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- 12h ago
नई दिल्ली। रूस जाने या वहां नौकरी तलाशने वाले भारतीय नागरिकों के लिए भारत सरकार ने एक बार फिर महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। सरकार ने भारतीयों से कहा है कि वे रूस में नौकरी दिलाने के नाम पर मिलने वाले किसी भी संदिग्ध प्रस्ताव को स्वीकार करने से पहले उसकी पूरी तरह जांच-पड़ताल करें। विशेष रूप से ऐसे प्रस्तावों से दूर रहने की सलाह दी गई है, जिनमें रूसी सशस्त्र बलों में सेवा या भर्ती की किसी भी तरह की संभावना हो।
सरकार के सामने पिछले कुछ समय में ऐसे कई मामले आए हैं, जिनमें भारतीय नागरिकों को रूस में आकर्षक नौकरी, बेहतर वेतन और आर्थिक लाभ का लालच देकर रूसी सशस्त्र बलों से जुड़ी भूमिकाओं में भेजे जाने की बात सामने आई है। कुछ मामलों में लोगों को यह भरोसा दिलाया गया कि वे थोड़े समय तक काम करने के बाद आसानी से वापस भारत लौट आएंगे। हालांकि, युद्ध क्षेत्र और सैन्य सेवा से जुड़े जोखिमों को देखते हुए सरकार ने इस तरह के दावों पर भरोसा नहीं करने की सलाह दी है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि रूसी सशस्त्र बलों में शामिल होना अत्यंत जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए विदेश में नौकरी तलाशने वाले भारतीय नागरिकों को किसी भी एजेंट, भर्ती संस्था या व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से मिले प्रस्ताव की वास्तविकता की पुष्टि किए बिना आगे नहीं बढ़ना चाहिए।
विदेश में नौकरी पाने की इच्छा रखने वाले युवाओं को कई बार सोशल मीडिया, मैसेजिंग एप, वेबसाइटों और निजी एजेंटों के माध्यम से आकर्षक प्रस्ताव मिलते हैं। इनमें सामान्य नौकरी, सुरक्षा से जुड़ा काम, तकनीकी कार्य, ड्राइवर, हेल्पर या अन्य पदों का उल्लेख किया जा सकता है। बाद में कुछ लोगों को ऐसी गतिविधियों में शामिल कर दिए जाने का जोखिम रहता है, जिनकी जानकारी उन्हें शुरुआत में नहीं दी गई थी।
सरकार ने भारतीय नागरिकों को ऐसे प्रस्तावों के मामले में विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। केवल अधिक वेतन या विदेशी नौकरी के लालच में किसी एजेंट को पैसे देना अथवा बिना दस्तावेजों की जांच के रूस पहुंचना गंभीर परेशानी का कारण बन सकता है।
सरकारी चेतावनी में यह बात भी सामने आई है कि कुछ भारतीय नागरिक आर्थिक लाभ की उम्मीद में रूसी सशस्त्र बलों से संबंधित प्रस्तावों की ओर आकर्षित हुए। कुछ लोगों को यह उम्मीद रही कि यदि बाद में समस्या पैदा हुई तो भारत सरकार उनकी मदद कर उन्हें वापस भारत ले आएगी।
सरकार ने ऐसी सोच को जोखिम भरी बताया है। विदेश में किसी सैन्य गतिविधि में शामिल होने के बाद परिस्थितियां व्यक्ति के नियंत्रण से बाहर हो सकती हैं। युद्ध क्षेत्र में जाने के बाद जान-माल की सुरक्षा, आवागमन और वापस लौटने की क्षमता से जुड़े गंभीर खतरे पैदा हो सकते हैं।
इसलिए सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि भारतीय नागरिकों को ऐसे किसी रास्ते पर नहीं जाना चाहिए और विदेश में नौकरी के नाम पर मिलने वाले प्रस्तावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करनी चाहिए।
सरकार के संज्ञान में ऐसे मामले भी आए हैं, जिनमें कुछ भारतीय नागरिकों ने भारतीय अधिकारियों से संपर्क कर भारतीय नागरिकता छोड़ने और रूसी पासपोर्ट हासिल करने की इच्छा जताई। कुछ लोगों के बारे में यह भी सामने आया कि उन्होंने अधिकारियों से सलाह लिए बिना ही इस दिशा में कदम उठाए।
सरकार ने नागरिकता बदलने जैसे फैसले को बेहद गंभीर विषय बताया है। किसी दूसरे देश की नागरिकता हासिल करना केवल नौकरी या आर्थिक लाभ का मामला नहीं है, बल्कि इससे व्यक्ति की कानूनी स्थिति, अधिकारों और जिम्मेदारियों पर भी व्यापक असर पड़ता है।
ऐसे में किसी भी भारतीय नागरिक को जल्दबाजी में भारतीय नागरिकता छोड़ने या विदेशी पासपोर्ट लेने का फैसला नहीं करना चाहिए। इस तरह का कदम उठाने से पहले संबंधित नियमों और कानूनी परिणामों को अच्छी तरह समझना जरूरी है।
सरकार ने खास तौर पर ऐसे एजेंटों से सावधान रहने की सलाह दी है, जिनकी पहचान और गतिविधियों की पुष्टि नहीं हुई है। विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर काम करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था के दावों पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए।
नौकरी के प्रस्ताव में कंपनी का पूरा नाम, कार्यालय का पता, नियुक्ति पत्र, वेतन, काम की प्रकृति, अनुबंध की शर्तें, वीजा का प्रकार और नियोक्ता की वास्तविक पहचान जैसी जानकारियां स्पष्ट होनी चाहिए।
यदि एजेंट नौकरी की जानकारी छिपाता है, लिखित अनुबंध देने से बचता है, बहुत अधिक वेतन का लालच देता है या जल्दी निर्णय लेने का दबाव बनाता है, तो ऐसे प्रस्ताव को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
आजकल विदेश में नौकरी से संबंधित कई प्रस्ताव सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग एप के माध्यम से पहुंचते हैं। नौकरी चाहने वाले युवाओं को ऐसे संदेशों को सत्य मान लेने के बजाय उनकी स्वतंत्र जांच करनी चाहिए।
किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, दस्तावेज या भुगतान संबंधी निर्देशों पर तुरंत कार्रवाई करना भी जोखिम भरा हो सकता है। पासपोर्ट, बैंक खाते, पहचान संबंधी दस्तावेज और अन्य निजी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की पुष्टि जरूरी है।
विदेश में नौकरी का प्रस्ताव मिलने पर कई लोग सबसे पहले वेतन और सुविधाओं पर ध्यान देते हैं। लेकिन सरकार की चेतावनी के संदर्भ में नौकरी की वास्तविक प्रकृति और कानूनी स्थिति को समझना अधिक महत्वपूर्ण है।
यदि कोई एजेंट यह दावा करता है कि रूस में कम समय में बहुत अधिक कमाई हो सकती है, रहने-खाने की पूरी व्यवस्था होगी और वापसी की गारंटी है, तो ऐसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि की जानी चाहिए।
विशेष रूप से यदि नौकरी के दस्तावेजों में सैन्य, सुरक्षा, हथियार, प्रशिक्षण, सरकारी सेवा या किसी अज्ञात संस्था से संबंधित शर्तें हों, तो बिना विशेषज्ञ या आधिकारिक सलाह के आगे नहीं बढ़ना चाहिए।
विदेश में नौकरी के लिए जाने वाले युवाओं के परिवारों को भी सतर्क रहना चाहिए। कई बार एजेंट सीधे नौकरी तलाश रहे युवक से संपर्क करते हैं और परिवार को पूरी जानकारी नहीं होती। ऐसे में यात्रा से पहले परिवार को नौकरी की पूरी जानकारी, कंपनी का नाम, अनुबंध, संपर्क व्यक्ति और विदेश में रहने का पता उपलब्ध होना चाहिए।
यदि किसी युवक को रूस जाने के लिए कोई प्रस्ताव मिलता है तो परिवार को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वह किस प्रकार के वीजा पर जा रहा है और वास्तविक नौकरी क्या है। केवल एजेंट के मौखिक दावे पर भरोसा करना उचित नहीं है।
सरकार ने कहा है कि रूस में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भलाई को लेकर वह रूसी पक्ष के साथ लगातार संपर्क में है। रूसी सशस्त्र बलों से जुड़े मामलों में भारतीय नागरिकों की जल्द रिहाई सुनिश्चित करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
हालांकि, सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट संदेश दिया गया है कि किसी व्यक्ति को पहले जानबूझकर ऐसे जोखिम वाले रास्ते पर नहीं जाना चाहिए और बाद में सरकारी मदद से बाहर निकलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
रूस या किसी अन्य देश में नौकरी के लिए जाने वाले भारतीय नागरिकों को कुछ बुनियादी सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए—
भारत सरकार का संदेश साफ है कि विदेश में नौकरी पाने की इच्छा रखने वाले भारतीय नागरिकों को आकर्षक प्रस्तावों के पीछे छिपे जोखिमों को समझना चाहिए। खासकर रूस में रूसी सशस्त्र बलों से संबंधित किसी भी भर्ती या नौकरी के प्रस्ताव से पूरी तरह दूर रहने की सलाह दी गई है।
सरकार ने भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे विदेश में रोजगार की तलाश करते समय केवल सत्यापित और विश्वसनीय माध्यमों का इस्तेमाल करें। किसी भी एजेंट या संस्था के दावे को स्वीकार करने से पहले उसकी पुष्टि करना जरूरी है।
रोजगार के लिए विदेश जाना अपने आप में एक महत्वपूर्ण फैसला है, लेकिन यदि प्रस्ताव में सैन्य सेवा, सुरक्षा गतिविधि या किसी अज्ञात संगठन से जुड़ने की बात हो तो जोखिम कई गुना बढ़ सकता है। ऐसे मामलों में जल्दबाजी के बजाय पूरी जानकारी जुटाना और आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि करना ही आवश्यक है।
सरकार की ताजा चेतावनी का मूल संदेश यही है कि विदेशी नौकरी के आकर्षक ऑफर के पीछे छिपे जोखिम को नजरअंदाज न करें और रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती के किसी भी प्रस्ताव से दूर रहें।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।


