17 सितंबर से मथुरा में शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान, 5 लाख दीपों से जगमगाएंगे धार्मिक स्थल
- 10h ago
बड़ौत। जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर नेत्र रोगियों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लायंस क्लब बड़ौत चेतना द्वारा चलाया जा रहा निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर लगातार लोगों के लिए मददगार साबित हो रहा है। नगर में जिन्दल निवास पर आयोजित मासिक निशुल्क नेत्र चिकित्सा एवं ऑपरेशन शिविर में आसपास के गांवों और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नेत्र रोगी पहुंचे। शिविर में मरीजों की आंखों की निशुल्क जांच की गई और चिकित्सकीय परामर्श के साथ आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गईं। जांच के दौरान मोतियाबिंद सहित अन्य नेत्र संबंधी समस्याओं से पीड़ित मरीजों को चिन्हित किया गया।
समाचार लिखे जाने तक शिविर में 70 मरीजों की आंखों की जांच की जा चुकी थी, जबकि जांच के बाद 23 मरीजों को मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए चयनित किया गया। चयनित मरीजों के ऑपरेशन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निशुल्क कराए जाएंगे। शिविर में पहुंचे मरीजों को आंखों की देखभाल, दवाओं के नियमित सेवन और समय-समय पर आंखों की जांच कराने के संबंध में भी चिकित्सकीय सलाह दी गई।
लायंस क्लब बड़ौत चेतना के सचिव एवं व्यापारी नेता डॉ. योगेश जिंदल ने बताया कि क्लब की ओर से प्रत्येक माह की 5 तारीख को नियमित रूप से निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर आयोजित किया जाता है। शिविर में आने वाले मरीजों की आंखों की जांच निशुल्क की जाती है। जांच के दौरान ऑपरेशन की आवश्यकता पाए जाने पर मरीजों का चयन किया जाता है और उनके मोतियाबिंद के ऑपरेशन भी निशुल्क कराए जाते हैं।
उन्होंने बताया कि चयनित मरीजों के ऑपरेशन नगर के मेडिसिटी हॉस्पिटल में प्रसिद्ध नेत्र सर्जन डॉ. शस्या तोमर द्वारा निशुल्क किए जाते हैं। इस पहल के कारण आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के ऐसे मरीजों को काफी राहत मिलती है, जो आर्थिक अभाव के कारण समय पर आंखों का उपचार नहीं करा पाते।
डॉ. योगेश जिंदल ने बताया कि लायंस क्लब बड़ौत चेतना पिछले करीब सात वर्षों से लगातार निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविरों का आयोजन कर रहा है। इन वर्षों के दौरान हजारों लोगों ने शिविरों का लाभ उठाया है। अब तक करीब दो हजार से अधिक नेत्र रोगियों के आंखों के ऑपरेशन निशुल्क कराए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि आंखों की रोशनी से बढ़कर किसी व्यक्ति के जीवन में शायद ही कोई दूसरी जरूरत हो। ऐसे में जरूरतमंद लोगों की आंखों का उपचार कराकर उन्हें बेहतर जीवन की ओर लौटाना क्लब के लिए सेवा का महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा कि क्लब भविष्य में भी इस सेवा कार्य को निरंतर जारी रखेगा।
डॉ. जिंदल ने कहा कि लायंस क्लब इंटरनेशनल की प्राथमिकताओं में अंधता निवारण का विशेष स्थान है। क्लब के प्रत्येक सदस्य को अंधता निवारण के क्षेत्र में सेवा करने के लिए प्रेरित किया जाता है। उन्होंने कहा कि नेत्र सेवा को लेकर क्लब के सदस्यों में सेवा भाव और जिम्मेदारी की भावना है और इसी कारण पिछले सात वर्षों से शिविरों की यह श्रृंखला लगातार चल रही है।
निशुल्क शिविर का लाभ लेने के लिए बड़ौत नगर के अलावा आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कई ऐसे बुजुर्ग और अन्य लोग हैं, जिन्हें आंखों की समस्या लंबे समय से रहती है, लेकिन आर्थिक कारणों या जानकारी के अभाव में वे समय पर चिकित्सक से परामर्श नहीं ले पाते।
ऐसे मरीजों के लिए निशुल्क नेत्र शिविर काफी उपयोगी साबित हो रहा है। शिविर में जांच के बाद मरीजों को उनकी बीमारी के बारे में जानकारी दी जाती है और आवश्यकता के अनुसार आगे के उपचार की सलाह दी जाती है। मोतियाबिंद के ऑपरेशन की जरूरत वाले मरीजों को चिन्हित कर उनके निशुल्क ऑपरेशन की व्यवस्था की जाती है।
शिविर में आने वाले मरीजों की आंखों की जांच के दौरान उनकी दृष्टि संबंधी परेशानियों के साथ अन्य नेत्र संबंधी समस्याओं की भी जानकारी ली गई। चिकित्सकीय टीम ने मरीजों को आंखों की स्वच्छता बनाए रखने, चिकित्सक की सलाह के अनुसार दवाओं का इस्तेमाल करने तथा आंखों में किसी प्रकार की परेशानी होने पर लापरवाही नहीं बरतने की सलाह दी।
विशेषकर बुजुर्ग मरीजों को नियमित रूप से आंखों की जांच कराने के लिए प्रेरित किया गया। मरीजों को यह भी बताया गया कि आंखों से संबंधित समस्या को लंबे समय तक नजरअंदाज करने से परेशानी बढ़ सकती है, इसलिए समय पर जांच और उपचार बेहद जरूरी है।
शिविर में नेत्र रोगियों की जांच एवं व्यवस्थाओं में मेडिसिटी हॉस्पिटल की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आंखों की जांच करने वाली टीम में अंकुर गुप्ता, विदुषी, खुशी, आरजू और शालू का विशेष सहयोग रहा। टीम ने शिविर में पहुंचे मरीजों की जांच की तथा आवश्यक जानकारी चिकित्सकों तक पहुंचाई।
मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जांच के दौरान उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और आवश्यक चिकित्सकीय सलाह उपलब्ध कराई गई। ऑपरेशन के लिए चयनित मरीजों को आगे की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई।
शिविर को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने में लायंस क्लब बड़ौत चेतना के पदाधिकारियों और सदस्यों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। शिविर में ला. अंकुर जैन, ला. ललित जैन, ला. डॉ. इरफान मलिक, ला. मनोज गोयल (चांद), ला. अंकुर जिंदल, ला. सरिता जिंदल, ला. पूजा जिंदल, ला. रोबिन गोयल, कृष्णा गोयल, हर्ष सहित अन्य सदस्यों ने सहयोग किया।
क्लब सदस्यों ने मरीजों के पंजीकरण, जांच व्यवस्था और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में सहयोग करते हुए शिविर को सुचारू रूप से संचालित कराया। मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए क्लब की ओर से विशेष ध्यान दिया गया।
डॉ. योगेश जिंदल ने कहा कि निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर केवल उपचार उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज के जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की एक निरंतर पहल है। उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति की आंखों का ऑपरेशन सफल होता है और उसकी दृष्टि बेहतर होती है तो उसके जीवन में बड़ा बदलाव आता है।
उन्होंने कहा कि क्लब का प्रयास रहेगा कि भविष्य में भी प्रत्येक माह की 5 तारीख को यह शिविर नियमित रूप से आयोजित होता रहे और अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक इसका लाभ पहुंचे। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से अपील की कि जिन लोगों को आंखों से संबंधित परेशानी है, वे शिविर में पहुंचकर अपनी आंखों की जांच अवश्य कराएं।
उन्होंने कहा कि समय पर आंखों की जांच और उपचार से कई गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति की जिम्मेदारी भी है।
सात वर्षों से लगातार चल रहे इस सेवा कार्य के माध्यम से लायंस क्लब बड़ौत चेतना ने नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी सेवा की निरंतरता बनाए रखी है। अब तक दो हजार से अधिक लोगों के निशुल्क ऑपरेशन कराए जाने को क्लब की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। आने वाले समय में भी इस सेवा अभियान को जारी रखने का संकल्प लिया गया।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।


