यूपी के सभी 75 जिलों में बनेंगे सरदार पटेल स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन, युवाओं को एक ही छत के नीचे मिलेगा प्रशिक्षण और रोजगार: सीएम योगी
- 12h ago
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस और राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान-2026’ के तहत गुजरात के वडनगर से उत्तर प्रदेश के वाराणसी तक निकाली जा रही युवा ‘सेवा संकल्प यात्रा’ सोमवार को दिल्ली पहुंची। दिल्ली की सीमा में प्रवेश करते ही यात्रा का विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया गया। गुरुग्राम-दिल्ली सीमा से लेकर राष्ट्रपति बॉडीगार्ड्स मैदान और संसद मार्ग तक भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने यात्रियों का अभिनंदन किया।
यात्रा का उद्देश्य सेवा गतिविधियों, सामाजिक सरोकारों और देश की सांस्कृतिक विरासत से युवाओं को जोड़ने का संदेश देना बताया गया है। यात्रा वडनगर से शुरू होकर देश के विभिन्न हिस्सों से गुजरते हुए वाराणसी की ओर बढ़ रही है। दिल्ली पहुंचने के दौरान जगह-जगह स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए गए और यात्रा में शामिल युवाओं का उत्साह बढ़ाया गया।
गुरुग्राम-दिल्ली सीमा पर यात्रा के पहुंचने पर भाजपा के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने यात्रियों का स्वागत किया। इस दौरान सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, कमलजीत सहरावत, जयप्रकाश, कपिल मिश्रा, मोहनलाल गिहारा, रजत चौधरी और रोहित चहल सहित अन्य नेताओं ने यात्रा में शामिल युवाओं का अभिनंदन किया।
स्वागत के दौरान कार्यकर्ताओं ने यात्रा को लेकर उत्साह व्यक्त किया। दिल्ली की सीमा में प्रवेश के बाद यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए राष्ट्रपति बॉडीगार्ड्स मैदान पहुंची। यहां आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने यात्रियों का स्वागत किया।
कार्यक्रम में यात्रा से जुड़े सेवा कार्यों और इसके उद्देश्य को लेकर भी चर्चा हुई। आयोजकों के अनुसार, यात्रा में शामिल युवा रास्ते में केवल आगे बढ़ने का काम नहीं कर रहे हैं, बल्कि विभिन्न स्थानों पर सामाजिक गतिविधियों में भी भाग ले रहे हैं।
राष्ट्रपति बॉडीगार्ड्स मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण किया गया। यात्रा के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश जोड़ते हुए पौधे लगाए गए।
कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता वी.डी. शर्मा, महामंत्री हरीश द्विवेदी, दिल्ली भाजपा प्रभारी-सह प्रभारी जमयांग सेरिंग नामग्याल, सांसद मनोज तिवारी, राष्ट्रीय मंत्री जयप्रकाश, दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, आशीष सूद और सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा सहित कई नेता मौजूद रहे।
पौधरोपण कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देने का प्रयास किया गया। यात्रा के दौरान सेवा गतिविधियों को अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि यह यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसके साथ विभिन्न सेवा गतिविधियों को भी जोड़ा गया है। उनके अनुसार, यात्रा के दौरान स्वच्छता, वृक्षारोपण और धार्मिक स्थलों की स्वच्छता जैसे कार्य किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यात्रा का मार्ग भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि वडनगर से वाराणसी तक पहुंचने के दौरान यह कई ऐसे स्थानों से गुजर रही है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक और राजनीतिक यात्रा से जुड़े रहे हैं।
मल्होत्रा ने कहा कि यात्रा में शामिल युवा अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों से संवाद कर रहे हैं और सेवा कार्यों के माध्यम से समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश आगे बढ़ा रहे हैं। उनके मुताबिक, अभियान का उद्देश्य युवाओं को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ना और सेवा की भावना को प्रोत्साहित करना है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ‘सेवा संकल्प यात्रा’ के माध्यम से ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उनके अनुसार, देश के अलग-अलग क्षेत्रों से गुजरने वाली यह यात्रा लोगों के बीच आपसी जुड़ाव और भाईचारे का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि भारत की विविधता उसकी ताकत है और अलग-अलग राज्यों, क्षेत्रों तथा समुदायों के बीच संपर्क बढ़ाने से राष्ट्रीय एकता की भावना मजबूत होती है। यात्रा के माध्यम से देश की सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान और सेवा भाव को भी सामने लाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, यात्रा देशवासियों के बीच प्रेम, भाईचारे, विरासत के प्रति सम्मान और देशभक्ति का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है।
‘सेवा संकल्प यात्रा’ की शुरुआत गुजरात के वडनगर से की गई है और इसका अंतिम पड़ाव उत्तर प्रदेश का वाराणसी है। वडनगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मस्थान है, जबकि वाराणसी उनके संसदीय क्षेत्र के रूप में राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
यात्रा के मार्ग में आने वाले विभिन्न शहरों और क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर स्वागत और सेवा गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इससे यात्रा को केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम के बजाय सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
आयोजकों के अनुसार, यात्रा में शामिल युवाओं को रास्ते में स्थानीय समाज और विभिन्न समुदायों से संवाद करने का अवसर भी मिल रहा है। विभिन्न स्थानों पर स्थानीय कार्यकर्ताओं और नागरिकों की ओर से यात्रियों का स्वागत किया जा रहा है।
दिल्ली में प्रवेश से पहले गुरुग्राम-दिल्ली सीमा पर यात्रा का स्वागत किया गया। यहां भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में यात्रियों का अभिनंदन हुआ। इसके बाद यात्रा दिल्ली के विभिन्न मार्गों से होते हुए राष्ट्रपति बॉडीगार्ड्स मैदान पहुंची।
राष्ट्रपति बॉडीगार्ड्स मैदान में कार्यक्रम के बाद यात्रा संसद मार्ग की ओर बढ़ी। यहां दिल्ली सरकार के मंत्री रविन्द्र इंद्राज सिंह ने यात्रा का औपचारिक स्वागत किया। संसद मार्ग पर स्वागत कार्यक्रम के बाद यात्रा दिल्ली से आगे बढ़ते हुए नोएडा के लिए रवाना हो गई।
दिल्ली प्रवास के दौरान यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही। इसके साथ ही यात्रा में शामिल युवाओं के बीच भी उत्साह देखने को मिला।
इस अभियान में युवाओं की भागीदारी को विशेष महत्व दिया गया है। यात्रा के माध्यम से युवाओं को सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
आयोजकों के अनुसार, सेवा गतिविधियों में भागीदारी युवाओं को समाज की विभिन्न जरूरतों से सीधे जोड़ती है। स्वच्छता अभियान से लेकर पौधरोपण और धार्मिक स्थलों की सफाई तक के कार्यों को यात्रा का हिस्सा बनाया गया है।
इससे यात्रा में शामिल प्रतिभागियों को अलग-अलग क्षेत्रों की सामाजिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों को समझने का अवसर भी मिल रहा है। यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों से संवाद और सेवा गतिविधियों में भागीदारी को अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है।
‘सेवा संकल्प यात्रा’ में सेवा कार्यों के साथ भारत की सांस्कृतिक विरासत को भी प्रमुखता दी जा रही है। धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की स्वच्छता को अभियान से जोड़ने का उद्देश्य विरासत स्थलों के संरक्षण और उनके प्रति नागरिक जिम्मेदारी का संदेश देना बताया गया है।
यात्रा से जुड़े नेताओं का कहना है कि देश की सांस्कृतिक विरासत केवल इतिहास का हिस्सा नहीं है, बल्कि वर्तमान पीढ़ी की भी जिम्मेदारी है। ऐसे में युवाओं को विरासत स्थलों की स्वच्छता और संरक्षण से जोड़ना जागरूकता बढ़ाने का माध्यम बन सकता है।
दिल्ली में विभिन्न कार्यक्रमों और स्वागत समारोहों के बाद यात्रा नोएडा की ओर रवाना हो गई। अब इसके आगे के पड़ाव उत्तर प्रदेश में होंगे और अंततः यात्रा वाराणसी पहुंचेगी।
वडनगर से शुरू हुआ यह सफर दिल्ली तक पहुंचने के बाद अब उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। यात्रा के आगामी चरणों में भी सेवा गतिविधियों, स्वागत कार्यक्रमों और सामाजिक संवाद को जारी रखने की योजना है।
आयोजकों के अनुसार, ‘सेवा संकल्प अभियान-2026’ के तहत निकाली गई यह यात्रा युवाओं को राष्ट्रसेवा, सामाजिक सहभागिता, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूक करने का माध्यम है। दिल्ली में हुए कार्यक्रमों के बाद यात्रा अब वाराणसी की दिशा में आगे बढ़ रही है, जहां इसके आगामी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस तरह वडनगर से शुरू हुई ‘सेवा संकल्प यात्रा’ ने दिल्ली में कई पड़ावों पर स्वागत और सेवा गतिविधियों के बाद अपने अगले चरण में प्रवेश कर लिया है। यात्रा के दौरान पौधरोपण, स्वच्छता और विरासत संरक्षण जैसे विषयों को सामने रखकर सामाजिक भागीदारी का संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।


