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- 12h ago
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लालकिला मैदान में आयोजित लव-कुश रामलीला में भक्ति, संगीत और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। लोकप्रिय फिल्म हनुमान अंश से जुड़े गायक सुनील लोधी और उनकी टीम की हनुमान भजन क्लबिंग में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में रामभक्त मैदान में पहुंचे। सुनील लोधी की दमदार लाइव प्रस्तुति और साज एंड प्रखर बैंड के भक्तिमय संगीत ने पूरे रामलीला परिसर को भक्ति के रंग में रंग दिया। कार्यक्रम के दौरान हनुमान जी के जयकारों और लोकप्रिय भजनों की गूंज से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
इस विशेष आयोजन में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, सांसद एवं गायक मनोज तिवारी, सांसद बांसुरी स्वराज और फिल्म हनुमान अंश की निर्माता अनुप्रिया सहित कई विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। रामलीला के पारंपरिक मंचन के साथ आधुनिक संगीत शैली में प्रस्तुत भजनों ने दर्शकों को एक अलग अनुभव दिया।
लव-कुश रामलीला में आयोजित हनुमान भजन क्लबिंग को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह दिखाई दिया। कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही लालकिला मैदान में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। शाम ढलने के साथ ही आयोजन स्थल पर लोगों की संख्या बढ़ती गई। बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग अपने परिवारों के साथ कार्यक्रम का आनंद लेने पहुंचे।
रामभक्तों के लिए यह आयोजन केवल संगीत कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामूहिक रूप से भक्ति और आस्था से जुड़ने का अवसर भी बना। हनुमान जी के भजनों को सुनने के लिए पहुंचे लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ा, दर्शकों की भागीदारी और उत्साह भी बढ़ता गया।
लव-कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष कुमार ने बताया कि आयोजन को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से कार्यक्रम का माहौल बेहद उत्सवी हो गया। उन्होंने कहा कि रामलीला के पारंपरिक स्वरूप के साथ भक्ति संगीत के ऐसे आयोजनों से दर्शकों को एक नया अनुभव मिलता है और धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रति लोगों की भागीदारी बढ़ती है।
हनुमान भजन क्लबिंग से पहले रामलीला के मंच पर रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया गया। इसमें लंका से माता सीता के अयोध्या आगमन, अग्नि परीक्षा, हनुमान-भरत संवाद और भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक तक की लीलाओं को प्रस्तुत किया गया।
इन प्रसंगों के माध्यम से दर्शकों को रामायण की कथा के महत्वपूर्ण पड़ावों से रूबरू कराया गया। भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने और उनके राज्याभिषेक का दृश्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। मंचन के दौरान श्रद्धालुओं ने धार्मिक उत्साह के साथ लीलाओं का आनंद लिया।
इस अवसर पर सांसद बांसुरी स्वराज ने भगवान श्रीराम को तिलक लगाकर राज्याभिषेक की रस्म संपन्न की। यह दृश्य आयोजन के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा। श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ रामलीला के इस प्रसंग ने उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच उत्साह और आस्था का वातावरण बनाया।
रामलीला का यह हिस्सा पारंपरिक धार्मिक मंचन की महत्ता को दर्शाता रहा। इसके बाद कार्यक्रम का माहौल भक्ति संगीत की ओर बढ़ा और दर्शकों को हनुमान भजन क्लबिंग का इंतजार खत्म होने का अवसर मिला।
रामलीला के मंचन के बाद हनुमान भजन क्लबिंग का शुभारंभ हुआ। मशहूर एंकर काव्या कुल्हाड़ी ने लाइव कार्यक्रम की शुरुआत की और मंच पर कलाकारों का स्वागत किया। इसके बाद जैसे ही गायक सुनील लोधी मंच पर पहुंचे, पूरे मैदान में उत्साह की लहर दौड़ गई।
दर्शकों ने जय हनुमान के जयकारों के साथ उनका स्वागत किया। देखते ही देखते मैदान भक्ति संगीत के उत्सव में बदल गया। सुनील लोधी ने अपने लोकप्रिय भजनों के जरिए श्रोताओं को हनुमान भक्ति से जोड़ने का प्रयास किया। उनकी प्रस्तुति के दौरान दर्शकों ने तालियों और जयकारों के साथ उत्साह व्यक्त किया।
कार्यक्रम में उनके लोकप्रिय भजन ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ और ‘सागर नैया डार दई’ विशेष आकर्षण रहे। इन भजनों के दौरान श्रद्धालुओं ने खूब उत्साह दिखाया। कई दर्शक संगीत की लय के साथ झूमते नजर आए, जबकि पूरे मैदान में भक्ति और उल्लास का माहौल बना रहा।
सुनील लोधी ने एक के बाद एक कई लोकप्रिय भजनों की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। उनकी लाइव गायकी ने दर्शकों को लंबे समय तक बांधे रखा। हनुमान जी के प्रति श्रद्धा और भक्ति को केंद्र में रखकर प्रस्तुत किए गए भजनों ने आयोजन को खास पहचान दी।
कार्यक्रम में सुनील लोधी की प्रस्तुति के बाद चर्चित पति-पत्नी की संगीत जोड़ी साज एंड प्रखर ने अपने बैंड के साथ मंच संभाला। इस जोड़ी ने भक्ति संगीत को आधुनिक और अनूठे अंदाज में पेश किया। पारंपरिक भजनों के साथ आधुनिक संगीत संयोजन के मेल ने दर्शकों के बीच अलग ही उत्साह पैदा किया।
बैंड की प्रस्तुति के दौरान संगीत की लय और भक्ति भाव का संगम देखने को मिला। दर्शकों ने कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया और कई मौकों पर संगीत के साथ झूमते दिखाई दिए। इस प्रस्तुति ने आयोजन को केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे एक सामूहिक सांस्कृतिक उत्सव का रूप भी दिया।
साज एंड प्रखर की प्रस्तुति ने यह भी दिखाया कि भक्ति संगीत को अलग-अलग संगीत शैलियों के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सकता है। पारंपरिक आस्था और आधुनिक प्रस्तुति के इस मेल ने कार्यक्रम में मौजूद विभिन्न आयु वर्ग के लोगों को आकर्षित किया।
हनुमान भजन क्लबिंग में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, सांसद एवं गायक मनोज तिवारी और फिल्म हनुमान अंश की निर्माता अनुप्रिया सहित कई गणमान्य हस्तियां मौजूद रहीं। विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और महत्वपूर्ण बना दिया।
सांसद मनोज तिवारी स्वयं गायक भी हैं और संगीत जगत से उनका जुड़ाव रहा है। ऐसे में उनके साथ अन्य विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम के सांस्कृतिक पक्ष को भी प्रमुखता दी। आयोजन में धार्मिक आस्था, मनोरंजन और सांस्कृतिक परंपरा का मेल दिखाई दिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य रामलीला के वातावरण में भक्ति संगीत के माध्यम से दर्शकों को जोड़ना रहा। रामायण की कथाओं के मंचन के बाद हनुमान भजनों की प्रस्तुति ने आयोजन को एक निरंतर उत्सवी स्वरूप दिया।
लव-कुश रामलीला लंबे समय से दिल्ली के प्रमुख धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी पहचान रखती है। रामायण के प्रसंगों का मंचन, कलाकारों की प्रस्तुतियां और धार्मिक कार्यक्रम इसे बड़ी संख्या में दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाते हैं। इस आयोजन में हनुमान भजन क्लबिंग को शामिल किए जाने से पारंपरिक रामलीला के साथ आधुनिक मंचीय संगीत का मेल देखने को मिला।
एक ओर भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन और राज्याभिषेक जैसे प्रसंगों का मंचन हुआ, वहीं दूसरी ओर सुनील लोधी और साज एंड प्रखर ने भक्ति संगीत के जरिए दर्शकों को जोड़ा। इस तरह कार्यक्रम में धार्मिक कथा, संगीत और सामूहिक उत्सव की भावना एक साथ दिखाई दी।
ऐसे आयोजन धार्मिक परंपराओं को सार्वजनिक मंच पर प्रस्तुत करने के साथ-साथ परिवारों और अलग-अलग पीढ़ियों के लोगों को एक साथ आने का अवसर भी देते हैं। लालकिला मैदान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने आयोजन के प्रति लोगों की रुचि को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के दौरान पूरे मैदान में भजनों और जय हनुमान के जयकारों की गूंज सुनाई देती रही। सुनील लोधी की लाइव प्रस्तुति और साज एंड प्रखर बैंड के संगीत ने दर्शकों को भक्ति के माहौल में डुबोए रखा। लोगों ने परिवार और मित्रों के साथ कार्यक्रम का आनंद लिया।
रामलीला के पारंपरिक मंचन से शुरू हुआ यह आयोजन भक्ति संगीत के उत्सव में बदल गया। भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के प्रसंग और हनुमान जी के भजनों ने कार्यक्रम को धार्मिक भावभूमि प्रदान की, जबकि आधुनिक संगीत शैली ने इसे मनोरंजक और जीवंत बनाया।
कुल मिलाकर, लालकिला मैदान में आयोजित हनुमान भजन क्लबिंग लव-कुश रामलीला के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रही। सुनील लोधी की गायकी, साज एंड प्रखर बैंड की प्रस्तुति, विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी और श्रद्धालुओं के उत्साह ने आयोजन को यादगार स्वरूप दिया। पारंपरिक रामलीला और आधुनिक भक्ति संगीत के इस संगम ने पूरे मैदान को देर तक भक्तिमय वातावरण में सराबोर रखा।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।


