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- 12h ago
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर बुधवार को देशभर में भारतीय जनता पार्टी की ओर से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में ‘विकसित भारत संकल्प सभा–सेवा ज्योति यात्रा’ कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 25 वर्षों के सार्वजनिक और प्रशासनिक जीवन के लिए बधाई दी और उनके राजनीतिक सफर को संघर्ष, समर्पण, सेवा और राष्ट्र प्रथम की भावना से जुड़ा बताया।
नितिन नबीन ने कहा कि 7 अक्टूबर का दिन भारतीयों और भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए विशेष महत्व रखता है। उनके मुताबिक यह अवसर उस यात्रा को देखने का है, जो 25 वर्ष पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुई और बाद में देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुंची।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक जीवन में सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और जनसेवा को राष्ट्रसेवा का माध्यम बनाया। उन्होंने कहा कि मोदी की राजनीतिक यात्रा का आधार राजनीतिक विरासत के बजाय संघर्ष, संगठनात्मक अनुभव और जनता का समर्थन रहा।
नबीन ने प्रधानमंत्री को देश का ‘प्रधान सेवक’ बताते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में उनके 25 वर्ष सेवा, सुशासन और राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ जुड़े रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री को इस अवसर पर शुभकामनाएं भी दीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्षों की यात्रा की शुरुआत 7 अक्टूबर 2001 को हुई थी, जब उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पद संभाला था।
गुजरात में एक दशक से अधिक समय तक मुख्यमंत्री रहने के बाद 2014 में नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने। इसके बाद 2019 और 2024 में भी वे लोकसभा चुनावों के बाद लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद पर पहुंचे। इस तरह 2026 में उन्होंने सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे किए।
भाजपा ने इस पड़ाव को केवल एक राजनीतिक उपलब्धि के रूप में नहीं, बल्कि सार्वजनिक सेवा और संगठनात्मक गतिविधियों से जोड़कर मनाने का निर्णय लिया। इसके तहत सितंबर से अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया गया, जिसमें रक्तदान शिविर, स्वच्छता कार्यक्रम, जनसंपर्क गतिविधियां, सेवा कार्य और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल रहे।
कार्यक्रम में नितिन नबीन ने प्रधानमंत्री की राजनीतिक पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी किसी स्थापित राजनीतिक परिवार से नहीं आते थे और उन्हें राजनीतिक विरासत के रूप में कोई पद नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि मोदी का सफर एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में शुरू हुआ और संघर्ष तथा संगठनात्मक अनुभव के बाद वे मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री के पद तक पहुंचे।
नबीन ने कहा कि जनता के समर्थन और जनादेश ने प्रधानमंत्री की राजनीतिक यात्रा को आगे बढ़ाया।
हालांकि, पूर्व प्रधानमंत्रियों की राजनीतिक यात्राओं की तुलना करते हुए नबीन ने जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के संदर्भ भी दिए और कहा कि मोदी की राजनीतिक यात्रा का स्वरूप अलग रहा है।
उनका कहना था कि मोदी को किसी राजनीतिक परिवार से विरासत में सत्ता नहीं मिली और उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में जनता के बीच काम करते हुए अपनी जगह बनाई।
भाजपा अध्यक्ष ने अपने संबोधन में स्वतंत्र भारत के शुरुआती प्रधानमंत्रियों की राजनीतिक यात्रा का भी उल्लेख किया।
उन्होंने जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के प्रधानमंत्री बनने की परिस्थितियों का संदर्भ देते हुए मोदी की राजनीतिक यात्रा को अलग बताया।
नबीन का तर्क था कि नरेंद्र मोदी किसी राजनीतिक परिवार की विरासत के आधार पर प्रधानमंत्री पद तक नहीं पहुंचे, बल्कि लंबे संगठनात्मक और प्रशासनिक अनुभव के बाद जनता के जनादेश से देश के प्रधानमंत्री बने।
यह हिस्सा उनके संबोधन का राजनीतिक पक्ष भी था, जिसमें भाजपा अध्यक्ष ने मोदी की यात्रा को परिवार आधारित राजनीति से अलग एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।
नितिन नबीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास के साथ-साथ भारत की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक स्थलों पर भी ध्यान दिया गया।
उन्होंने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल कॉरिडोर और अयोध्या में श्रीराम मंदिर जैसी परियोजनाओं का उल्लेख किया।
नबीन के अनुसार, इन परियोजनाओं को केवल निर्माण कार्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इनके माध्यम से देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को नए स्वरूप में सामने लाने का प्रयास हुआ है।
उन्होंने सोमनाथ मंदिर का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार के स्तर पर विरासत और आस्था से जुड़े केंद्रों के पुनर्विकास पर जोर दिया गया।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यकाल में विकास और बुनियादी ढांचे के साथ भारत की सांस्कृतिक पहचान को लेकर भी विशेष जोर दिखाई देता है।
दिल्ली में आयोजित ‘सेवा ज्योति’ कार्यक्रम का उद्देश्य प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को याद करने के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं को सेवा गतिविधियों से जोड़ना भी रहा।
भाजपा ने सितंबर में शुरू किए गए ‘सेवा संकल्प अभियान’ को 17 अक्टूबर तक चलाने की योजना बनाई है। इस अभियान में जनभागीदारी से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम रखे गए हैं।
अभियान के तहत रक्तदान शिविर, स्वच्छता कार्यक्रम, जनसेवा गतिविधियां, प्रदर्शनियां और विभिन्न जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
भाजपा की ओर से कहा गया है कि इन कार्यक्रमों के जरिए ‘सेवा ही संगठन’ की भावना को मजबूत करने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक जनकल्याण की भावना पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
7 अक्टूबर को देशभर में ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। दिल्ली में इसका मुख्य कार्यक्रम इंदिरा गांधी स्टेडियम परिसर में हुआ।
कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के अलावा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल, दिल्ली प्रभारी विनय सहस्रबुद्धे, सह प्रभारी दर्शना जरदोश, संगठन महामंत्री पवन राणा तथा पार्टी के सांसद और अन्य नेता शामिल हुए।
दिल्ली के विभिन्न संगठनात्मक क्षेत्रों से कार्यकर्ता कार्यक्रम में पहुंचे।
मुख्य कार्यक्रम के बाद अलग-अलग लोकसभा क्षेत्रों के लिए मशाल और कलश यात्राओं को रवाना किया गया। इसका उद्देश्य दिल्ली के शहरी क्षेत्रों और विभिन्न संगठनात्मक क्षेत्रों को सेवा तथा राष्ट्र निर्माण के संदेश से जोड़ना रहा।
चांदनी चौक लोकसभा क्षेत्र से जुड़ी विधानसभा सीटों के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और सांसद प्रवीण खंडेलवाल की मौजूदगी रही।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली क्षेत्र के लिए सांसद मनोज तिवारी और दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा कार्यक्रम से जुड़े।
पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र के लिए दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने यात्रा को आगे बढ़ाया।
नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र के लिए विनय सहस्रबुद्धे और सांसद बांसुरी स्वराज की मौजूदगी रही।
उत्तर-पश्चिमी दिल्ली क्षेत्र में सांसद योगेंद्र चांदोलिया और मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह से जुड़ी गतिविधियां रहीं।
दक्षिणी दिल्ली क्षेत्र में सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी और मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा शामिल हुए, जबकि पश्चिमी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र के लिए मंत्री आशीष सूद की मौजूदगी में यात्रा को आगे बढ़ाया गया।
इस तरह दिल्ली में आयोजित मुख्य कार्यक्रम को विभिन्न लोकसभा क्षेत्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
भाजपा ने प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर केवल एक दिन का कार्यक्रम आयोजित करने के बजाय महीनेभर चलने वाली गतिविधियों की योजना बनाई।
पार्टी के अनुसार, अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री के जन्मदिन 17 सितंबर से हुई और इसे 17 अक्टूबर तक चलाया जाना है।
इस दौरान रक्तदान, स्वच्छता, जनकल्याण, युवा सहभागिता, प्रदर्शनी और जनसंपर्क जैसी गतिविधियों को शामिल किया गया है।
7 अक्टूबर को अभियान का एक प्रमुख पड़ाव ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ रहा।
इस यात्रा के माध्यम से गांवों और शहरों को जोड़ने तथा सेवा और राष्ट्र निर्माण का संदेश लोगों तक पहुंचाने की बात भाजपा ने कही है।
प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के प्रशासनिक सफर को दो प्रमुख चरणों में देखा जाता है।
पहला चरण गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में रहा, जिसकी शुरुआत अक्टूबर 2001 में हुई।
दूसरा चरण 2014 से प्रधानमंत्री के रूप में शुरू हुआ।
गुजरात में लंबे प्रशासनिक अनुभव के बाद राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश और फिर प्रधानमंत्री के रूप में लगातार तीन कार्यकाल इस यात्रा की प्रमुख राजनीतिक घटनाएं हैं।
भाजपा ने इस पूरे सफर को ‘सेवा’ की केंद्रीय अवधारणा के साथ जोड़कर प्रस्तुत किया है।
मोदी के प्रशासनिक सफर की चर्चा में गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए शुरू की गई कुछ प्रशासनिक पहलों का भी उल्लेख किया जाता रहा है।
भाजपा के अनुसार, गुजरात में शिकायतों के समाधान के लिए विकसित SWAGAT जैसी पहल ने बाद में केंद्र में प्रशासनिक निगरानी और शिकायत समाधान से जुड़ी व्यवस्थाओं के लिए एक मॉडल प्रस्तुत किया। SWAGAT को 2010 में संयुक्त राष्ट्र लोक सेवा पुरस्कार भी मिला था।
इसी तरह गुजरात के ज्योतिग्राम जैसे कार्यक्रमों का भी भाजपा मोदी के प्रशासनिक अनुभव से जुड़ी पहलों के रूप में उल्लेख करती रही है।
इस दृष्टि से पार्टी प्रधानमंत्री के 25 वर्षों को केवल चुनावी उपलब्धियों के क्रम के रूप में नहीं, बल्कि प्रशासनिक प्रयोगों और शासन के अनुभव के विस्तार के रूप में भी प्रस्तुत कर रही है।
दिल्ली के कार्यक्रम का नाम ही ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ रखा गया।
इससे स्पष्ट है कि 25 वर्षों के सफर की चर्चा को भाजपा ने भविष्य के लक्ष्य से भी जोड़ा है।
पार्टी की ओर से कहा गया कि प्रधानमंत्री की सार्वजनिक सेवा यात्रा से प्रेरणा लेकर कार्यकर्ता विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाएं।
‘विकसित भारत@2047’ का लक्ष्य भी इसी व्यापक राजनीतिक-सामाजिक विमर्श का हिस्सा है। प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के अवसर पर देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित कार्यक्रमों में इस संकल्प को प्रमुखता दी गई।
भाजपा की ओर से इस पूरे अभियान में ‘सेवा’ को केंद्रीय विषय बनाया गया है।
पार्टी के कार्यक्रमों में यह संदेश दिया जा रहा है कि राजनीतिक संगठन की गतिविधियां केवल चुनाव तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि समाज के बीच सेवा कार्यों के जरिए भी उसकी मौजूदगी होनी चाहिए।
रक्तदान शिविर से लेकर स्वच्छता अभियान और जनसंपर्क गतिविधियों तक, अलग-अलग कार्यक्रमों को इसी विचार से जोड़ा गया है।
‘सेवा ज्योति’ इसी श्रृंखला का प्रतीकात्मक विस्तार है।
मशाल और कलश यात्रा के माध्यम से कार्यकर्ताओं को अलग-अलग क्षेत्रों तक भेजना भी इसी व्यापक जनसंपर्क अभियान का हिस्सा है।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने 25 वर्षों के प्रशासनिक जीवन को जनता के विश्वास से जोड़ते हुए देशवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेते समय उन्होंने यह कल्पना नहीं की थी कि एक दिन सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने का यह पड़ाव आएगा।
प्रधानमंत्री ने अपनी यात्रा में जनता के विश्वास और कार्यकर्ताओं के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने भारतीय लोकतंत्र और संविधान के प्रति भी सम्मान व्यक्त किया तथा कहा कि उन्हें देश की जनता ने अलग-अलग अवसरों पर सेवा करने का अवसर दिया।
प्रधानमंत्री के 25 वर्ष पूरे होने का अवसर भाजपा के लिए संगठनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण है।
एक तरफ पार्टी मोदी के गुजरात से दिल्ली तक के प्रशासनिक सफर को जनता के सामने रख रही है, दूसरी ओर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के जरिए पार्टी संगठन को स्थानीय स्तर पर सक्रिय करने का प्रयास किया जा रहा है।
देशभर में आयोजित कार्यक्रमों का स्वरूप भी अलग-अलग रखा गया है—कहीं मशाल यात्रा, कहीं प्रदर्शनी, कहीं जनसंपर्क और कहीं सेवा गतिविधियां।
इससे अभियान को केवल राजधानी तक सीमित न रखकर व्यापक संगठनात्मक कार्यक्रम का रूप दिया गया है।
दिल्ली कार्यक्रम में भाजपा नेताओं ने कार्यकर्ताओं से प्रधानमंत्री की सार्वजनिक सेवा यात्रा से प्रेरणा लेने की अपील की।
पार्टी के अनुसार, प्रधानमंत्री का 25 वर्षों का प्रशासनिक सफर कार्यकर्ताओं के लिए सेवा, अनुशासन, समर्पण और राष्ट्र प्रथम की भावना से काम करने का संदेश देता है।
‘सेवा ज्योति’ कार्यक्रम को इसी विचार को आगे बढ़ाने वाले अभियान के रूप में प्रस्तुत किया गया।
कार्यकर्ताओं के हाथों में मशाल और कलश सौंपने का प्रतीकात्मक अर्थ भी यही रखा गया कि सेवा और राष्ट्र निर्माण की भावना को संगठन के अलग-अलग स्तरों तक पहुंचाया जाए।
प्रधानमंत्री के 25 वर्ष पूरे होने का अवसर स्वाभाविक रूप से राजनीतिक विमर्श का भी विषय बना है।
भाजपा इसे लंबे प्रशासनिक अनुभव, सेवा और विकास की यात्रा के रूप में प्रस्तुत कर रही है। वहीं प्रधानमंत्री के कार्यकाल की नीतियों और फैसलों पर राजनीतिक दलों की अपनी-अपनी राय रही है।
इसलिए 25 वर्ष की यह यात्रा केवल एक व्यक्ति की राजनीतिक उपलब्धियों का विषय नहीं है, बल्कि भारतीय राजनीति और शासन व्यवस्था में एक लंबे दौर के प्रभावों पर चर्चा का अवसर भी है।
निष्पक्ष रूप से देखें तो इस अवधि में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 2001 से लेकर केंद्र की सत्ता में 2014 के बाद के वर्षों तक मोदी भारतीय राजनीति के प्रमुख केंद्र में रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्ष पूरे होने पर भाजपा ने इस अवसर को ‘सेवा संकल्प’ और ‘सेवा ज्योति’ के रूप में देशभर में मनाया।
दिल्ली का इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम इस अभियान के प्रमुख कार्यक्रमों में से एक का केंद्र बना, जहां भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के प्रशासनिक जीवन को संघर्ष, जनसेवा, सुशासन और राष्ट्र प्रथम की भावना से जोड़ते हुए उन्हें बधाई दी।
एक तरफ गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुई यात्रा की चर्चा हुई, दूसरी तरफ प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल और लगातार तीन कार्यकाल की बात सामने आई। साथ ही काशी विश्वनाथ, महाकाल और अयोध्या जैसी सांस्कृतिक परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए भाजपा ने विकास के साथ विरासत को भी अपने विमर्श का हिस्सा बनाया।
‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ ने इस अवसर को संगठन और जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया।
अब इस पूरे अभियान का अगला चरण इस बात पर केंद्रित रहेगा कि प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के प्रशासनिक सफर को किस तरह ‘विकसित भारत’ के अगले लक्ष्य से जोड़ा जाता है।
भाजपा के लिए यह आयोजन अतीत की यात्रा को याद करने के साथ-साथ संगठन और कार्यकर्ताओं को भविष्य के लिए नए संकल्प से जोड़ने का अवसर भी बना है।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।


