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- 12h ago
हरदोई। जनपद में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी राहुल पाण्डेय ने आज तहसील सवायजपुर एवं तहसील बिलग्राम क्षेत्र के विभिन्न बाढ़ प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ की वर्तमान स्थिति, जलस्तर, प्रभावित गांवों में आवागमन की स्थिति, राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सतर्कता बरती जाए और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखी जाएं।
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने जनता इंटर कॉलेज तेरा परसौली स्थित बाढ़ चौकी का जायजा लिया। उन्होंने बाढ़ चौकी पर तैनात कर्मचारियों एवं अधिकारियों से क्षेत्र की स्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने पूछा कि क्षेत्र में कितने गांव बाढ़ से प्रभावित हैं, जलस्तर में किस प्रकार का बदलाव हो रहा है तथा ग्रामीणों को राहत पहुंचाने के लिए अब तक क्या-क्या व्यवस्थाएं की गई हैं। जिलाधिकारी ने बाढ़ चौकी को पूरी तरह सक्रिय रखने तथा किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर बाढ़ के कारण आवागमन प्रभावित हुआ है, वहां लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने नाव, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा उपकरण तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता की भी जानकारी ली और आवश्यकता के अनुसार संसाधनों की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।
इसके बाद जिलाधिकारी ने थाना अरवल क्षेत्र स्थित कुसुमखोर पुल का निरीक्षण किया। उन्होंने पुल एवं आसपास के क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों से जलस्तर तथा आवागमन से जुड़ी जानकारी ली। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए और जलस्तर में वृद्धि होने की स्थिति में तत्काल उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों एवं स्थानीय लोगों से भी बातचीत की। उन्होंने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष राहत सामग्री, आवागमन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा बाढ़ से हुए नुकसान से संबंधित अपनी समस्याएं रखीं। जिलाधिकारी ने लोगों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन-प्रशासन बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ पूरी तरह खड़ा है। प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण जिन परिवारों को नुकसान हुआ है, उनका नियमानुसार सर्वे कराया जाएगा और पात्र प्रभावित परिवारों को शासन के प्रावधानों के अनुसार सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का सर्वेक्षण पूरी गंभीरता के साथ कराया जाए। सर्वे के दौरान प्रभावित मकानों, फसलों, पशुओं तथा अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का नियमानुसार आकलन किया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सर्वे कार्य में पारदर्शिता बरती जाए तथा पात्र लोगों को शासन की राहत एवं सहायता योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई समय से पूरी की जाए।
डीएम ने कहा कि बाढ़ के दौरान सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसलिए प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करते रहें। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई जाए और ग्रामीणों को बाढ़ के पानी में अनावश्यक रूप से प्रवेश न करने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने के लिए जागरूक किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित लोगों के लिए खाद्य सामग्री एवं पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिन क्षेत्रों में लोगों को भोजन या आवश्यक वस्तुओं की जरूरत है, वहां प्राथमिकता के आधार पर राहत सामग्री पहुंचाई जाए। साफ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएं।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सक्रिय रखा जाए। जरूरत पड़ने पर मेडिकल टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जाए तथा बीमार लोगों, बच्चों, बुजुर्गों और अन्य जरूरतमंद लोगों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने साफ-सफाई एवं स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।
उन्होंने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारा एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। पशुपालकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ की स्थिति में सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, विकास, पशुपालन, खाद्य एवं रसद तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी अपने-अपने स्तर से राहत कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग की लापरवाही के कारण प्रभावित लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
डीएम ने यह भी निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित गांवों में प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की नियमित समीक्षा की जाए। जिन क्षेत्रों में अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता है, वहां तत्काल उच्च स्तर पर सूचना देकर व्यवस्था कराई जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राहत एवं बचाव कार्य केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका लाभ वास्तविक रूप से प्रभावित लोगों तक पहुंचना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्थानीय प्रशासन से बाढ़ की पूर्व तैयारी एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्था की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि संभावित जलस्तर वृद्धि को देखते हुए सभी संबंधित विभाग अलर्ट मोड पर रहें। बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखते हुए कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित की जाए और प्राप्त होने वाली प्रत्येक सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ की स्थिति से संबंधित सूचनाओं का नियमित रूप से आदान-प्रदान किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में अफवाहों पर ध्यान न देने तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन को तत्काल सूचना देने के लिए लोगों को जागरूक किया जाए। जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों एवं राहत केंद्रों पर लोगों को पहुंचाने की व्यवस्था पहले से तैयार रखी जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति तक राहत पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों तथा अन्य जरूरतमंद लोगों की आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाए। यदि किसी परिवार को तत्काल सहायता की जरूरत है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर राहत उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की कि प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और बाढ़ के पानी के बीच अनावश्यक आवागमन से बचें। किसी भी आपात स्थिति में संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचना दें। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता के अनुसार हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ की स्थिति सामान्य होने के बाद भी प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाए। क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, संपर्क मार्गों, फसलों एवं अन्य सार्वजनिक तथा निजी संपत्तियों से संबंधित रिपोर्ट तैयार कर आवश्यक कार्रवाई के लिए उपलब्ध कराई जाए।
जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान संबंधित उप जिलाधिकारी, राजस्व विभाग के अधिकारी, पुलिस अधिकारी, संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने जिलाधिकारी को क्षेत्र में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी तथा बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए की गई तैयारियों से अवगत कराया।
प्रशासन की ओर से कहा गया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जलस्तर एवं मौसम की स्थिति के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन का प्रयास है कि प्रभावित लोगों को समय से राहत उपलब्ध हो और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।
हरदोई-स्टेट ब्यूरो,(लव कुश सिंह)।


