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- 12h ago
नई दिल्ली। हाथों में अखंड ज्योति, जुबां पर मां के जयकारे और कदम-कदम पर झलकती श्रद्धा। कोई ढोल की थाप पर झूमता नजर आता है, तो कोई भजन गाते हुए मां के दरबार की ओर बढ़ता है। वातावरण में गूंजते ‘जय माता दी’ के जयकारे और भक्तों के चेहरों पर दिखाई देता उत्साह राजधानी के प्रसिद्ध झंडेवालान देवी मंदिर में नवरात्र से पहले ही भक्तिमय माहौल बना रहे हैं। मां झंडेवाली के प्रति अटूट विश्वास और अखंड ज्योति लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ते श्रद्धालुओं की टोली धार्मिक आस्था और भारतीय संस्कृति की जीवंत तस्वीर पेश कर रही है।
नवरात्र शुरू होने से तीन दिन पहले से ही विभिन्न स्थानों के मंदिरों से श्रद्धालु मां की अखंड ज्योति लेने के लिए झंडेवालान मंदिर पहुंचने लगे हैं। यहां से ज्योति लेकर जाने वाले भक्तों के लिए मंदिर प्रशासन की ओर से ठहरने, भोजन-प्रसाद और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर परिसर में तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है।
मां की ज्योति लेकर निकलने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, समर्पण और पारिवारिक परंपरा से जुड़ा विशेष अवसर है। कई श्रद्धालु मां से परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करते हुए ज्योति लेकर अपने क्षेत्र के मंदिरों तक पहुंचते हैं। रास्ते में भजन-कीर्तन, ढोल की थाप और सामूहिक जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठता है।
झंडेवालान देवी मंदिर दिल्ली के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। नवरात्र के दौरान यहां श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। मंदिर में दर्शन करने पहुंचने वाले भक्तों के साथ ही अखंड ज्योति लेने आने वाले श्रद्धालुओं की भी विशेष उपस्थिति रहती है। मां के प्रति श्रद्धा का भाव उनके भजनों, जयकारों और सामूहिक धार्मिक गतिविधियों में स्पष्ट दिखाई देता है।
अखंड ज्योति लेकर निकलने वाली टोलियों में बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी शामिल होते हैं। कोई ज्योति को पूरी श्रद्धा के साथ संभालकर चलता है, तो कोई मां के भजन गाते हुए दूसरे श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाता है। ढोल की थाप पर थिरकते कदम और एक साथ गूंजते जयकारे इस धार्मिक आयोजन की रौनक को और बढ़ा देते हैं।
श्रद्धालुओं के लिए मां की ज्योति घर या स्थानीय मंदिर तक ले जाना एक पवित्र जिम्मेदारी की तरह होता है। इसे पूरी श्रद्धा के साथ सुरक्षित रखते हुए निर्धारित स्थान तक पहुंचाया जाता है। इस दौरान भक्त मां के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हैं और नवरात्र में पूजा-अर्चना की तैयारियों को भी आगे बढ़ाते हैं।
महानगर की तेज रफ्तार जिंदगी के बीच ऐसे धार्मिक आयोजन लोगों को कुछ समय के लिए सामूहिक आस्था और आध्यात्मिक वातावरण से जोड़ते हैं। यहां भक्ति का उत्साह किसी एक आयु वर्ग तक सीमित नहीं रहता, बल्कि अलग-अलग पीढ़ियों के लोग एक साथ मां की आराधना में शामिल होते हैं।
भारतीय धार्मिक परंपरा में ज्योति को प्रकाश, शुभता और आध्यात्मिक विश्वास का प्रतीक माना जाता है। देवी आराधना के दौरान अखंड ज्योति प्रज्वलित करने और उसे पूरी श्रद्धा के साथ बनाए रखने की परंपरा का विशेष महत्व है। भक्त इसे मां के प्रति अपने समर्पण और विश्वास से जोड़कर देखते हैं।
झंडेवालान मंदिर से ज्योति लेकर निकलने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह अनुभव भावनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण होता है। कई परिवारों में पीढ़ियों से नवरात्र के दौरान मां की पूजा करने और ज्योति लाने की परंपरा चली आ रही है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से धार्मिक मान्यताएं और सांस्कृतिक परंपराएं नई पीढ़ी तक पहुंचती हैं।
सामूहिक रूप से भजन गाना, जयकारे लगाना और एक-दूसरे की सहायता करना भी इस धार्मिक यात्रा का हिस्सा बन जाता है। भक्तों के बीच आपसी सहयोग और उत्साह का माहौल दिखाई देता है। यही वजह है कि अखंड ज्योति की यात्रा श्रद्धालुओं के लिए पूजा-अर्चना से आगे बढ़कर सामूहिक आस्था का उत्सव बन जाती है।
नवरात्र के दौरान दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मां झंडेवाली के दर्शन के लिए पहुंचने की उम्मीद है। भक्त मंदिर में शीश नवाकर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना करेंगे। नवरात्र के दिनों में मंदिर में सुबह से शाम तक धार्मिक गतिविधियां जारी रहेंगी।
श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर के अंदर और बाहर सजावट की गई है। मां के दरबार को आकर्षक रूप देने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। मंदिर परिसर में आने वाले भक्तों को दर्शन करने में सुविधा हो, इसके लिए व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखने पर जोर दिया गया है।
नवरात्र के दौरान मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ पूजा सामग्री, प्रसाद और अन्य धार्मिक गतिविधियों से जुड़े लोगों की भी व्यस्तता बढ़ जाती है। ऐसे में मंदिर प्रशासन के लिए दर्शन व्यवस्था के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और स्वच्छता बनाए रखना भी महत्वपूर्ण होता है।
झंडेवालान मंदिर में भी इन व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए तैयारियां पूरी किए जाने की जानकारी दी गई है। प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को मां के दर्शन के दौरान अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हों।
नवरात्र महोत्सव के दौरान प्रतिदिन सुबह चार बजे और शाम सात बजे मां की आरती की जाएगी। आरती में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। मंदिर में दिनभर मां के दर्शन और पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी रहेगा।
सुबह की आरती के समय मंदिर परिसर में विशेष भक्तिमय वातावरण रहेगा। वहीं, शाम की आरती के दौरान भी श्रद्धालु मां के जयकारों और भजनों के बीच अपनी श्रद्धा व्यक्त करेंगे। मंदिर भवन परिसर में विभिन्न कीर्तन मंडलियों की ओर से भजन-कीर्तन आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से मां का गुणगान किया जाएगा।
इन धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होकर श्रद्धालु आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव कर सकेंगे। जो भक्त किसी कारणवश मंदिर नहीं पहुंच पाएंगे, उनके लिए मंदिर प्रशासन की ओर से प्रमुख कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण यूट्यूब और फेसबुक चैनलों पर किए जाने की व्यवस्था भी बताई गई है।
इस सुविधा के माध्यम से दिल्ली से बाहर रहने वाले भक्त और घर पर रहकर पूजा करने वाले श्रद्धालु भी आरती तथा अन्य प्रमुख आयोजनों से जुड़ सकेंगे। डिजिटल माध्यमों से धार्मिक कार्यक्रमों का प्रसारण मंदिर और श्रद्धालुओं के बीच संपर्क बनाए रखने का एक महत्वपूर्ण साधन बन गया है।
नवरात्र महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी की व्यवस्था की गई है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था के तहत 300 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनके माध्यम से परिसर में आने-जाने वाले लोगों और भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
मंदिर के सुरक्षा कर्मियों के साथ पुलिस भी निगरानी रखेगी। श्रद्धालुओं की अधिक आवाजाही वाले स्थानों पर व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। भीड़ के दौरान दर्शन के लिए आने वाले लोगों को कतारबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना और प्रवेश तथा निकास व्यवस्था सुचारु रखना भी महत्वपूर्ण रहेगा।
नवरात्र के अवसर पर बड़ी संख्या में परिवार मंदिर पहुंचते हैं। ऐसे में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की सुविधा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के प्रभावी इंतजामों से श्रद्धालुओं को दर्शन करने में सुविधा मिल सकती है।
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भी व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है, ताकि सभी भक्त शांतिपूर्ण वातावरण में मां के दर्शन कर सकें।
मंदिर के न्यासी एवं अतिरिक्त प्रबंधक रवींद्र गोयल ने बताया कि नवरात्र महोत्सव को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उनके अनुसार, भक्तों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया गया है। नवरात्र के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की संभावना को देखते हुए दर्शन, सुरक्षा और अन्य प्रबंधों को व्यवस्थित रखने का प्रयास किया गया है।
मंदिर प्रशासन की ओर से ज्योति लेने आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने और भोजन-प्रसाद की व्यवस्था भी की गई है। इससे दूर-दराज से आने वाले भक्तों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या और धार्मिक आयोजनों की व्यस्तता को देखते हुए मंदिर प्रशासन के सामने व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी। श्रद्धालुओं के सहयोग और सुरक्षा इंतजामों के बीच महोत्सव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की तैयारी की गई है।
झंडेवालान देवी मंदिर में नवरात्र से पहले दिखाई दे रही धार्मिक गतिविधियां भारतीय संस्कृति में देवी आराधना के महत्व को दर्शाती हैं। अखंड ज्योति लेकर निकलते श्रद्धालु, मां के जयकारे, ढोल की थाप और भजन-कीर्तन का वातावरण भक्तों के उत्साह को बढ़ा रहा है।
नवरात्र केवल पूजा-अर्चना का पर्व नहीं, बल्कि परिवारों और समुदायों को एक साथ जोड़ने का अवसर भी है। इस दौरान लोग अपनी धार्मिक परंपराओं का पालन करते हैं, मंदिरों में दर्शन करते हैं और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।
झंडेवालान मंदिर में मां की ज्योति लेने पहुंच रहे श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह इसी परंपरा का हिस्सा है। नवरात्र महोत्सव के दौरान मंदिर में होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों और आरती में बड़ी संख्या में भक्तों के शामिल होने की उम्मीद है।
मां के जयकारों के बीच अखंड ज्योति लेकर आगे बढ़ते श्रद्धालुओं का उत्साह यही संदेश देता है कि आस्था, विश्वास और परंपरा आज भी लोगों के जीवन में विशेष स्थान रखते हैं। नवरात्र के स्वागत में झंडेवालान मंदिर भक्तिमय माहौल से सराबोर है और श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए उत्सुक हैं।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।


