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- 12h ago
नई दिल्ली। वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन का 21वां संस्करण इस बार अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स के कई बड़े नामों की मौजूदगी के कारण खास बनने जा रहा है। वर्ल्ड एथलेटिक्स गोल्ड लेबल रोड रेस के रूप में आयोजित होने वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में इथियोपिया के दो बार के चैंपियन बिरहानु लेगेसे एक बार फिर दिल्ली की सड़कों पर उतरेंगे। उनकी नजर इस बार अपने तीसरे खिताब पर होगी।
वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन के प्रमोटर प्रोकैम इंटरनेशनल ने प्रतियोगिता के लिए अंतरराष्ट्रीय एलीट खिलाड़ियों की सूची जारी कर दी है। रेस का आयोजन रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में किया जाएगा। इस वर्ष पुरुष और महिला वर्ग में कुल 36 अंतरराष्ट्रीय एलीट धावक हिस्सा लेंगे, जिनमें 18 पुरुष और 18 महिला एथलीट शामिल हैं।
प्रतियोगिता में पुरुष वर्ग का एलीट फील्ड विशेष रूप से मजबूत नजर आ रहा है। सात धावक ऐसे हैं, जिनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय 60 मिनट से कम है। इनमें बिरहानु लेगेसे 58 मिनट 59 सेकंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ घोषित धावकों में सबसे तेज हैं।
बिरहानु लेगेसे का वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन से पुराना और सफल रिश्ता रहा है। वह पहले ही इस प्रतियोगिता का खिताब दो बार अपने नाम कर चुके हैं। अब दिल्ली वापसी पर उनका लक्ष्य तीसरी बार विजेता बनने का होगा।
लेगेसे के सामने हालांकि इस बार आसान चुनौती नहीं होगी। अंतरराष्ट्रीय एलीट फील्ड में कई ऐसे धावक शामिल हैं, जिनके पास बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में शानदार प्रदर्शन का अनुभव है। ऐसे में रेस के शुरुआती चरण से ही गति और रणनीति दोनों महत्वपूर्ण रहने की उम्मीद है।
लेगेसे ने दिल्ली वापसी को लेकर कहा कि पिछले वर्ष वह पोडियम से मामूली अंतर से चूक गए थे और इस बार उस कमी को पूरा करना चाहते हैं। उन्होंने दिल्ली में दौड़ने के अनुभव को सुखद बताया और कहा कि उनका ध्यान रेस के दिन तक शानदार फॉर्म हासिल करने पर रहेगा।
उनके लिए चुनौती सिर्फ तेज शुरुआत करने की नहीं होगी, बल्कि पूरी रेस के दौरान गति को नियंत्रित रखते हुए अंतिम चरण में अपनी क्षमता का इस्तेमाल करने की भी होगी।
केन्या के चार्ल्स माताता लेगेसे के सामने प्रमुख चुनौती पेश करने वाले धावकों में शामिल हैं। माताता वर्ष 2023 की वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन में उपविजेता रहे थे। इसके बाद भी उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है।
इस वर्ष इस्तांबुल हाफ मैराथन में भी माताता ने दूसरा स्थान हासिल किया। दिल्ली की परिस्थितियों और रेस के अनुभव से परिचित माताता के लिए यह वापसी खिताब की दौड़ में खुद को फिर से साबित करने का अवसर होगी।
इथियोपिया के डेरिबा तेसफाये और मेलाकु बेलाचेव भी पुरुष वर्ग के एलीट फील्ड में शामिल हैं। तेसफाये ने रॉटरडैम मैराथन में दूसरा स्थान हासिल किया है, जबकि बेलाचेव ने 2026 हांगकांग मैराथन का खिताब जीता है।
इस तरह पुरुष वर्ग में कई ऐसे धावक मौजूद हैं, जिन्होंने हाल के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में अपनी क्षमता साबित की है।
बिरहानु लेगेसे का 58:59 मिनट का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन उन्हें इस एलीट सूची में सबसे तेज धावक बनाता है। हाफ मैराथन में एक घंटे से कम का समय हासिल करना अंतरराष्ट्रीय स्तर की तेज रेसिंग क्षमता को दर्शाता है।
इस बार पुरुष वर्ग में सात धावकों का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय 60 मिनट से कम है। इससे संकेत मिलता है कि दिल्ली में रेस का स्तर काफी ऊंचा रहने वाला है और शीर्ष स्थान के लिए सेकंडों का अंतर भी निर्णायक हो सकता है।
हालांकि व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय किसी विशेष दिन के प्रदर्शन की गारंटी नहीं होता। मौसम, रेस की रणनीति, गति का वितरण और अंतिम चरण में धावक की स्थिति परिणाम पर प्रभाव डाल सकते हैं।
महिला वर्ग भी पुरुषों से कम रोमांचक नहीं होगा। केन्या की इरिन चेपटाई इस फील्ड की प्रमुख धावकों में शामिल हैं। उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय 64:53 मिनट है।
चेपटाई वर्ष 2022 में वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन का खिताब जीत चुकी हैं और अब वह दिल्ली में अपने दूसरे खिताब की तलाश में उतरेंगी। उनके सामने अंतरराष्ट्रीय स्तर की कई अनुभवी धावक चुनौती पेश करेंगी।
पिछले साल की रजत पदक विजेता इथियोपिया की मेलाल सियोम बिराटु भी प्रतियोगिता में मौजूद रहेंगी। वहीं 2024 की उपविजेता सिंथिया लिमो भी महिला वर्ग की मजबूत प्रतिभागियों में शामिल हैं।
इन धावकों की मौजूदगी से महिला वर्ग में भी शुरुआत से ही प्रतिस्पर्धा तेज रहने की संभावना है।
इजराइल का प्रतिनिधित्व करने वाली केन्या में जन्मी लोनाह चेमताई सालपेटर भी महिला एलीट फील्ड का महत्वपूर्ण नाम हैं। वह 2022 वर्ल्ड एथलेटिक्स हाफ मैराथन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुकी हैं।
इसके अलावा उन्होंने यूरोपीय चैंपियनशिप में इजराइल के लिए कई पदक हासिल किए हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का उनका अनुभव दिल्ली की रेस में उपयोगी साबित हो सकता है।
महिला वर्ग में अलग-अलग देशों की धाविकाओं के बीच मुकाबला होने से रेस में रणनीतिक प्रतिस्पर्धा भी देखने को मिल सकती है।
दिल्ली लौट रही इरिन चेपटाई ने कहा कि इस प्रतियोगिता में कई युवा धावक उन्हें चुनौती देंगे, लेकिन उन्हें दिल्ली में दौड़ने का अनुभव है और वह पोडियम के लिए पूरी ताकत लगाएंगी।
चेपटाई ने इस वर्ष फरवरी में दुबई की बुर्ज2बुर्ज हाफ मैराथन जीती थी। इसके बाद उन्होंने बोस्टन मैराथन में छठा स्थान हासिल किया। ऐसे में दिल्ली की रेस में उनका हालिया अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी चर्चा का विषय रहेगा।
उनके लिए दिल्ली में चुनौती सिर्फ अपने पिछले प्रदर्शन को दोहराने की नहीं, बल्कि एक बार फिर खिताब हासिल करने की होगी।
वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन में इस बार कुल 2,75,732 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि रखी गई है। पुरुष और महिला वर्ग के विजेताओं को 27-27 हजार अमेरिकी डॉलर दिए जाएंगे।
दोनों वर्गों में शीर्ष 10 स्थान हासिल करने वाले धावकों के लिए भी पुरस्कार निर्धारित हैं। इसके अलावा भारतीय एथलीटों के लिए अलग प्रोत्साहन राशि की व्यवस्था की गई है।
प्रतियोगिता में एक विशेष रिकॉर्ड बोनस भी रखा गया है। मौजूदा इवेंट रिकॉर्ड को तोड़ने वाले एथलीट को 12 हजार अमेरिकी डॉलर का बोनस मिलेगा। इससे शीर्ष अंतरराष्ट्रीय धावकों के बीच रिकॉर्ड समय हासिल करने की प्रतिस्पर्धा को भी अतिरिक्त प्रोत्साहन मिल सकता है।
इस वर्ष प्रतियोगिता में कुल 36 अंतरराष्ट्रीय एलीट धावक हिस्सा लेंगे। इनमें 18 पुरुष और 18 महिला एथलीट शामिल हैं।
विभिन्न देशों के शीर्ष धावकों की भागीदारी से वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन का अंतरराष्ट्रीय स्वरूप और मजबूत होगा। प्रतियोगिता पहले से ही वर्ल्ड एथलेटिक्स गोल्ड लेबल रोड रेस के रूप में अपनी पहचान बना चुकी है।
एलीट फील्ड के साथ भारतीय धावकों की मौजूदगी भी प्रतियोगिता को देश के एथलीटों के लिए महत्वपूर्ण मंच बनाती है। भारतीय खिलाड़ियों के लिए अलग प्रोत्साहन राशि भी रखे जाने से घरेलू प्रतिभाओं के लिए प्रतिस्पर्धा का अतिरिक्त अवसर उपलब्ध होगा।
प्रोकैम इंटरनेशनल के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर विवेक सिंह ने कहा कि वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन तीसरे दशक में प्रवेश कर रही है और प्रतियोगिता के प्रत्येक संस्करण ने नए मानक स्थापित किए हैं।
उनके अनुसार इस वर्ष का एलीट फील्ड प्रतियोगिता की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को दर्शाता है। अलग-अलग देशों के अनुभवी और तेज धावकों की मौजूदगी से प्रतियोगिता में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी।
वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन की लगातार अंतरराष्ट्रीय भागीदारी ने इसे भारतीय शहर में आयोजित होने वाली प्रमुख रोड रेसों में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाया है। इस वर्ष भी पुरुष और महिला दोनों वर्गों में कई शीर्ष धावकों की मौजूदगी रेस को आकर्षण का केंद्र बनाएगी।
18 अक्टूबर को होने वाली इस रेस में सबसे अधिक नजर पुरुष वर्ग में बिरहानु लेगेसे पर रहेगी। दो बार के चैंपियन के सामने तीसरा खिताब हासिल करने की चुनौती होगी। दूसरी ओर चार्ल्स माताता, डेरिबा तेसफाये और मेलाकु बेलाचेव जैसे धावक उनके अभियान को मुश्किल बनाने की कोशिश करेंगे।
महिला वर्ग में इरिन चेपटाई के सामने अपने पुराने खिताबी प्रदर्शन को दोहराने का अवसर होगा। मेलाल सियोम बिराटु, सिंथिया लिमो और लोनाह चेमताई सालपेटर जैसी अनुभवी धाविकाएं उनकी चुनौती को आसान नहीं होने देंगी।
ऐसे में 21वीं वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन में एक ओर जहां रिकॉर्ड और पुरस्कार राशि के लिए मुकाबला होगा, वहीं अंतरराष्ट्रीय एलीट धावकों के बीच प्रतिष्ठा की जंग भी देखने को मिलेगी। दिल्ली की सड़कें एक बार फिर लंबी दूरी के धावकों की रफ्तार, रणनीति और धैर्य की परीक्षा की गवाह बनेंगी।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।


