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- 12h ago
बागपत। बिनौली से कैड़वा, मवीकलां होते हुए ऐतिहासिक पुरामहादेव मंदिर तक जाने वाले प्रमुख सड़क मार्ग की बदहाल स्थिति और संकरापन अब ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनता जा रहा है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे होने और मार्ग के सिंगल लेन होने के कारण दो बड़े वाहनों के आमने-सामने आने पर उन्हें निकलने में भारी परेशानी होती है। दुर्घटनाओं की आशंका के बीच ग्रामीणों ने इस मार्ग के शीघ्र चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की मांग जोरदार तरीके से उठाई है। इस संबंध में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी दिव्यांशु पटेल को मांग पत्र सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की है।
ग्रामीणों द्वारा दिए गए मांग पत्र की प्रतियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों, केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी सहित क्षेत्रीय सांसद और विधायक को भी भेजी गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग केवल आसपास के गांवों को जोड़ने वाला रास्ता नहीं है, बल्कि दिल्ली की ओर जाने वाले लोगों तथा पुरामहादेव मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। ऐसे में मार्ग पर लगातार बढ़ते यातायात के बावजूद सड़क का संकरा रहना गंभीर समस्या बन गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से उठ रही है मांग
संजरपुर कैड़वा के ग्राम प्रधान देवेंद्र कुमार उर्फ देवा, बिनौली की प्रशासक रेनू धामा, दरकावदा, मवीकलां, कमाला आदि गांवों के प्रशासकों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बताया कि सड़क के चौड़ीकरण की मांग काफी समय से की जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को सड़क की स्थिति से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की चौड़ाई कम होने के साथ ही जगह-जगह गहरे गड्ढे बन चुके हैं। बरसात के बाद स्थिति और अधिक खराब हो गई है। सड़क पर सामने से आने वाले वाहनों को पास देने के लिए चालकों को सड़क से नीचे तक उतरना पड़ता है। कई स्थानों पर सड़क के किनारे पर्याप्त जगह भी नहीं है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
दिल्ली और पुरामहादेव जाने वालों के लिए महत्वपूर्ण मार्ग
ग्रामीणों के अनुसार बिनौली-कैड़वा-मवीकलां होते हुए पुरामहादेव तक जाने वाला मार्ग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। दिल्ली की ओर जाने वाले लोगों के लिए भी यह मार्ग अपेक्षाकृत सुविधाजनक और शॉर्टकट रास्ता माना जाता है। वहीं पुरामहादेव मंदिर में धार्मिक आयोजनों और पर्वों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। इसके चलते सामान्य दिनों के मुकाबले विशेष अवसरों पर सड़क पर यातायात का दबाव और अधिक बढ़ जाता है।
ग्रामीणों ने कहा कि एक ओर सड़क पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर सड़क की चौड़ाई पहले जैसी ही है। छोटे वाहनों के साथ-साथ बस, ट्रैक्टर-ट्रॉली, ट्रक और अन्य भारी वाहनों का आवागमन भी इस मार्ग पर होता है। ऐसे में संकरे मार्ग पर वाहनों को एक-दूसरे से बचाकर निकालना चालकों के लिए चुनौती बना हुआ है।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
ग्रामीणों ने दावा किया कि मार्ग की संकरी स्थिति और यातायात के दबाव के कारण पूर्व में कई सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें लोगों की जान भी जा चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि हादसों के बाद कुछ समय तक संबंधित विभाग की ओर से ध्यान दिया जाता है, लेकिन स्थायी समाधान के अभाव में समस्या फिर जस की तस हो जाती है।
उन्होंने कहा कि सड़क का चौड़ीकरण होने से न केवल यातायात सुचारु होगा, बल्कि आम लोगों को भी सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। ग्रामीणों ने सड़क को चौड़ा करने के साथ ही गड्ढों की मरम्मत, सड़क के दोनों ओर पर्याप्त पटरी और आवश्यक स्थानों पर सुरक्षा संबंधी इंतजाम किए जाने की मांग भी उठाई।
स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी
ग्रामीणों ने बताया कि संकरी सड़क के कारण सबसे अधिक परेशानी पैदल चलने वाले लोगों को होती है। स्कूली बच्चों को प्रतिदिन सड़क पार करते समय वाहनों के बीच से निकलना पड़ता है। महिलाओं और बुजुर्गों के लिए भी स्थिति चिंताजनक बनी रहती है। ग्रामीणों के अनुसार मार्ग पर कई स्थानों पर गांवों की आबादी सड़क के दोनों ओर बसी हुई है, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं।
ग्रामीणों ने मांग की कि आबादी वाले क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं तथा सड़क पर संकेतक और अन्य यातायात सुरक्षा व्यवस्था की जाए। इससे वाहनों की गति नियंत्रित करने और दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।
बस अड्डे पर यात्री शेड की भी मांग
ग्रामीणों ने सड़क चौड़ीकरण के अलावा बस अड्डों और प्रमुख ठहराव स्थलों पर यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी की। उनका कहना है कि कई स्थानों पर यात्रियों के लिए यात्री शेड नहीं हैं। गर्मी, बारिश और सर्दी के मौसम में यात्रियों को सड़क किनारे खड़े होकर वाहनों का इंतजार करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मांग की कि प्रमुख बस स्टॉप पर यात्री शेड का निर्माण कराया जाए तथा आवश्यक स्थानों पर बैठने और प्रकाश की व्यवस्था भी की जाए। इससे ग्रामीण क्षेत्र के यात्रियों, विशेषकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को राहत मिलेगी।
आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण की मांग को लेकर पहले भी कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद यदि जल्द कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो ग्रामीण आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं होने पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर जन आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि संबंधित विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजकर सड़क की वास्तविक स्थिति का सर्वे कराया जाए और चौड़ीकरण की कार्ययोजना तैयार कर जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का चौड़ीकरण केवल सुविधा का विषय नहीं, बल्कि क्षेत्र के हजारों लोगों की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। इसलिए प्रशासन को इस मामले में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारी से उम्मीद जताई कि मांग पत्र पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि सड़क का चौड़ीकरण हो जाता है तो बिनौली, कैड़वा, मवीकलां, दरकावदा, कमाला सहित आसपास के गांवों के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही दिल्ली, बागपत और पुरामहादेव की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी मार्ग अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगा।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।


