17 सितंबर से मथुरा में शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान, 5 लाख दीपों से जगमगाएंगे धार्मिक स्थल
- 10h ago
मथुरा। थाना हाईवे क्षेत्र में शनिवार देर शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब पिता के लिए खाना लेने जा रहे दो सगे भाइयों को मंडी चौराहे के पास कथित रूप से दबंगों ने घेर लिया और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। अचानक हुए हमले में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए।
घायल युवकों में प्रियांश और पारस शामिल हैं। बताया गया है कि दोनों अपने पिता श्याम बाबू के लिए खाना लेने के लिए घर से निकले थे। जैसे ही वे मंडी चौराहे के पास पहुंचे, वहां पहले से मौजूद नामजद आरोपियों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि दोनों भाइयों को संभलने का मौका भी नहीं मिला और नामजद लोगों के साथ मौजूद करीब आधा दर्जन अज्ञात युवकों ने उन पर हमला शुरू कर दिया।
पीड़ित पक्ष के अनुसार, हमलावरों ने दोनों भाइयों को घेर लिया और लाठी-डंडों से जमकर पीटा। हमले के दौरान दोनों भाइयों के शरीर पर कई जगह चोटें आईं। आसपास मौजूद लोगों ने जब मारपीट देखी तो मौके पर भीड़ जुटने लगी। लोगों के पहुंचने और शोर बढ़ने के बाद हमलावर वहां से भाग निकले।
हमले में प्रियांश को गंभीर चोटें आई हैं। उसकी हालत को देखते हुए उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं पारस को भी चोटें आई हैं और उसका उपचार कराया गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां घायल युवकों से घटना की जानकारी ली गई।
घटना की सूचना मिलने पर थाना हाईवे पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास जानकारी जुटाई और पीड़ित पक्ष से पूरी घटना के संबंध में पूछताछ की।
पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर नामजद आरोपियों और अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब पुलिस नामजद आरोपियों की तलाश के साथ-साथ वारदात में शामिल बताए जा रहे अज्ञात लोगों की पहचान करने में जुटी है।
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी जांच कर सकती है, ताकि हमलावरों के आने-जाने और घटना के दौरान मौजूद लोगों के संबंध में जानकारी जुटाई जा सके। हालांकि इस संबंध में पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
घायल युवकों के चाचा नौहबत सिंह ने इस हमले के पीछे पुरानी रंजिश होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि परिवार को लेकर पहले से विवाद चला आ रहा है और इसी रंजिश के चलते दोनों भाइयों को निशाना बनाया गया।
नौहबत सिंह के मुताबिक, श्याम बाबू ने वर्ष 2024 में ताजमहल पर गंगाजल चढ़ाया था। इसके बाद कई हिंदू संगठनों की ओर से उन्हें सम्मानित किया गया था। चाचा का आरोप है कि इसी घटनाक्रम के बाद कुछ लोगों से परिवार की रंजिश शुरू हो गई थी। उनका यह भी दावा है कि इससे पहले भी परिवार पर हमला किया जा चुका है।
परिवार का कहना है कि शनिवार देर शाम हुआ हमला भी उसी पुरानी रंजिश का हिस्सा हो सकता है। हालांकि हमले की वास्तविक वजह क्या है, इसका खुलासा पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
परिजनों के अनुसार, दोनों भाई किसी विवाद में शामिल होने के लिए नहीं बल्कि अपने पिता के लिए खाना लेने निकले थे। रास्ते में मंडी चौराहे के पास उन्हें कथित तौर पर रोक लिया गया। आरोप है कि हमलावरों ने पहले दोनों भाइयों को घेरा और उसके बाद उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।
घटना के बाद घायल भाइयों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल प्रियांश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिजनों के मुताबिक, हमले में उसे काफी चोटें आई हैं और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
इस मामले में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन अज्ञात हमलावरों की पहचान करना है, जिनके बारे में पीड़ित पक्ष ने शिकायत में जानकारी दी है। पुलिस नामजद आरोपियों के साथ उन लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जो घटना के समय मौके पर मौजूद थे।
जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हमला अचानक हुआ या आरोपियों ने पहले से इसकी योजना बनाई थी। पुलिस घटना से जुड़े प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी जुटा सकती है।
दोनों भाइयों पर हुए हमले के बाद परिवार में आक्रोश है। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि परिवार के साथ पहले भी इस तरह की घटनाएं हुई हैं तो पुलिस को पूरे मामले की गंभीरता से जांच करनी चाहिए।
परिजनों ने घायल प्रियांश के बेहतर उपचार और हमले में शामिल सभी लोगों की गिरफ्तारी की मांग की है।
फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस नामजद आरोपियों की तलाश कर रही है और अज्ञात हमलावरों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। घटना के पीछे बताई जा रही पुरानी रंजिश की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हमले में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और वारदात में कितने लोग शामिल थे।
फिलहाल घायल प्रियांश का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है, जबकि पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।


