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- 12h ago
नई दिल्ली। राजधानी के प्राचीन एवं ऐतिहासिक झंडेवाला देवी मंदिर में वासंतिक नवरात्र महोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। गुरुवार 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक चलने वाले नवरात्र महोत्सव के दौरान मंदिर में मां झंडेवाली देवी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। नवरात्र के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से भक्त मंदिर पहुंचकर मां के दर्शन करते हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य, शांति एवं मंगल की कामना करते हैं।
नवरात्र महोत्सव को देखते हुए मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुचारू दर्शन व्यवस्था के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही, प्रवेश-निकास, सुरक्षा, प्रसाद वितरण, भंडारा, साफ-सफाई और भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष व्यवस्था की गई है।
मंदिर समिति के प्रबंधक रविन्द्र गोयल ने बताया कि इस बार श्रद्धालुओं की मांग और अनुरोध को ध्यान में रखते हुए मंदिर समिति की ओर से खेत्री पूजन की सामग्री उपलब्ध कराने की विशेष व्यवस्था की गई है। जो भक्त नवरात्र के दौरान अपने घर में विधि-विधान से खेत्री पूजन करना चाहते हैं, उन्हें मंदिर समिति की ओर से आवश्यक पूजन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि नवरात्र में खेत्री पूजन का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। अनेक श्रद्धालु नवरात्र के प्रथम दिन घर में खेत्री स्थापित कर नौ दिनों तक उसकी पूजा करते हैं। मंदिर समिति की ओर से इस व्यवस्था का उद्देश्य श्रद्धालुओं को आवश्यक सामग्री सहज रूप से उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार पूजन कर सकें।
इस बार भक्तों के लिए अखंड ज्योति को लेकर भी विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर समिति के प्रबंधक ने बताया कि जो श्रद्धालु मंदिर में प्रज्वलित अखंड ज्योति से अपने घर के लिए ज्योति ले जाना चाहते हैं, वे मंदिर में जल रही अखंड ज्योति से अपनी ज्योति प्रज्वलित कर घर ले जा सकते हैं।
मंदिर प्रशासन की इस व्यवस्था से उन श्रद्धालुओं को विशेष सुविधा मिलेगी जो नवरात्र के दौरान अपने घर में भी मां की ज्योति प्रज्वलित रखना चाहते हैं। नवरात्र के नौ दिनों में अखंड ज्योति को श्रद्धा और आध्यात्मिक साधना का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
नवरात्र महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने करीब एक महीने पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी थीं। लगातार बैठकें आयोजित कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है। मंदिर समिति के पदाधिकारी अलग-अलग व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं, ताकि नवरात्र के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
भीड़ को व्यवस्थित रखने, श्रद्धालुओं को निर्धारित मार्ग से मंदिर तक पहुंचाने, दर्शन के बाद सुरक्षित निकासी कराने तथा परिसर में अनुशासन बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं को कम से कम समय में व्यवस्थित तरीके से मां के दर्शन हो सकें।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर में प्रवेश के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं। रानी झांसी मार्ग, देशबंधु गुप्ता मार्ग और वरुणालय की ओर से श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए प्रवेश कर सकेंगे।
मंदिर के अंदर दर्शन करने के बाद श्रद्धालुओं को निर्धारित निकासी द्वार से बाहर निकाला जाएगा। इससे प्रवेश और निकासी की व्यवस्था अलग-अलग रहने के कारण भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे निर्धारित मार्गों और सुरक्षा व्यवस्था का पालन करें तथा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से विशेष रूप से अपील की है कि वे दर्शन के लिए आते समय बाहर से किसी प्रकार की वस्तु या प्रसाद लेकर मंदिर परिसर में न आएं। मंदिर में बाहर से प्रसाद चढ़ाने की व्यवस्था नहीं है।
दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को मंदिर की ओर से मां के भंडारे का प्रसाद प्रदान किया जाएगा। इस व्यवस्था से मंदिर परिसर में अनावश्यक भीड़ और सामान के आवागमन को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करें और मंदिर की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में सहयोग दें।
नवरात्र महोत्सव को लेकर मंदिर परिसर के अंदर और बाहर भव्य सजावट की गई है। रंग-बिरंगी रोशनी, आकर्षक सजावटी व्यवस्था और धार्मिक वातावरण श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन रहा है। नवरात्र के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति और आध्यात्मिकता का विशेष वातावरण देखने को मिलेगा।
मंदिर को आकर्षक रूप देने के साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है। नवरात्र के दिनों में मंदिर परिसर में लगातार भक्तों की आवाजाही रहने के कारण साफ-सफाई और व्यवस्थाओं पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
नवरात्र शुरू होने से करीब तीन दिन पहले से ही विभिन्न स्थानों के मंदिरों से श्रद्धालु और भक्तजन झंडेवाला देवी मंदिर में ज्योति लेने के लिए पहुंचने लगते हैं। मंदिर समिति की ओर से इन श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन और प्रसाद आदि की भी व्यवस्था की जाती है।
दूसरे स्थानों से आने वाले भक्तों के लिए यह व्यवस्था नवरात्र के धार्मिक आयोजन की व्यापकता को दर्शाती है। श्रद्धालु यहां से ज्योति लेकर अपने-अपने क्षेत्रों और मंदिरों में धार्मिक परंपराओं के अनुसार उसे स्थापित करते हैं।
नवरात्र के दौरान मंदिर में प्रतिदिन मां की विशेष आरती की जाएगी। मंदिर समिति के अनुसार प्रातः चार बजे और शाम सात बजे आरती का आयोजन होगा। आरती के समय मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
इसके अलावा सुबह से शाम तक विभिन्न कीर्तन मंडलियां मंदिर भवन के प्रांगण में मां का गुणगान करेंगी। भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों से पूरे नवरात्र मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहेगा।
जो श्रद्धालु किसी कारणवश मंदिर में उपस्थित नहीं हो पाएंगे, उनके लिए भी मंदिर प्रशासन की ओर से धार्मिक कार्यक्रमों को देखने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मंदिर में होने वाले प्रमुख कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण यूट्यूब और फेसबुक के माध्यम से किया जाएगा।
इससे देश-विदेश में रहने वाले श्रद्धालु भी मां झंडेवाली देवी के नवरात्र महोत्सव से ऑनलाइन जुड़ सकेंगे। डिजिटल माध्यम से धार्मिक कार्यक्रमों का प्रसारण उन भक्तों के लिए भी उपयोगी होगा जो यात्रा करने में असमर्थ हैं।
नवरात्र महोत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर और उसके आसपास करीब 300 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के माध्यम से मंदिर के अंदर और बाहर होने वाली गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी।
मंदिर के सुरक्षा कर्मियों के साथ पुलिस बल भी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहेगा। भीड़ वाले स्थानों, प्रवेश एवं निकासी मार्गों तथा मंदिर के आसपास के क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को सक्रिय रखा जाएगा।
मंदिर समिति ने नवरात्र के दौरान मंदिर आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य और अनुशासन बनाए रखें। भीड़ अधिक होने की स्थिति में धक्का-मुक्की से बचें और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें। मंदिर परिसर में स्वच्छता बनाए रखना और निर्धारित प्रवेश-निकास मार्गों का इस्तेमाल करना भी श्रद्धालुओं की जिम्मेदारी होगी।
नवरात्र महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से जुड़ा अवसर भी है। ऐसे में मंदिर प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के मां के दर्शन कर सकें और शांतिपूर्ण वातावरण में पूजा-अर्चना कर सकें।
नवरात्र के दस दिनों के दौरान झंडेवाला देवी मंदिर में भक्ति, पूजा, आरती, भजन-कीर्तन और धार्मिक गतिविधियों का सिलसिला जारी रहेगा। खेत्री पूजन सामग्री और अखंड ज्योति की विशेष व्यवस्था इस बार श्रद्धालुओं के लिए अतिरिक्त सुविधा के रूप में महत्वपूर्ण रहेगी। वहीं सुरक्षा के लिए सीसीटीवी निगरानी, पुलिस व्यवस्था, अलग-अलग प्रवेश मार्ग और निर्धारित निकासी व्यवस्था के जरिए महोत्सव को व्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाने की तैयारी की गई है।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।


