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- 12h ago
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र की गिरगांव मजिस्ट्रेट अदालत में चल रहे मानहानि के मुकदमे की सुनवाई पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने राहुल गांधी की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। यह मामला राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री मोदी के संबंध में की गई कथित टिप्पणियों से जुड़ा है।
राहुल गांधी ने मानहानि के मामले को निरस्त करने की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने 8 सितंबर 2026 को उनकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद राहुल गांधी ने हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान उनकी याचिका पर विचार करते हुए पीठ ने संबंधित पक्ष से जवाब तलब किया और तब तक निचली अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी। इस आदेश से फिलहाल राहुल गांधी के खिलाफ इस मामले में ट्रायल की कार्यवाही थम गई है। <Cite refs={["turn528206search5","turn528206search8","turn528206search4"]}/>
यह मामला वर्ष 2018 में राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर देश में हुई राजनीतिक बहस के दौरान राहुल गांधी की कथित टिप्पणियों से संबंधित है। शिकायत के अनुसार, राहुल गांधी ने राजस्थान में एक रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में कथित तौर पर ‘चोरों का सरदार’ जैसी टिप्पणी की थी। इसके अतिरिक्त, ‘कमांडर-इन-थीफ’ टिप्पणी को लेकर भी विवाद हुआ था।
इस मामले में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता महेश श्रीश्रीमल ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि इन टिप्पणियों से प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा और उनका प्रभाव भाजपा के सदस्यों तथा कार्यकर्ताओं तक भी पहुंचा। ये शिकायत में लगाए गए आरोप हैं, जिन पर अंतिम न्यायिक निर्णय होना अभी बाकी है। <Cite refs={["turn528206search2","turn528206search9"]}/>
शिकायत पर सुनवाई के बाद गिरगांव की मजिस्ट्रेट अदालत ने अगस्त 2019 में राहुल गांधी के खिलाफ समन जारी किया था। राहुल गांधी ने इस कार्यवाही को चुनौती देते हुए दलील दी कि शिकायत की वैधता पर सवाल उठते हैं और कथित टिप्पणी के आधार पर शिकायतकर्ता की ओर से मामला चलाए जाने की पात्रता की जांच होनी चाहिए।
इसके बाद मामला बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचा। हाईकोर्ट ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया और आपराधिक मानहानि की कार्यवाही समाप्त करने से इनकार कर दिया। इसी आदेश के खिलाफ राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की। <Cite refs={["turn528206search2","turn528206search8"]}/>
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने राहुल गांधी की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब देने को कहा है। साथ ही, मामले की अगली सुनवाई तक निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दी है।
इस आदेश का अर्थ यह है कि फिलहाल मानहानि मामले का ट्रायल आगे नहीं बढ़ेगा। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि सुप्रीम कोर्ट ने अभी शिकायत को अंतिम रूप से खारिज नहीं किया है और न ही राहुल गांधी को आरोपों से मुक्त करने का अंतिम फैसला सुनाया है। मामले के गुण-दोष पर आगे की सुनवाई के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। <Cite refs={["turn528206search1","turn528206search4"]}/>
सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद अब संबंधित पक्ष के जवाब और आगे होने वाली सुनवाई पर नजर रहेगी। इस मामले में अदालत को राहुल गांधी की याचिका तथा मानहानि की शिकायत से जुड़े कानूनी प्रश्नों पर विचार करना है।
फिलहाल, शीर्ष अदालत के आदेश से राहुल गांधी को ट्रायल की कार्यवाही से अंतरिम राहत मिली है। लेकिन मामले का अंतिम परिणाम अभी आना बाकी है।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।


