यूपी के सभी 75 जिलों में बनेंगे सरदार पटेल स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन, युवाओं को एक ही छत के नीचे मिलेगा प्रशिक्षण और रोजगार: सीएम योगी
- 12h ago
खेकड़ा। सेवा संकल्प अभियान के तहत कस्बे में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छोटे बच्चों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया। तीन से छह वर्ष की आयु के बच्चों ने गीत, कविता और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों की प्रस्तुतियों पर कार्यक्रम स्थल तालियों से गूंज उठा।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों और माताओं को पोषण, स्वास्थ्य तथा प्रारंभिक शिक्षा के प्रति जागरूक करना रहा। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से संचालित विभिन्न योजनाओं और सेवाओं की जानकारी पात्र परिवारों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम में आयोजित हेल्दी बेबी प्रतियोगिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही। प्रतियोगिता में बेहतर स्वास्थ्य और पोषण की स्थिति वाले बच्चों को प्रोत्साहित किया गया। विजेता बच्चों को मिठाई, किताबें और खेल खिलौने देकर पुरस्कृत किया गया।
बच्चों को पुरस्कार देने का उद्देश्य उन्हें प्रोत्साहित करने के साथ-साथ अभिभावकों को भी बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के प्रति सजग रहने का संदेश देना रहा। कार्यक्रम में बताया गया कि बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए संतुलित आहार, स्वच्छता, नियमित देखभाल और उम्र के अनुरूप प्रारंभिक शिक्षा महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाली उत्कृष्ट माताओं को भी प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में परिवार और विशेष रूप से माता की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
माताओं को बच्चों के खान-पान, स्वच्छता, नियमित देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ी गतिविधियों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बच्चे के शुरुआती वर्षों में उचित पोषण और देखभाल उसके आगे के विकास की नींव तैयार करती है।
विभागीय कार्यों में सराहनीय योगदान देने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को साड़ी भी वितरित की गई।
कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के कार्यों की भूमिका पर भी चर्चा हुई। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और महिलाओं तक विभिन्न सेवाओं की जानकारी पहुंचाने, पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने तथा प्रारंभिक शिक्षा से जोड़ने में कार्यकत्रियों की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है।
कार्यक्रम में तीन से छह वर्ष की आयु के बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों की प्रस्तुतियों को देखकर अभिभावकों और कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनका उत्साहवर्धन किया।
बच्चों की सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से उन्हें मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला। इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने और सामूहिक गतिविधियों में भाग लेने की भावना विकसित करने का संदेश भी दिया गया।
आईसीडीएस विभाग की ओर से विभिन्न योजनाओं और सेवाओं की जानकारी देने के लिए प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी में पौष्टिक व्यंजनों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। इसके माध्यम से माताओं को बच्चों के लिए उपलब्ध स्थानीय और पौष्टिक खाद्य पदार्थों के बारे में जानकारी देने का प्रयास किया गया।
प्रदर्शनी में रंगोली और स्वयं निर्मित खेल-खिलौने भी प्रदर्शित किए गए। इन गतिविधियों के जरिए बच्चों की रचनात्मक क्षमता और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़े पहलुओं को सामने रखा गया।
कार्यक्रम में स्वयं निर्मित खेल-खिलौनों को भी प्रदर्शित किया गया। अधिकारियों और कार्यकत्रियों ने बताया कि छोटे बच्चों के लिए खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि खेलते हुए वे कई नई चीजें सीखते हैं।
रंग, आकार, संख्या, पहचान और आपसी सहभागिता जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के सीखने की प्रक्रिया को रोचक बनाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के लिए विभिन्न गतिविधियां कराई जाती हैं।
कार्यक्रम के दौरान गोदभराई और अन्नप्राशन की रस्म भी कराई गई। इन रस्मों के माध्यम से माताओं और परिवारों को शिशुओं की देखभाल तथा पोषण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई।
अन्नप्राशन के अवसर पर बच्चों के खान-पान को लेकर परिवारों को जागरूक किया गया, जबकि गोदभराई कार्यक्रम के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की देखभाल और पोषण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में आईसीडीएस विभाग की ओर से संचालित योजनाओं और सेवाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने पात्र परिवारों से विभागीय योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।
बताया गया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और माताओं से जुड़ी विभिन्न सेवाओं की जानकारी और सहायता उपलब्ध कराई जाती है। कार्यक्रम का उद्देश्य इन सेवाओं को अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक पहुंचाना भी रहा।
कार्यक्रम में बच्चों के पोषण के साथ उनकी प्रारंभिक शिक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि बच्चे के शुरुआती वर्षों में पोषण और सीखने का वातावरण दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। स्वस्थ बच्चे ही बेहतर तरीके से सीखने और अपनी क्षमताओं को विकसित करने में सक्षम होते हैं।
इसी सोच के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को खेल, गीत, कहानी, चित्रकारी और अन्य गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।
बाल विकास परियोजना अधिकारी गोरखनाथ पांडेय ने कहा कि आंगन मिलन सेवा का उद्देश्य माताओं, बच्चों और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक शिक्षा के प्रति जागरूक और प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि विभाग की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना भी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए परिवार, समाज और विभागीय स्तर पर सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से लोगों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ उन्हें बच्चों की देखभाल और पोषण के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं और महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने विभिन्न गतिविधियों में सहभागिता की और बच्चों की प्रस्तुतियों का उत्साहवर्धन किया।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने प्रदर्शनी में तैयार पौष्टिक व्यंजनों, रंगोली और स्वयं निर्मित खेल-खिलौनों के बारे में भी जानकारी दी। इससे कार्यक्रम में विभागीय गतिविधियों की झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया गया। इसमें केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक विकास, प्रारंभिक शिक्षा, रचनात्मकता और सामाजिक व्यवहार को भी महत्वपूर्ण बताया गया।
कार्यक्रम में बच्चों को खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने के साथ माताओं को उनके पोषण और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया। हेल्दी बेबी प्रतियोगिता और बच्चों की प्रस्तुतियों के माध्यम से भी स्वस्थ एवं खुशहाल बचपन की अवधारणा को प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम में भाजपा नेत्री मीनाक्षी सिसौदिया, वार्ड सभासद, बबीता शर्मा, सुमन, स्नेहलता, संगीता, सविता, सीमा धामा, रीतू, नसीम बानो, पुष्पा देवी, शशि बाला, सीमा शर्मा, बबीता, उषा, सरिता समेत बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं मौजूद रहीं।
कार्यक्रम के समापन पर बच्चों, माताओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की सहभागिता की सराहना की गई। आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से सरकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के साथ बच्चों और अभिभावकों में पोषण, स्वास्थ्य तथा प्रारंभिक शिक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलती है।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।


