वाले सेवा अभियान से जोड़ा गया है।
दिल्ली सरकार की घोषणा के अनुसार ‘सेवा संकल्प अभियान’ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान विभिन्न जनसेवा और विकास गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
रक्तदान और स्वास्थ्य शिविरों के अलावा स्वच्छता, पौधरोपण, वरिष्ठ नागरिकों की सहायता और विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित जनसंपर्क कार्यक्रम अभियान में शामिल हैं।
इस तरह 17 सितंबर का जन्मदिन कार्यक्रम एक दिन की गतिविधि के बजाय महीने भर चलने वाले अभियान की शुरुआत के रूप में सामने आया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर वडनगर और वाराणसी को जोड़ना इस पूरे आयोजन की सबसे उल्लेखनीय विशेषताओं में रहा।
वडनगर प्रधानमंत्री की जन्मभूमि है, जबकि वाराणसी उनका लोकसभा क्षेत्र है। दोनों स्थानों से जुड़ी बाइक यात्राओं और कार्यक्रमों के जरिए उनके व्यक्तिगत जीवन से लेकर सार्वजनिक जीवन तक की यात्रा को प्रतीकात्मक रूप से सामने रखा गया।
वडनगर में जन्म से शुरू हुई यात्रा और वाराणसी तक पहुंची राजनीतिक यात्रा को इस वर्ष के कार्यक्रमों में एक साथ प्रस्तुत किया गया।
प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर शुरू हुआ ‘सेवा संकल्प अभियान’ अब अगले एक महीने तक अलग-अलग राज्यों में विभिन्न गतिविधियों के साथ आगे बढ़ने वाला है।
रक्तदान, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पौधरोपण, सामाजिक सहायता और जनसंपर्क से जुड़े कार्यक्रमों के जरिए भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय संगठनों को अभियान में जोड़ा जा रहा है।
इस अभियान में केंद्र और राज्य सरकारों की विभिन्न योजनाओं से संबंधित कार्यक्रमों को भी शामिल किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर देशभर में हुए कार्यक्रमों में कई रंग देखने को मिले—वडनगर में बाइक यात्रा, काशी में धार्मिक आयोजन, दिल्ली में रक्तदान शिविर, उज्जैन में क्षिप्रा तट पर दीप प्रज्ज्वलन, गुजरात में हजारों-लाखों दीयों के कार्यक्रम और विभिन्न राज्यों में सेवा गतिविधियां।
प्रधानमंत्री के जन्मदिन को भाजपा ने उनके 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन से जोड़ते हुए ‘सेवा संकल्प अभियान’ का स्वरूप दिया है। वहीं ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के जरिए शुभकामना और जनभागीदारी को प्रतीकात्मक रूप से सामने रखा गया।
राजनीतिक दलों के बीच मतभेदों के बावजूद विपक्ष के कई नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं दिया जाना भी दिन के प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रमों में शामिल रहा।
इस प्रकार 17 सितंबर 2026 का दिन प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के साथ-साथ देशभर में आयोजित सेवा, सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के कारण भी चर्चा में रहा। अभियान की गतिविधियां अब 17 अक्टूबर तक जारी रहने की योजना है।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।


