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मथुरा। थाना मांट पुलिस ने जिला बदर की अवधि पूरी होने से पहले ही जनपद की सीमा में वापस लौटे एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त जिलाधिकारी के आदेश के तहत छह माह के लिए जिला बदर किया गया था, लेकिन निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले ही वह चोरी-छिपे अपने गांव लौट आया। मुखबिर की सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे उसके घर के सामने से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान करन उर्फ करनवीर (करीब 25 वर्ष), पुत्र ओवरन, निवासी ग्राम हैंद खण्ड जाबरा, थाना मांट, जनपद मथुरा के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने उसे 11 सितंबर 2026 की रात करीब 8:55 बजे मुखबिर की सूचना पर ग्राम हैंद खण्ड जाबरा स्थित उसके घर के सामने से पकड़ा।
पुलिस के अनुसार अभियुक्त करनवीर के खिलाफ आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए जिलाधिकारी के न्यायालय में कार्रवाई की गई थी। वाद संख्या 1291/25 और धारा 3(1) उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के तहत जिलाधिकारी द्वारा उसे छह माह के लिए जिला बदर किए जाने का आदेश जारी किया गया था।
आदेश के अनुपालन में स्थानीय पुलिस ने 21 अप्रैल 2026 को अभियुक्त को जिला बदर आदेश की जानकारी दी थी। पुलिस के मुताबिक उसे निर्धारित समय तक मथुरा जनपद की सीमा से बाहर रहने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद पुलिस ने उसे जनपद की सीमा से बाहर भेज दिया था।
पुलिस का कहना है कि जिला बदर की अवधि अभी पूरी नहीं हुई थी, इसके बावजूद करनवीर जनपद की सीमा में वापस आ गया। पुलिस को उसके गांव में मौजूद होने की सूचना मिली। सूचना को गंभीरता से लेते हुए मांट पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और टीम को मौके पर भेजा।
पुलिस टीम ने घेराबंदी करते हुए अभियुक्त को उसके घर के सामने से गिरफ्तार कर लिया। अचानक हुई पुलिस कार्रवाई से गांव में भी हलचल मच गई। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अभियुक्त को थाने ले गई और उसके खिलाफ जिला बदर आदेश के उल्लंघन को लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू की।
पुलिस के अनुसार जिला बदर किए गए व्यक्ति का निर्धारित अवधि के दौरान बिना अनुमति जनपद में प्रवेश करना आदेश का उल्लंघन माना जाता है। इसी आधार पर अभियुक्त के खिलाफ थाना मांट में मु0अ0सं0 218/2026, धारा 3/10 उत्तर प्रदेश गुण्डागर्दी नियंत्रण अधिनियम 1970 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बताया कि अभियुक्त के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार करनवीर के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ थाना मांट में पूर्व में भी मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ मु0अ0सं0 266/2024, आर्म्स एक्ट तथा मु0अ0सं0 258/2026, बीएनएस के तहत मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
पुलिस का कहना है कि आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जिला बदर किए गए अभियुक्तों की भी गतिविधियों पर पुलिस नजर बनाए हुए है, ताकि वे आदेश का उल्लंघन कर दोबारा जनपद में प्रवेश न कर सकें।
करनवीर की गिरफ्तारी में मुखबिर की सूचना अहम रही। पुलिस को उसके गांव में वापस आने की जानकारी मिली थी। इसके बाद थाना मांट पुलिस ने बिना देरी किए कार्रवाई की और रात के समय उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जिला बदर आदेशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियुक्तों की निगरानी की जा रही है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
अभियुक्त की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक उमेश कुमार, उप निरीक्षक विजन सिंह और उप निरीक्षक संजीव कुमार शामिल रहे। टीम ने मुखबिर की सूचना के आधार पर अभियुक्त को चिह्नित किया और निर्धारित स्थान पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
मांट पुलिस की इस कार्रवाई के बाद पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अपराधियों और जिला बदर किए गए व्यक्तियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। पुलिस का उद्देश्य क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और ऐसे लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करना है, जो प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना करते हैं।
जिला बदर की अवधि के दौरान जनपद में लौटने वाले अभियुक्त के खिलाफ हुई कार्रवाई को पुलिस की सख्ती से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। जिला बदर आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ दर्ज मुकदमे में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस उसके आपराधिक इतिहास और जनपद में वापस आने के कारणों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।


