यूपी के सभी 75 जिलों में बनेंगे सरदार पटेल स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन, युवाओं को एक ही छत के नीचे मिलेगा प्रशिक्षण और रोजगार: सीएम योगी
- 12h ago
नई दिल्ली। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने चिकित्सा क्षेत्र से अपने पुराने जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि एक शिक्षक के लिए इससे अधिक संतोष की बात और क्या हो सकती है कि उसके पढ़ाए हुए विद्यार्थी अपने-अपने क्षेत्र में सफलता हासिल करें और समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान दें।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर जम्मू से जुड़े और दिल्ली में रह रहे पूर्व मेडिकल छात्रों के एक समूह के लिए विशेष भोज एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उनके पूर्व विद्यार्थी एकत्र हुए। इनमें से अधिकांश गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, जम्मू के पूर्व छात्र रहे हैं और कई ऐसे चिकित्सक भी शामिल थे, जिन्होंने उस समय डॉ. जितेंद्र सिंह से शिक्षा प्राप्त की थी, जब वह चिकित्सा एवं मधुमेह के प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।
कार्यक्रम का माहौल औपचारिकता से अधिक एक आत्मीय पुनर्मिलन जैसा रहा। लंबे समय बाद अपने पूर्व शिक्षक से मिलने पहुंचे डॉक्टरों ने अपने छात्र जीवन की यादें साझा कीं और अपने पेशेवर सफर के बारे में भी बातचीत की।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाने से पहले गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, जम्मू में अपने लंबे शैक्षणिक एवं चिकित्सकीय जुड़ाव को याद किया। उन्होंने कहा कि अपने पूर्व छात्रों से मिलना और यह देखना बेहद सुखद अनुभव है कि उन्होंने अपने पेशेवर जीवन में उल्लेखनीय प्रगति की है।
उन्होंने कहा कि जब कोई शिक्षक अपने विद्यार्थियों को आगे बढ़ते हुए देखता है, उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालते हुए देखता है और समाज की सेवा करते हुए पाता है, तो यह उसके लिए सबसे संतोषजनक क्षणों में से एक होता है।
पूर्व छात्रों ने भी डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ बिताए अपने शैक्षणिक दिनों को याद किया। कई डॉक्टरों ने अपनी कक्षाओं, कॉलेज के दिनों और उस समय मिले मार्गदर्शन से जुड़ी स्मृतियां साझा कीं। इन संस्मरणों ने कार्यक्रम को भावनात्मक और आत्मीय बना दिया।
इस पुनर्मिलन में शामिल पूर्व छात्रों ने चिकित्सा के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है। कोई चिकित्सकीय सेवाओं में सक्रिय है तो कोई मेडिकल शिक्षा, शोध, अस्पताल प्रशासन या सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा के क्षेत्र में जिम्मेदार पदों पर कार्य कर रहा है।
पूर्व छात्रों की विशेषज्ञताओं में चिकित्सा, तंत्रिका विज्ञान, श्वसन चिकित्सा, कैंसर विज्ञान, मनोचिकित्सा, औषध विज्ञान, बाल रोग, पाचन तंत्र विज्ञान, यकृत विज्ञान, रेडियोलॉजी, नेत्र विज्ञान, प्लास्टिक सर्जरी और अस्पताल प्रशासन जैसे अनेक क्षेत्र शामिल रहे।
इन चिकित्सकों में कई दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों के प्रमुख अस्पतालों एवं चिकित्सा संस्थानों में वरिष्ठ क्लिनिकल, अकादमिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।
कार्यक्रम में शामिल पूर्व छात्रों में लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर डॉ. शेख यासिर इस्लाम, नोएडा में निजी चिकित्सा सेवाएं देने वाली डॉ. सुम्बुल एरम, आरएमएल अस्पताल की चिकित्सा विभाग की प्रोफेसर डॉ. सुजाता थापा और इसी अस्पताल की सहायक प्रोफेसर डॉ. पद्मा लाहडोल शामिल रहीं।
लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के तंत्रिका विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अखिल भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। मैक्स अस्पताल, नोएडा के कैंसर विशेषज्ञ डॉ. अतुल, जीआईएमएस की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. एकता अरोड़ा, रोहतक में श्वसन चिकित्सा के प्रोफेसर डॉ. संजय फोतेदार और मेवात स्थित एसएचकेएम सरकारी मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. शिखा महाजन ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
वसंत कुंज स्थित इंडियन स्पाइनल इंजरीज सेंटर की प्लास्टिक सर्जन डॉ. हीना कुडयार तथा गुरुग्राम के विभिन्न डायग्नोस्टिक सेंटरों से जुड़ी पैथोलॉजिस्ट डॉ. हिमानी कुडयार भी इस अवसर पर उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में बीएलके अस्पताल के मेडिकल निदेशक एवं सर्जिकल कैंसर विशेषज्ञ डॉ. अश्वनी, एआईआईएमएस में मनोचिकित्सा के प्रोफेसर डॉ. गगन, आर्मी मेडिकल कॉलेज, दिल्ली में औषध विज्ञान की प्रोफेसर डॉ. नेवी गुप्ता भी मौजूद थीं।
अपोलो हॉस्पिटल्स, गुरुग्राम में वरिष्ठ परामर्शदाता तथा बाल रोग, पाचन तंत्र विज्ञान, यकृत विज्ञान एवं यकृत प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉ. शिवानी देसवाल ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
इसके अलावा महाजन डायग्नोस्टिक सेंटर, नूह और प्रारंभ एमआरआई, गुरुग्राम से जुड़े चीफ रेडियोलॉजिस्ट एवं निदेशक डॉ. आशीष महाजन, मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, वैशाली की नेत्र चिकित्सा विशेषज्ञ एवं निदेशक डॉ. रिंकी आनंद गुप्ता, भारत सरकार के वित्त मंत्रालय से जुड़े डॉ. अभिषेक चंद्र गुप्ता, एआईआईएमएस के अस्पताल प्रशासन से जुड़े डॉ. अंकुश शर्मा, डॉ. एस. पी. ब्योत्रा और मेदांता हॉस्पिटल से जुड़ी वरिष्ठ तंत्रिका तंत्र विशेषज्ञ डॉ. नमिता कौल भी उपस्थित रहीं।
भोज के दौरान पूर्व छात्रों ने गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, जम्मू में बिताए अपने छात्र जीवन की यादों को साझा किया। उन्होंने डॉ. जितेंद्र सिंह की कक्षाओं और उस दौर में मिले शैक्षणिक मार्गदर्शन को याद किया।
कई वर्षों बाद एक साथ जुटे इन चिकित्सकों के लिए यह अवसर अपने पुराने साथियों से मिलने का भी रहा। बातचीत के दौरान मेडिकल कॉलेज के दिनों से जुड़ी पुरानी घटनाओं, शिक्षकों, सहपाठियों और उस समय के शैक्षणिक माहौल की यादें ताजा हुईं।
पूर्व छात्रों ने कहा कि कॉलेज में मिली मजबूत शैक्षणिक नींव ने उनके आगे के पेशेवर जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अपने शिक्षक के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन ने उन्हें चिकित्सा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, जम्मू से शिक्षा प्राप्त करने वाले इन पूर्व छात्रों ने अपने करियर में अलग-अलग रास्ते चुने। कुछ विशेषज्ञ चिकित्सक बने, कुछ मेडिकल कॉलेजों में अध्यापन और शोध से जुड़े, जबकि कुछ ने अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।
इस तरह इन पूर्व छात्रों का योगदान केवल क्लिनिकल चिकित्सा तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने मेडिकल शिक्षा, विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं, प्रशासन, शोध और स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन के क्षेत्र में भी अपनी सेवाएं दीं।
दिल्ली-एनसीआर तथा आसपास के क्षेत्रों के प्रमुख अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों में उनकी मौजूदगी यह दर्शाती है कि जम्मू के मेडिकल कॉलेज से प्राप्त शिक्षा ने उन्हें देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी पेशेवर पहचान बनाने का आधार दिया।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि शिक्षक के लिए अपने विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ते हुए देखना सबसे संतोषजनक अनुभवों में से एक है। जब विद्यार्थी अपने क्षेत्र में ऊंचे पदों पर पहुंचता है और समाज के लिए उपयोगी कार्य करता है, तो शिक्षक को अपनी भूमिका की सार्थकता महसूस होती है।
उन्होंने अपने पूर्व छात्रों की उपलब्धियों और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में उनके निरंतर योगदान पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि चिकित्सा पेशा केवल रोजगार या करियर का माध्यम नहीं है, बल्कि इसमें लोगों के जीवन को बेहतर बनाने और समाज की सेवा करने की बड़ी जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है।
कार्यक्रम में एक ओर जहां पूर्व छात्रों ने अपने कॉलेज जीवन की यादों को ताजा किया, वहीं दूसरी ओर उन्होंने अपनी वर्तमान पेशेवर उपलब्धियों और अनुभवों को भी साझा किया। इस दौरान चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे बदलावों, विशेषज्ञ सेवाओं, स्वास्थ्य संस्थानों और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े विषयों पर भी अनौपचारिक चर्चा हुई।
भोज का आयोजन इस मायने में भी खास रहा कि इसमें एक ही संस्थान से जुड़े डॉक्टरों की अलग-अलग पीढ़ियां और विशेषज्ञताएं एक मंच पर नजर आईं। सभी ने अपने पुराने शिक्षक के साथ बिताए समय को याद किया और अपने वर्तमान पेशेवर जीवन की यात्रा साझा की।
गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, जम्मू इन चिकित्सकों के लिए केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं रहा, बल्कि उनके पेशेवर जीवन की नींव रखने वाला महत्वपूर्ण पड़ाव रहा है। कॉलेज में मिली शिक्षा और प्रशिक्षण के बाद इन डॉक्टरों ने देश के अलग-अलग हिस्सों में सेवाएं दीं और अब कई प्रतिष्ठित संस्थानों में वरिष्ठ जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।
डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ यह मुलाकात इस पुरानी शैक्षणिक कड़ी को फिर से जोड़ने का अवसर बनी। कार्यक्रम में मौजूद चिकित्सकों ने अपने शिक्षक के प्रति सम्मान और पुराने संबंधों की गर्माहट को साझा किया।
डॉ. जितेंद्र सिंह के आवास पर आयोजित यह भोज महज एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच वर्षों पुराने संबंधों का आत्मीय पुनर्मिलन बन गया। एक तरफ सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे डॉ. जितेंद्र सिंह अपने पुराने चिकित्सा जीवन को याद करते नजर आए, वहीं दूसरी तरफ उनके पूर्व छात्र अपने सफल पेशेवर सफर की कहानियां लेकर उनके सामने मौजूद थे।
मेडिकल कॉलेज की कक्षाओं से शुरू हुई यह यात्रा आज देश के प्रमुख अस्पतालों, मेडिकल संस्थानों और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच चुकी है। पूर्व छात्रों की उपलब्धियों को देखकर डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि विद्यार्थियों की सफलता ही किसी शिक्षक के लिए सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक होती है।
इस आत्मीय मुलाकात ने यह भी दिखाया कि समय और जिम्मेदारियां बदल जाने के बावजूद एक शिक्षक और उसके विद्यार्थियों के बीच बना संबंध वर्षों बाद भी उतना ही मजबूत और सम्मानपूर्ण रह सकता है।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।


