17 सितंबर से मथुरा में शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान, 5 लाख दीपों से जगमगाएंगे धार्मिक स्थल
- 10h ago
नई दिल्ली। देश की राजधानी में आयोजित होने वाली विश्वविख्यात लवकुश रामलीला इस बार अपने भव्य मंच, अत्याधुनिक तकनीक और फिल्मी सितारों की मौजूदगी के कारण खास आकर्षण का केंद्र बनने जा रही है। लालकिला मैदान में होने वाली रामलीला के लिए इस बार मदुरै के विश्व प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर की तर्ज पर विशाल चार मंजिला मंच तैयार किया जा रहा है। भव्य मंदिरनुमा सेट न केवल दर्शकों को भारतीय स्थापत्य कला की झलक देगा, बल्कि आधुनिक लाइटिंग, 3डी मैपिंग, विजुअल इफेक्ट्स और डिजिटल डॉल्बी साउंड के जरिए रामायण के प्रसंगों को जीवंत बनाने का प्रयास किया जाएगा।
लवकुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि इस वर्ष लीला मंचन के लिए करीब 140 फुट लंबा, 60 फुट चौड़ा और 45 फुट ऊंचा विशाल मंच तैयार किया जा रहा है। मंच को चार मंजिलों में डिजाइन किया गया है। इसकी संरचना में मंदिर की नक्काशी, विशाल स्तंभ, गुंबद और पारंपरिक भारतीय शिल्पकला की बारीकियों को विशेष रूप से उकेरा जा रहा है।
मंच को तैयार करने के लिए कोलकाता, दिल्ली, मुंबई, गुजरात, राजस्थान, मथुरा और वृंदावन सहित अलग-अलग स्थानों के कारीगर महीनों से जुटे हुए हैं। आयोजकों के मुताबिक कोशिश की जा रही है कि दर्शकों को मंच देखते ही ऐसा अनुभव हो जैसे वे किसी भव्य मंदिर परिसर के सामने खड़े हों।
मंच की भव्यता को और बढ़ाने के लिए करीब एक लाख मल्टीकलर एलईडी लाइट्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। लीला के अलग-अलग दृश्यों के अनुसार रोशनी का रंग और प्रभाव बदलेगा। कभी नीली रोशनी में मंदिर का स्वरूप दिखाई देगा तो कभी सुनहरी रोशनी पूरे मंच को दिव्य आभा से भर देगी। लाल, हरे और अन्य रंगों की रोशनी का इस्तेमाल युद्ध, वन और धार्मिक प्रसंगों के अनुरूप किया जाएगा।
आयोजकों का कहना है कि लाइटिंग को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि मंच पर होने वाला प्रत्येक प्रसंग दर्शकों को दूर से भी स्पष्ट दिखाई दे और दृश्य का प्रभाव कई गुना बढ़ जाए।
रामलीला के दौरान अलग-अलग प्रसंगों को जीवंत बनाने के लिए मंच पर विशाल 31 फीट ऊंचा कैलाश पर्वत भी तैयार किया जा रहा है। इसके साथ घने जंगल का सेट बनाया जाएगा, जिसमें रामायण के वनवास से जुड़े प्रसंगों को प्रस्तुत किया जाएगा।
वन के दृश्यों को केवल पर्दे या पेंटिंग के जरिए दिखाने के बजाय उन्हें आधुनिक तकनीक के माध्यम से वास्तविक वातावरण जैसा बनाने की कोशिश की जाएगी। पक्षियों की चहचहाहट, जंगल के जानवरों की आवाजें और प्राकृतिक वातावरण दर्शकों को कथा के भीतर ले जाने का प्रयास करेंगे।
मंच पर ऐसे साउंड इफेक्ट्स का प्रयोग किया जाएगा कि दर्शकों को लगे जैसे वे स्वयं जंगल के बीच बैठे हुए हैं। कहीं पक्षियों के चहचहाने की आवाज सुनाई देगी तो कहीं शेर की दहाड़ और मोर के नृत्य का दृश्य दिखाई देगा।
रामलीला के सबसे महत्वपूर्ण प्रसंगों में से एक केवट द्वारा भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण को नाव से नदी पार कराने का दृश्य भी विशेष तकनीक के साथ प्रस्तुत किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार इस प्रसंग में पूरा मंच विजुअल इफेक्ट्स के जरिए नदी के रूप में दिखाई देगा। पानी की लहरों और नदी के वातावरण को इस तरह प्रदर्शित किया जाएगा कि दर्शकों को वास्तविक नदी का अहसास हो। इसी दृश्य में नाव पानी पर चलती हुई दिखाई देगी।
मंच की दूसरी मंजिल पर आधुनिक 3डी मैपिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। करीब 135 फुट लंबी और 14 फुट ऊंची विशाल एलईडी स्क्रीन के जरिए अलग-अलग प्रसंगों की पृष्ठभूमि को तेजी से बदला जा सकेगा।
इस तकनीक की मदद से युद्ध, वन, राजमहल, पर्वत, आकाश और अन्य दृश्यों को मंच पर अलग-अलग रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। डिजिटल डॉल्बी साउंड के साथ विजुअल इफेक्ट्स को जोड़ा जाएगा, जिससे दर्शकों को थिएटर जैसा अनुभव देने की तैयारी है।
मंच की तीसरी मंजिल को भी विशेष रूप से तैयार किया जा रहा है। यहां लीला के दौरान आकाश में विचरण करते देवी-देवताओं को दिखाया जाएगा। भगवान श्रीराम के महत्वपूर्ण प्रसंगों में देवताओं द्वारा पुष्पवर्षा का दृश्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
आयोजकों के मुताबिक तकनीकी प्रभावों के जरिए कलाकारों को मंच से ऊपर आकाश में चलते हुए दिखाने की व्यवस्था की जा रही है। इससे रामलीला के धार्मिक प्रसंगों में भव्यता और बढ़ेगी।
युद्ध और रोमांच से जुड़े दृश्यों में दर्शकों को अलग तरह का अनुभव देने की तैयारी भी की गई है। आयोजकों के मुताबिक करीब 70 फीट की ऊंचाई पर भूत-प्रेत, पिशाच और राक्षस जैसे पात्रों को विशेष प्रभावों के साथ दिखाया जाएगा।
डिजिटल साउंड और विशेष ध्वनि प्रभावों के माध्यम से इन दृश्यों को और प्रभावशाली बनाया जाएगा। स्टीरियोफोनिक 8-ट्रैक साउंड और डिजिटल डॉल्बी साउंड का इस्तेमाल कर युद्ध और रोमांचक दृश्यों में ध्वनि का प्रभाव बढ़ाया जाएगा।
इस बार लवकुश रामलीला में कई चर्चित फिल्मी और टीवी कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। कमेटी की ओर से संविधान क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में कलाकारों का परिचय कराया गया।
फिल्म और टेलीविजन जगत के चर्चित कलाकार राज प्रेमी इस बार रावण की भूमिका निभाएंगे। राज प्रेमी ने पौराणिक और ऐतिहासिक भूमिकाओं के अलावा फिल्मों और टेलीविजन धारावाहिकों में भी काम किया है। वे संजय खान के चर्चित धारावाहिक जय हनुमान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।
रावण की भूमिका को लेकर राज प्रेमी ने कहा कि दिल्ली के ऐतिहासिक लालकिला मैदान में रावण का अभिनय करना उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि वे पूरी तरह रावण के चरित्र में उतरने की कोशिश करेंगे और दर्शकों को इस बार रावण का एक अलग एवं प्रभावशाली रूप देखने को मिलेगा।
प्रसिद्ध अभिनेता पेंटल कंवरजीत सिंह रामलीला में नारद मुनि की भूमिका निभाएंगे। पेंटल ने अनेक पौराणिक धारावाहिकों में अभिनय किया है और उन्हें फिल्मफेयर सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुके हैं।
उन्होंने बताया कि पौराणिक धारावाहिकों में लंबे समय तक काम करने के बावजूद लाइव रामलीला में नारद मुनि की भूमिका निभाने का अवसर उन्हें पहली बार मिल रहा है। वे इससे पहले महाभारत धारावाहिक में शिखंडी की भूमिका के लिए भी चर्चित रहे हैं।
पेंटल ने कहा कि रामायण आधारित लाइव रामलीला में नारद मुनि का किरदार निभाना उनके लिए अलग अनुभव होगा और वे इसे पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाने का प्रयास करेंगे।
प्रसिद्ध गायक और अभिनेता शंकर साहनी इस वर्ष रामलीला में केवट की महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। शंकर साहनी लंबे समय से लवकुश रामलीला से जुड़े हुए हैं और विभिन्न वर्षों में अलग-अलग भूमिकाओं एवं प्रस्तुतियों के जरिए दर्शकों का मनोरंजन करते रहे हैं।
केवट प्रसंग रामायण का भावनात्मक और महत्वपूर्ण प्रसंग है। ऐसे में इस भूमिका को मंच पर किस तरह प्रस्तुत किया जाता है, यह दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।
लवकुश रामलीला कमेटी के महासचिव सुभाष गोयल ने बताया कि इस वर्ष रामलीला मंचन समारोह 11 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। वहीं 20 अक्टूबर को दशहरा पर्व पर रावण दहन किया जाएगा।
लालकिला मैदान में होने वाला रावण दहन हर वर्ष दिल्ली के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहता है। देशभर से लोग इस आयोजन को देखने पहुंचते हैं। इस बार मंच की भव्यता और तकनीकी प्रयोगों के कारण आयोजन को लेकर दर्शकों में विशेष उत्साह रहने की उम्मीद है।
लवकुश रामलीला कमेटी के चेयरमैन पवन गुप्ता ने बताया कि रामलीला के भव्य मंच और आयोजन की तैयारियों के लिए 20 सितंबर को भूमि पूजन समारोह आयोजित किया जाएगा। समारोह में केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, निगम पार्षदों और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों को आमंत्रित किया गया है।
भूमि पूजन के अवसर पर विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। आयोजन समिति के मुताबिक इस बार रामलीला मंच पर राजनीति, फिल्म, कला और खेल जगत से जुड़े कई चर्चित चेहरे भी अलग-अलग किरदारों में दिखाई दे सकते हैं।
लवकुश रामलीला कमेटी की ओर से इस बार धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन के साथ सामाजिक सेवा को भी जोड़ा जा रहा है। कमेटी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर के अवसर पर लालकिला मैदान में स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, नारायण सेवा संस्थान, तारा नेत्रालय तथा अन्य सहयोगी संस्थाओं की भागीदारी रहेगी। स्वास्थ्य मेले में दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए जाएंगे। ट्राईसाइकिल, अन्य सहायक उपकरण, चश्मे और कानों की मशीन आदि उपलब्ध कराने की योजना है।
इसके अलावा आंखों की जांच की जाएगी और जरूरतमंद मरीजों को ऑपरेशन के लिए चयनित किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि रामलीला के माध्यम से धार्मिक एवं सांस्कृतिक संदेश के साथ सामाजिक सेवा को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
इस बार लवकुश रामलीला की सबसे बड़ी खासियत यही होगी कि पारंपरिक रामलीला को आधुनिक तकनीक के साथ प्रस्तुत किया जाएगा। एक तरफ मीनाक्षी मंदिर की तर्ज पर भारतीय स्थापत्य कला से सजा विशाल मंच होगा, वहीं दूसरी तरफ 3डी मैपिंग, मल्टीकलर एलईडी, डिजिटल डॉल्बी साउंड और विजुअल इफेक्ट्स जैसे आधुनिक माध्यमों का इस्तेमाल होगा।
आयोजकों की योजना है कि रामायण के प्रत्येक महत्वपूर्ण प्रसंग को केवल संवाद और अभिनय तक सीमित न रखकर दृश्य, ध्वनि और प्रकाश के समन्वय से दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया जाए।
रामलीला कमेटी का दावा है कि इस बार दर्शकों को लालकिला मैदान में धार्मिक कथा, रंगमंच, फिल्मी तकनीक और आधुनिक मनोरंजन का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। विशाल मंच, ऊंचाई पर होने वाले दृश्य, बदलती रोशनी, डिजिटल पृष्ठभूमि, लाइव साउंड इफेक्ट और कलाकारों की प्रस्तुतियां मिलकर रामायण के प्रसंगों को अधिक प्रभावशाली बनाने का प्रयास करेंगी।
आयोजकों के अनुसार रामलीला का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के जीवन, उनके आदर्शों, मर्यादा, त्याग और धर्म के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है। आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल इसी उद्देश्य से किया जा रहा है ताकि युवा दर्शक भी रामायण की कथा और उसके संदेश से जुड़ सकें।
लालकिला मैदान में होने वाले इस आयोजन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। कारीगर मंच को अंतिम रूप देने में जुटे हैं और कलाकार अपनी-अपनी भूमिकाओं की तैयारी कर रहे हैं। आने वाले दिनों में मंच, लाइटिंग और तकनीकी व्यवस्थाओं के और स्वरूप सामने आने की उम्मीद है। ऐसे में इस बार की लवकुश रामलीला राजधानी दिल्ली के सबसे बड़े धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों में एक बार फिर अपनी भव्यता के लिए चर्चा में रहने वाली है।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।


