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- 12h ago
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन की मेजबानी करने जा रही है। देश-विदेश के धावकों के प्रमुख आयोजनों में शामिल वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन 2026 में इस बार 41 हजार से अधिक प्रतिभागियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है। रविवार, 18 अक्टूबर को आयोजित होने वाली इस प्रतिष्ठित दौड़ को सफल, सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए आयोजक प्रोकेम इंटरनेशनल की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं। विश्व एथलेटिक्स गोल्ड लेबल रोड रेस के रूप में पहचान रखने वाले इस आयोजन में खिलाड़ियों की सुरक्षा, चिकित्सा सहायता, जलपान, यातायात प्रबंधन, सार्वजनिक परिवहन और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया है।
आयोजन के दौरान धावकों की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर पेयजल केंद्र, री-हाइड्रेशन स्टेशन, चिकित्सा केंद्र और आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। चिकित्सा व्यवस्था के तहत लगभग 450 चिकित्सा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा 12 एडवांस्ड कार्डियक लाइफ सपोर्ट (एसीएलएस) एंबुलेंस और तीन गोल्फ कार्ट की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जरूरतमंद प्रतिभागियों तक जल्द से जल्द सहायता पहुंचाई जा सके।
आयोजकों का कहना है कि इतने बड़े स्तर पर होने वाले आयोजन में प्रतिभागियों को सुरक्षित और सहज अनुभव उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए संबंधित सरकारी विभागों, चिकित्सा संस्थानों, यातायात पुलिस, दिल्ली मेट्रो और अन्य सहयोगी एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन के आयोजन को लेकर आयोजित जानकारी सत्र में मेट्रो ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के वरिष्ठ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट एवं सह-चिकित्सा निदेशक डॉ. समीर गुप्ता, संयुक्त प्रबंध निदेशक एवं सह-चिकित्सा निदेशक डॉ. सोनिया लाल गुप्ता और प्रोकेम इंटरनेशनल के संयुक्त प्रबंध निदेशक विवेक सिंह ने तैयारियों की जानकारी दी।
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, लंबी दूरी की दौड़ में धावकों के स्वास्थ्य, शारीरिक क्षमता और समय पर चिकित्सा सहायता का विशेष महत्व होता है। दौड़ के दौरान शरीर में पानी की कमी, थकान, मांसपेशियों में खिंचाव और हृदय संबंधी आपात स्थितियों से निपटने के लिए चिकित्सा दलों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया जाएगा।
विशेष रूप से हाफ मैराथन में भाग लेने वाले धावकों के लिए रूट पर चिकित्सा सहायता के साथ फिनिश लाइन के बाद भी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। इसके लिए आईसीयू सुविधा से युक्त मेडिकल बेस कैंप बनाया जाएगा। आयोजन स्थल पर मौजूद चिकित्सा कर्मी जरूरत के अनुसार प्राथमिक उपचार देंगे और गंभीर स्थिति में प्रतिभागियों को आगे की चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग करेंगे।
आयोजकों ने बताया कि चिकित्सा व्यवस्था को इस प्रकार तैयार किया गया है कि धावकों को किसी भी आपात स्थिति में सहायता प्राप्त करने के लिए अधिक समय तक इंतजार न करना पड़े।
इस वर्ष आयोजन के कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। ओपन 10 किलोमीटर दौड़ अब संसद मार्ग के बजाय जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से सुबह 7:35 बजे शुरू होगी। सभी दौड़ें जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से शुरू होकर इसी परिसर में समाप्त होंगी।
रूट में किए गए बदलावों और विभिन्न श्रेणियों की दौड़ों के समय को ध्यान में रखते हुए आयोजक यातायात पुलिस तथा संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे रहे हैं। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाना और दौड़ के दौरान मार्ग पर सुरक्षा तथा संचालन व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना है।
आयोजन में एलीट धावकों के साथ आम प्रतिभागी, कॉरपोरेट समूह, पुलिसकर्मी, दिव्यांग चैंपियंस और वरिष्ठ नागरिक भी शामिल होंगे। अलग-अलग श्रेणियों में आयोजित होने वाली दौड़ों के कारण सुबह से ही स्टेडियम और आसपास के क्षेत्रों में गतिविधियां तेज रहने की संभावना है।
प्रोकेम इंटरनेशनल के संयुक्त प्रबंध निदेशक विवेक सिंह ने कहा कि वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन का प्रभाव केवल खेल गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सामाजिक और आर्थिक दायरा भी व्यापक है।
उन्होंने बताया कि मिरांडा हाउस के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव अध्ययन के अनुसार, इस आयोजन का दिल्ली-एनसीआर पर 400 करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक प्रभाव पड़ा है। देश के विभिन्न हिस्सों से प्रतिभागियों और उनके परिवारों के दिल्ली पहुंचने से होटल, रेस्तरां, परिवहन, खुदरा कारोबार और अन्य सेवा क्षेत्रों को लाभ मिलता है।
बड़े खेल आयोजनों के दौरान प्रतिभागियों के साथ उनके परिजनों, सहयोगियों और अन्य आगंतुकों की आवाजाही भी स्थानीय कारोबार को गति देती है। होटल और अतिथि सत्कार से जुड़े व्यवसायों के अतिरिक्त कैब सेवाओं, खानपान, खरीदारी और अन्य सुविधाओं की मांग में भी वृद्धि होती है।
वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन इस दृष्टि से राजधानी के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन है, जो खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने के साथ दिल्ली को अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के प्रमुख केंद्र के रूप में प्रस्तुत करने में भी योगदान देता है।
आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस की ओर से व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। दिल्ली पुलिस के डिफेंस कॉलोनी के ट्रैफिक इंस्पेक्टर मधुरेंद्र कुमार ने बताया कि रेस की तैयारियां पिछले डेढ़ महीने से चल रही हैं।
उन्होंने कहा कि आयोजन के दिन कानून-व्यवस्था, धावकों की सुरक्षा और यातायात के सुचारु संचालन के लिए लगभग 200 पुलिसकर्मियों तथा 70 से 80 यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। पुलिसकर्मी आयोजन से जुड़े विभिन्न स्थानों पर व्यवस्था संभालेंगे और जरूरत के अनुसार प्रतिभागियों तथा आम लोगों को मार्ग संबंधी जानकारी उपलब्ध कराएंगे।
इतनी बड़ी संख्या में प्रतिभागियों के एक साथ सड़क पर उतरने के कारण यातायात प्रबंधन विशेष महत्व रखता है। इसके लिए रेस के निर्धारित मार्गों, प्रतिभागियों की आवाजाही और आयोजन से जुड़ी अन्य गतिविधियों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।
मधुरेंद्र कुमार के अनुसार, पुलिस आयोजन के प्रत्येक चरण में सहयोग करेगी, ताकि धावकों को सुरक्षित वातावरण मिल सके और शहर की यातायात व्यवस्था को यथासंभव सुचारु रखा जा सके।
लंबी दूरी की दौड़ में धावकों को पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए आयोजन के हाइड्रेशन पार्टनर बिसलेरी की ओर से रूट पर व्यापक व्यवस्था की गई है।
धावकों की सुविधा के लिए 12 वाटर स्टेशन, नौ री-हाइड्रेशन स्टेशन और तीन मिस्ट जोन बनाए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को दौड़ के दौरान पानी और जलयोजन संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इसके अलावा संतरे और नमक, चिक्की तथा अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए अलग-अलग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य प्रतिभागियों को दौड़ के दौरान आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना और उनके अनुभव को बेहतर बनाना है।
स्टेडियम परिसर के होल्डिंग एरिया और फिनिश लाइन पार करने के बाद भी पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। इससे दौड़ पूरी करने वाले प्रतिभागियों को आगे की गतिविधियों के दौरान पानी उपलब्ध हो सकेगा।
वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन में धावकों का उत्साह बढ़ाने के लिए रूट पर आठ चीयरिंग जोन और 12 प्रेरणा जोन बनाए जाएंगे। इन केंद्रों पर विभिन्न समूहों और संस्थाओं की ओर से गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, ताकि प्रतिभागियों को दौड़ के दौरान प्रोत्साहन मिलता रहे।
प्रेरणा जोन में प्रायोजकों के साथ नौसेना बैंड, दिल्ली ड्रमर्स सर्किल और यूथ फॉर सर्विस समूहों की भागीदारी रहेगी। इसके अलावा रूट पर रेड बुल का एक स्टेशन भी स्थापित किया जाएगा।
इन गतिविधियों के माध्यम से आयोजन के वातावरण को जीवंत बनाने और प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। स्वयंसेवक विभिन्न स्टेशनों के संचालन, धावकों को दिशा-निर्देश देने और जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बड़े पैमाने पर आयोजित होने वाली रोड रेस में दर्शकों और समर्थकों की भागीदारी भी अहम होती है। रूट पर उत्साहवर्धन की व्यवस्था से प्रतिभागियों को प्रोत्साहन मिलता है और आयोजन में सामुदायिक भागीदारी को भी बढ़ावा मिलता है।
धावकों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए मेट्रो ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स की ओर से व्यापक चिकित्सा नेटवर्क तैयार किया गया है। रूट पर 11 मेडिकल स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, जबकि फिनिश लाइन के बाद आईसीयू सुविधा से युक्त एक मेडिकल बेस कैंप बनाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त होल्डिंग एरिया में दो चिकित्सा स्टेशन और रिफ्रेशमेंट क्षेत्र के बाद एक अतिरिक्त मेडिकल स्टेशन की व्यवस्था की जाएगी। इन केंद्रों पर चिकित्सा कर्मी जरूरत के अनुसार प्राथमिक उपचार और स्वास्थ्य संबंधी सहायता उपलब्ध कराएंगे।
आयोजन के दौरान 25 मेडिकल स्पॉटर और बाइक पर नौ चिकित्सा कर्मी भी तैनात रहेंगे। इनका उद्देश्य रूट पर धावकों की स्थिति पर नजर रखना और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित चिकित्सा दल तक सूचना पहुंचाना होगा।
आपातकालीन सेवाओं के लिए 12 एसीएलएस एंबुलेंस और तीन गोल्फ कार्ट उपलब्ध रहेंगी। लगभग 450 चिकित्सा कर्मियों की तैनाती से आयोजन के दौरान अलग-अलग स्थानों पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत होगी।
डॉ. समीर गुप्ता ने कहा कि 41 हजार से अधिक धावकों की भागीदारी को देखते हुए उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि चिकित्सा टीम लगातार पांचवें वर्ष आयोजन में व्यापक व्यवस्थाओं के साथ योगदान दे रही है।
वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन 2026 में खेल के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी महत्व दिया जा रहा है। आयोजकों ने आयोजन के दौरान 100 प्रतिशत कचरा प्रबंधन का लक्ष्य रखा है। टिकाऊ आयोजन प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों के लिए इस आयोजन को विश्व एथलेटिक्स की ओर से कांस्य स्तर की मान्यता मिली है।
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) की मुख्य चिकित्सा अधिकारी (जनस्वास्थ्य) डॉ. अंकिता राय ने बताया कि परिषद प्रोकेम इंटरनेशनल के साथ मिलकर रेस से पहले, उसके दौरान और बाद में जिम्मेदार कचरा प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है।
इस पहल के तहत जैविक कचरे से खाद तैयार करना, प्लास्टिक का पुनर्चक्रण और बचे हुए पानी का पौधों की सिंचाई में दोबारा इस्तेमाल करना शामिल है। इसका उद्देश्य आयोजन से उत्पन्न होने वाले कचरे का उचित निपटान करना और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।
बड़े खेल आयोजनों में हजारों लोगों की भागीदारी के कारण पेयजल की बोतलों, खाद्य सामग्री की पैकेजिंग और अन्य वस्तुओं से कचरा उत्पन्न हो सकता है। ऐसे में कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में एकत्र करना, पुनर्चक्रण योग्य सामग्री का उचित प्रबंधन करना और जैविक कचरे का उपयोग करना महत्वपूर्ण हो जाता है।
आयोजन से जुड़े पर्यावरणीय प्रयास यह संदेश देने का भी माध्यम हैं कि खेल गतिविधियों के साथ स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाना जरूरी है।
धावकों को आयोजन स्थल तक पहुंचने में सुविधा देने और सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने के उद्देश्य से दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) की ओर से विशेष व्यवस्था की गई है।
रेस के दिन यानी रविवार, 18 अक्टूबर को पंजीकृत प्रतिभागियों को दिल्ली मेट्रो में निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए रेड, येलो, ब्लू और वायलेट लाइन पर सुबह 3:30 बजे से सेवाएं शुरू की जाएंगी।
डीएमआरसी की योजना के अनुसार, सुबह 4:15 बजे तक ट्रेनें 15 मिनट के अंतराल पर चलेंगी। इसके बाद सुबह 6 बजे तक ट्रेनों का संचालन 20 मिनट के अंतराल पर किया जाएगा। प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती भी की जाएगी, ताकि यात्रियों को आवश्यक सहायता मिल सके।
डीएमआरसी के महाप्रबंधक-कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस महेंद्र यादव ने कहा कि इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य प्रतिभागियों को समय पर आयोजन स्थल तक पहुंचाना और आसपास की सड़कों पर यातायात का दबाव कम करना है।
सुबह जल्दी शुरू होने वाली दौड़ों को देखते हुए मेट्रो सेवाओं का समय महत्वपूर्ण है। प्रतिभागियों के लिए सार्वजनिक परिवहन का उपयोग सुविधाजनक होने के साथ आयोजन क्षेत्र में निजी वाहनों की संख्या नियंत्रित करने में भी मददगार हो सकता है।
वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन 2026 के लिए विभिन्न श्रेणियों की दौड़ों का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। सबसे पहले एलीट पुरुषों की हाफ मैराथन सुबह 5:18 बजे शुरू होगी। इसके दो मिनट बाद सुबह 5:20 बजे एलीट महिलाओं की दौड़ शुरू की जाएगी।
हाफ मैराथन और पुलिस कप की शुरुआत सुबह 5:30 बजे होगी। इसके बाद दिव्यांग चैंपियंस एवं वरिष्ठ नागरिक दौड़ सुबह 6:30 बजे आयोजित की जाएगी।
ओपन 10 किलोमीटर दौड़ सुबह 7:35 बजे शुरू होगी। इसके बाद कॉरपोरेट रन सुबह 9 बजे और ग्रेट दिल्ली रन सुबह 9:05 बजे आयोजित की जाएगी।
अलग-अलग श्रेणियों में दौड़ आयोजित करने का उद्देश्य विभिन्न आयु वर्गों, पेशेवर धावकों और आम प्रतिभागियों को अपनी क्षमता के अनुसार भाग लेने का अवसर उपलब्ध कराना है।
मुख्य दौड़ से पहले वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन एक्सपो का आयोजन 15 से 17 अक्टूबर तक किया जाएगा। यह एक्सपो मुख्य आयोजन से संबंधित गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। इसके बाद रविवार, 18 अक्टूबर को मुख्य रेस आयोजित की जाएगी।
एक्सपो और मुख्य रेस के लिए की जा रही तैयारियों के तहत आयोजन से जुड़ी विभिन्न एजेंसियां समन्वय स्थापित कर रही हैं। प्रतिभागियों की सुविधा, सुरक्षा और आयोजन के सुचारु संचालन के लिए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन राजधानी में खेल और फिटनेस को प्रोत्साहित करने वाला प्रमुख आयोजन है। इसमें पेशेवर धावकों के साथ बड़ी संख्या में आम लोग भी भाग लेते हैं। इस तरह का आयोजन नियमित शारीरिक गतिविधि, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करता है।
आयोजन की व्यापक तैयारियों में चिकित्सा सेवाओं, यातायात प्रबंधन, पेयजल, स्वयंसेवकों, पुलिस और सार्वजनिक परिवहन की भूमिका महत्वपूर्ण है। वहीं पर्यावरण संरक्षण और कचरा प्रबंधन से जुड़े प्रयास इसे अधिक जिम्मेदार आयोजन बनाने की दिशा में अहम कदम हैं।
41 हजार से अधिक संभावित प्रतिभागियों के साथ इस वर्ष की वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन से राजधानी में खेल गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
आयोजन की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सभी व्यवस्थाएं आपसी समन्वय के साथ कितनी प्रभावी ढंग से संचालित होती हैं और प्रतिभागियों को सुरक्षित एवं सुचारु अनुभव किस प्रकार उपलब्ध कराया जाता है। इस तरह वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन 2026 केवल एक लंबी दूरी की दौड़ नहीं, बल्कि खेल, स्वास्थ्य, सामाजिक भागीदारी, आर्थिक गतिविधियों और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को एक मंच पर लाने वाला बड़ा आयोजन बनने जा रहा है।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।


