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- 12h ago
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के प्राचीन एवं ऐतिहासिक झण्डेवाला देवी मंदिर में रविवार को शारदीय नवरात्र महोत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। नवरात्र के पहले दिन सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हजारों भक्तों ने मां झण्डेवाली के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और अपने परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य तथा खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर सांसद बांसुरी स्वराज भी मंदिर पहुंचीं और मां भगवती के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
नवरात्र के आगमन के साथ ही मंदिर परिसर में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया। मां के जयकारों और भजन-कीर्तन से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे और मां के दर्शन कर पूजा-अर्चना में शामिल हुए।
नवरात्र के प्रथम दिन मां दुर्गा के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा की गई। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां शैलपुत्री को शक्ति, धैर्य और प्रकृति का प्रतीक माना जाता है। पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री के रूप में जन्म लेने के कारण उन्हें शैलपुत्री कहा जाता है। नवरात्र के पहले दिन उनकी आराधना का विशेष महत्व है। भक्तों ने मां से जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने की प्रार्थना की।
मंदिर में नवरात्र महोत्सव के दौरान दर्शन और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, वहीं श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कई व्यवस्थाएं की गई हैं। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, नवरात्र मेला 20 अक्टूबर तक चलेगा।
नवरात्र के दौरान मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग के लिए रानी झांसी मार्ग और फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स सहित कुल पांच स्थानों पर निःशुल्क पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, जूते रखने के लिए छह स्थानों पर जूता स्टैंड बनाए गए हैं, ताकि दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य भीड़ पर नजर रखना और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मंदिर परिसर की सजावट भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। सजाए गए परिसर में श्रद्धालु भक्ति भाव के साथ मां के दर्शन कर रहे हैं।
दर्शन के दौरान भीड़ को व्यवस्थित रखने और कतारों में सुविधा बनाए रखने के लिए लाइनों में पट्टियां बिछाई गई हैं। इससे श्रद्धालुओं को कतार में खड़े रहने में सहूलियत मिल सके। मंदिर परिसर में भक्तिमय एवं मधुर संगीत की भी व्यवस्था की गई है, जिससे पूरे वातावरण में धार्मिक उत्साह बना हुआ है।
मंदिर प्रबंधन की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे दर्शन व्यवस्था का पालन करें, कतारों में अनुशासन बनाए रखें और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का सहयोग करें। नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में बच्चों, बुजुर्गों और परिवारों के मंदिर पहुंचने को देखते हुए व्यवस्थाओं का सुचारु संचालन विशेष महत्व रखता है।
नवरात्र के पहले दिन मां झण्डेवाली की आरती सुबह चार बजे और शाम सात बजे की गई। आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने मां की आराधना की और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। जो भक्त किसी कारणवश मंदिर नहीं पहुंच सके, उनके लिए आरती का सीधा प्रसारण मंदिर के आधिकारिक यूट्यूब चैनल, फेसबुक पेज और वेबसाइट के माध्यम से किया गया।
ऑनलाइन प्रसारण की सुविधा से देश-विदेश में रहने वाले श्रद्धालु भी घर बैठे आरती से जुड़ सकते हैं। डिजिटल माध्यमों के जरिए धार्मिक आयोजनों से जुड़ने की यह सुविधा उन लोगों के लिए उपयोगी है, जो दूरी, समय या अन्य कारणों से मंदिर में उपस्थित नहीं हो पाते।
मंदिर प्रबंधन के अनुसार, मंदिर के बाहर से प्रसाद, फूल-माला अथवा अन्य वस्तुएं लाने की अनुमति नहीं है। हालांकि, दर्शन के बाद निकासी द्वार पर प्रत्येक श्रद्धालु को मां के भंडारे का प्रसाद वितरित किया जाता है। इससे भक्त मां का आशीर्वाद लेकर प्रसाद ग्रहण करते हुए मंदिर से विदा होते हैं।
मंदिर के मुख्य प्रांगण में विभिन्न कीर्तन मंडलियों द्वारा मां भगवती का गुणगान किया जा रहा है। भजन-कीर्तन और मां के जयकारों से मंदिर का वातावरण लगातार भक्तिमय बना हुआ है। श्रद्धालु धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होकर मां के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त कर रहे हैं।
नवरात्र का पर्व भारतीय धार्मिक परंपरा में विशेष स्थान रखता है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। भक्त उपवास, पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से देवी की आराधना करते हैं। झण्डेवाला देवी मंदिर में भी नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर मां का आशीर्वाद लेते हैं।
पहले दिन उमड़ी भीड़ ने मंदिर में नवरात्र महोत्सव के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह को दर्शाया। परिवारों के साथ पहुंचे भक्तों ने पूजा-अर्चना की और अपने जीवन में सुख-शांति तथा मंगल की कामना की।
नवरात्र के दौरान भारी भीड़ और लगातार आवाजाही को ध्यान में रखते हुए मंदिर का चिकित्सा विभाग भी सक्रिय है। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए दक्ष चिकित्सकों के माध्यम से 24 घंटे निःशुल्क चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने के कारण स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में चिकित्सा सहायता की व्यवस्था से जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल मदद मिल सकती है। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और लंबे समय तक कतारों में खड़े रहने वाले लोगों के लिए यह सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है।
मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दर्शन, सुरक्षा, पार्किंग और चिकित्सा से संबंधित व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखने पर जोर दिया है।
मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन दर्शन बुकिंग की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, भक्त मंदिर की वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्शन के लिए बुकिंग कर सकते हैं। निर्धारित समय पर बुकिंग कराने वाले श्रद्धालुओं को विशेष प्रवेश द्वार से मंदिर में प्रवेश की सुविधा दी जाएगी।
ऑनलाइन बुकिंग का उद्देश्य दर्शन व्यवस्था को बेहतर बनाना और श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करना है। भक्तों को सलाह दी जाती है कि वे बुकिंग से संबंधित नियम, निर्धारित समय और प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी मंदिर के आधिकारिक माध्यमों से प्राप्त कर लें, ताकि मंदिर पहुंचने पर उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इसके अतिरिक्त, मंदिर परिसर में खोया-पाया विभाग भी कार्यरत है। यह विभाग बिछड़े हुए परिजनों को मिलाने तथा खोई हुई या मिली हुई वस्तुओं के संबंध में सहायता उपलब्ध कराता है। भीड़भाड़ वाले धार्मिक आयोजनों में यह व्यवस्था श्रद्धालुओं, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के साथ आने वाले परिवारों के लिए महत्वपूर्ण होती है।
झण्डेवाला देवी मंदिर में शारदीय नवरात्र महोत्सव के पहले दिन से ही श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी मौजूदगी देखने को मिली। सुबह चार बजे पट खुलने के साथ शुरू हुआ दर्शन का सिलसिला दिनभर जारी रहा। मां के जयकारों, पूजा-अर्चना, आरती और कीर्तन से मंदिर परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
मंदिर प्रबंधन ने नवरात्र महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन, सुरक्षित वातावरण और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। निःशुल्क पार्किंग, जूता स्टैंड, सीसीटीवी निगरानी, चिकित्सा सेवाएं, ऑनलाइन दर्शन बुकिंग और खोया-पाया विभाग जैसी सुविधाओं के माध्यम से भक्तों की यात्रा को सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया गया है।
नवरात्र मेला 20 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की संभावना है। भक्त मां झण्डेवाली के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की कामना करेंगे। पहले दिन मंदिर में उमड़ी भीड़ के बीच भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का वातावरण पूरे परिसर में देखने को मिला।
संपादकीय तथ्य-जांच नोट: प्रकाशन से पहले वर्ष 2026 में नवरात्र की तारीखों, रविवार की तिथि, मेले की अंतिम तारीख, सांसद बांसुरी स्वराज की उपस्थिति और मंदिर की आधिकारिक बुकिंग व्यवस्था की पुष्टि कर लें। पार्किंग स्थलों की कुल संख्या भी मंदिर प्रबंधन से सत्यापित करना उचित होगा।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।


