17 सितंबर से मथुरा में शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान, 5 लाख दीपों से जगमगाएंगे धार्मिक स्थल
- 10h ago
मथुरा। गोवर्धन के पवित्र राधाकुंड में स्नान करने पहुंचे पश्चिम बंगाल के श्रद्धालु का अज्ञात चोर बैग चोरी कर ले गया। चोरी हुए बैग में हजारों रुपये की नकदी, मोबाइल फोन के साथ-साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित अन्य जरूरी दस्तावेज रखे हुए थे। घटना के बाद श्रद्धालु परेशान हो गया। मामले की सूचना तत्काल डायल 112 के साथ राधाकुंड चौकी पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली और मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार पश्चिम बंगाल के बालूरघाट निवासी राधा रमण पाल अपनी पत्नी के साथ ब्रज भ्रमण और 84 कोसीय परिक्रमा के लिए मथुरा आए थे। मंगलवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे दोनों राधाकुंड पहुंचे। धार्मिक आस्था के चलते उन्होंने राधाकुंड में स्नान करने का निर्णय लिया। स्नान के दौरान उन्होंने अपना सामान बैग में रखकर घाट के पास रखा था।
इसी दौरान अज्ञात व्यक्ति ने मौका पाकर उनका बैग पार कर दिया। श्रद्धालु और उनकी पत्नी जब स्नान करने के बाद वापस लौटे तो बैग अपने स्थान पर नहीं मिला। काफी तलाश करने के बाद भी बैग का कोई पता नहीं चला। अचानक सामान गायब होने से दोनों के होश उड़ गए। आसपास मौजूद लोगों से भी बैग के बारे में जानकारी ली गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
पीड़ित श्रद्धालु के मुताबिक चोरी हुए बैग में करीब 25 से 30 हजार रुपये की नकदी, एमआई कंपनी का मोबाइल फोन, आधार कार्ड और पैन कार्ड सहित अन्य जरूरी सामान रखा हुआ था। नकदी और मोबाइल के साथ महत्वपूर्ण दस्तावेज चले जाने से श्रद्धालु को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ दस्तावेजों के दुरुपयोग की भी चिंता सताने लगी।
घटना के बाद श्रद्धालु ने तत्काल डायल 112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और श्रद्धालु से घटना की जानकारी ली। इसके बाद राधाकुंड चौकी पर भी शिकायत दी गई। पुलिस द्वारा आसपास के क्षेत्र में पूछताछ करने के साथ ही घटना से जुड़े संभावित सुरागों की तलाश की जा रही है।
राधाकुंड में सुबह के समय श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो जाती है। देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग यहां स्नान, पूजा-अर्चना और परिक्रमा के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़भाड़ वाले स्थान पर श्रद्धालु का बैग चोरी होने से वहां मौजूद अन्य लोगों में भी चिंता पैदा हो गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले अधिकांश श्रद्धालु अपने साथ नकदी, मोबाइल फोन, पहचान पत्र और यात्रा से जुड़े जरूरी दस्तावेज रखते हैं। स्नान के दौरान उन्हें अपना सामान किसी सुरक्षित स्थान पर रखना पड़ता है। इसी स्थिति का फायदा उठाकर चोर घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं।
राधाकुंड की धार्मिक और आध्यात्मिक महत्ता के कारण यहां वर्षभर श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। विशेष पर्वों, पूर्णिमा, अमावस्या और परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या और भी बढ़ जाती है। ऐसे में घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सतर्कता की आवश्यकता रहती है।
श्रद्धालु का बैग चोरी होने की घटना के बाद एक बार फिर घाटों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि स्नान के दौरान श्रद्धालुओं का ध्यान पूजा और धार्मिक गतिविधियों में रहता है। ऐसे में उनके सामान की निगरानी के लिए पर्याप्त व्यवस्था होना जरूरी है।
पश्चिम बंगाल से ब्रज यात्रा पर आए श्रद्धालु के साथ चोरी की घटना होने से बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ सकती है। ब्रज के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। कई लोग परिवार के साथ लंबी यात्रा कर यहां आते हैं और उनके पास नकदी, मोबाइल, पहचान पत्र तथा अन्य जरूरी सामान रहता है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले यात्रियों को सुरक्षा का भरोसा मिलना जरूरी है। यदि घाटों और प्रमुख स्नान स्थलों पर चोरी की घटनाएं होती हैं तो इसका सीधा असर श्रद्धालुओं के अनुभव और धार्मिक पर्यटन पर भी पड़ सकता है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने राधाकुंड के घाटों और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सुबह और शाम के समय जब श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहती है, उस दौरान पुलिसकर्मियों की मौजूदगी बढ़ाई जानी चाहिए।
इसके अलावा घाटों के आसपास संदिग्ध लोगों पर नजर रखने, लगातार निगरानी करने और भीड़ वाले स्थानों पर पुलिस की सक्रियता बढ़ाने की जरूरत बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस की नियमित गश्त और निगरानी व्यवस्था मजबूत रहे तो चोरी जैसी घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है।
राधाकुंड जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए सीसीटीवी कैमरों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटों, प्रवेश मार्गों, प्रमुख रास्तों और भीड़ वाले स्थानों पर लगे कैमरों की नियमित निगरानी की जानी चाहिए।
घटना के बाद यह भी सवाल उठ रहा है कि यदि घटनास्थल या उसके आसपास सीसीटीवी कैमरे लगे हैं तो उनकी फुटेज खंगालकर संदिग्ध व्यक्ति की पहचान करने का प्रयास किया जाए। पुलिस जांच में सीसीटीवी फुटेज महत्वपूर्ण सुराग साबित हो सकती है।
राधाकुंड आने वाले श्रद्धालुओं के सामने एक बड़ी समस्या अपने सामान की सुरक्षा को लेकर भी रहती है। स्नान करते समय मोबाइल, पर्स, नकदी, पहचान पत्र और अन्य सामान को कहां सुरक्षित रखा जाए, इसे लेकर कई श्रद्धालु असमंजस में रहते हैं।
श्रद्धालुओं का कहना है कि प्रमुख घाटों पर सामान रखने के लिए सुरक्षित व्यवस्था, लॉकर या निगरानी वाली सुविधा उपलब्ध हो तो ऐसी घटनाओं को कम किया जा सकता है। इससे श्रद्धालुओं को स्नान और पूजा के दौरान अपना सामान सुरक्षित होने का भरोसा भी रहेगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि राधाकुंड केवल स्थानीय लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु धार्मिक भावनाओं के साथ पहुंचता है। ऐसे में चोरी जैसी घटनाएं होने से लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा होती है।
लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों की साफ-सफाई, यातायात और व्यवस्थाओं के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा भी प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने से श्रद्धालुओं का विश्वास बढ़ेगा और धार्मिक पर्यटन को भी मजबूती मिलेगी।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ ही चोरी के संभावित स्थान और घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। यदि आसपास सीसीटीवी कैमरे लगे हैं तो उनकी फुटेज की जांच से भी पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल अज्ञात चोर द्वारा बैग चोरी किए जाने की शिकायत के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। श्रद्धालु को उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही चोरी का खुलासा कर उसका सामान बरामद करेगी।
घटना के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से राधाकुंड के प्रमुख घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि केवल घटना के बाद पुलिस पहुंचने के बजाय भीड़ वाले समय में पहले से पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाना चाहिए।
श्रद्धालुओं ने घाटों पर नियमित पुलिस गश्त, संदिग्ध लोगों की निगरानी, सीसीटीवी कैमरों की सक्रियता और सामान सुरक्षित रखने की व्यवस्था किए जाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि राधाकुंड जैसे धार्मिक स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। चोरी गए मोबाइल, नकदी और दस्तावेजों की बरामदगी के साथ-साथ अज्ञात चोर की पहचान पुलिस के सामने प्रमुख चुनौती है। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले का कितनी जल्दी खुलासा कर पाती है।


