यूपी के सभी 75 जिलों में बनेंगे सरदार पटेल स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन, युवाओं को एक ही छत के नीचे मिलेगा प्रशिक्षण और रोजगार: सीएम योगी
- 12h ago
ग्रेटर नोएडा। बच्चों में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाने, उन्हें खेलों से जोड़ने और नियमित शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में किडीविडी मैराथन 2.0 का आयोजन किया गया। ‘हर कदम देश के नाम’ थीम पर आयोजित इस मैराथन में 1,000 से अधिक बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। बच्चों के साथ पहुंचे अभिभावकों और अन्य प्रतिभागियों को मिलाकर आयोजन में 3,500 से ज्यादा लोगों की सहभागिता रही। पूरे कार्यक्रम में बच्चों का उत्साह, परिवारों की भागीदारी और फिटनेस के प्रति जागरूकता प्रमुख आकर्षण रहे।
होमफॉइल द्वारा प्रस्तुत इस मैराथन को फिट इंडिया मूवमेंट का समर्थन प्राप्त था। किडीविडी की ओर से आयोजित इस पहल का उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से ही सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना और खेल-कूद को उनकी दिनचर्या का स्वाभाविक हिस्सा बनाना था। आयोजन ने यह संदेश दिया कि स्वस्थ जीवनशैली की शुरुआत बचपन से होती है और परिवार की भागीदारी बच्चों में अच्छी आदतें विकसित करने में अहम भूमिका निभाती है।
मैराथन की पहल का नेतृत्व प्रिया जैन और अक्षिता जैन ने किया, जबकि रोहन शर्मा ने आयोजन में सहयोग दिया। तथास्तु अकादमी के यूपीएससी अभ्यर्थियों ने भी आयोजन की व्यवस्थाओं, समन्वय और विभिन्न गतिविधियों के संचालन में योगदान दिया। इस तरह कार्यक्रम ने बच्चों की फिटनेस के साथ युवाओं को व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराने का अवसर भी प्रदान किया।
मैराथन का शुभारंभ पूर्व सिविल सेवक एवं तथास्तु अकादमी की संस्थापक डॉ. तनु जैन तथा भाजपा की दिल्ली प्रदेश उपाध्यक्ष सरिका जैन ने हरी झंडी दिखाकर किया। बच्चों के लिए उनकी उम्र और क्षमता को ध्यान में रखते हुए 500 मीटर, एक किलोमीटर और दो किलोमीटर की दौड़ आयोजित की गई, ताकि अलग-अलग आयु वर्ग के बच्चे अपनी क्षमता के अनुसार भाग ले सकें।
दौड़ के दौरान बच्चों ने उत्साहपूर्वक ट्रैक पर कदम बढ़ाए। अभिभावक भी अपने बच्चों का हौसला बढ़ाते नजर आए। कई परिवारों के लिए यह आयोजन केवल दौड़ में हिस्सा लेने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों के साथ सक्रिय समय बिताने और खेलों के महत्व को समझने का अवसर भी बना।
बच्चों के लिए आयोजित ऐसी गतिविधियां उन्हें शारीरिक रूप से सक्रिय रहने के साथ लक्ष्य निर्धारित करने, प्रयास करने और अपनी क्षमता पर भरोसा रखने की प्रेरणा देती हैं। मैराथन का आयोजन इसी भावना के साथ किया गया, जिसमें प्रतिस्पर्धा से अधिक बच्चों की भागीदारी, उत्साह और फिटनेस के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को महत्व दिया गया।
देश में फॉर्मूला वन रेसिंग की मेजबानी कर चुके बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर बच्चों को दौड़ने का अवसर मिला। रेसिंग ट्रैक की पहचान और विशेष माहौल के बीच आयोजित इस मैराथन ने बच्चों के लिए इसे एक यादगार अनुभव बना दिया।
बच्चों ने अपनी-अपनी दौड़ में भाग लेते हुए पूरे जोश के साथ आगे बढ़ने का प्रयास किया। अभिभावकों की मौजूदगी और प्रोत्साहन ने उनका उत्साह बढ़ाया। आयोजन में बड़ी संख्या में परिवारों की भागीदारी ने यह भी दिखाया कि बच्चों की फिटनेस और खेल-कूद को लेकर अभिभावकों में जागरूकता बढ़ाना कितना महत्वपूर्ण है।
आज बच्चों की दिनचर्या में पढ़ाई, डिजिटल उपकरणों और अन्य गतिविधियों के कारण शारीरिक गतिविधियों के लिए समय निकालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में दौड़, खेल और आउटडोर गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम बच्चों को सक्रिय रहने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। किडीविडी मैराथन 2.0 ने इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए बच्चों और परिवारों को एक साझा मंच पर जोड़ा।
पूर्व सिविल सेवक एवं तथास्तु अकादमी की संस्थापक डॉ. तनु जैन ने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ युवाओं को आयोजन प्रबंधन, टीमवर्क और समन्वय का व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि तथास्तु अकादमी के यूपीएससी अभ्यर्थियों को इस आयोजन के माध्यम से कक्षा से बाहर निकलकर वास्तविक परिस्थितियों में काम करने और व्यवस्थाओं को संभालने का अवसर मिला। इस प्रकार के अनुभव युवाओं को जिम्मेदारी निभाने, आपसी तालमेल विकसित करने और सामूहिक प्रयासों के महत्व को समझने में मदद करते हैं।
किसी बड़े आयोजन को सफल बनाने के लिए योजना, समय प्रबंधन, संसाधनों का समुचित उपयोग और अलग-अलग टीमों के बीच समन्वय आवश्यक होता है। ऐसे अवसरों पर युवाओं को इन पहलुओं को व्यवहार में समझने का मौका मिलता है। मैराथन ने बच्चों की फिटनेस के साथ युवा प्रतिभागियों के लिए सीखने का व्यावहारिक मंच भी तैयार किया।
भाजपा की दिल्ली प्रदेश उपाध्यक्ष सरिका जैन ने कहा कि खेल बच्चों में अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करने के साथ उन्हें सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
खेलों के माध्यम से बच्चे नियमित अभ्यास, धैर्य, लक्ष्य के प्रति समर्पण और प्रयास की अहमियत सीखते हैं। इसके साथ ही उन्हें अपनी क्षमता पहचानने और चुनौतियों का सामना करने का अवसर मिलता है। बच्चों के सर्वांगीण विकास में शारीरिक गतिविधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है, इसलिए परिवारों और समाज को उन्हें खेल-कूद के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
मैराथन में बच्चों की व्यापक भागीदारी ने इस संदेश को रेखांकित किया कि खेलों को केवल प्रतियोगिता तक सीमित रखने के बजाय उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। नियमित शारीरिक गतिविधियां बच्चों की सक्रियता और स्वस्थ आदतों को बढ़ावा देने में मददगार हो सकती हैं।
किडीविडी की संस्थापक प्रिया जैन ने कहा कि संस्था का उद्देश्य बच्चों को फिट, स्वस्थ और खुश रहने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि खेल और शारीरिक गतिविधियां बच्चों के बचपन का आनंदपूर्ण हिस्सा बनें तथा परिवार भी फिटनेस को प्राथमिकता दें, इसी उद्देश्य से ऐसे आयोजन किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बच्चों को स्वस्थ आदतों से जोड़ने के लिए जरूरी है कि शारीरिक गतिविधियों को उनके लिए बोझ या अतिरिक्त जिम्मेदारी के बजाय आनंददायक अनुभव बनाया जाए। जब बच्चे खेलते हुए सक्रिय रहते हैं और परिवार उनका साथ देता है, तो फिटनेस के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना आसान हो जाता है।
किडीविडी मैराथन 2.0 में बच्चों और अभिभावकों की सहभागिता ने इसी विचार को सामने रखा। आयोजन के माध्यम से परिवारों को यह संदेश दिया गया कि बच्चों की दिनचर्या में खेल-कूद और शारीरिक गतिविधियों के लिए नियमित समय निकालना आवश्यक है।
आयोजन की सह-नेतृत्वकर्ता अक्षिता जैन ने कहा कि बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर बच्चों को दौड़ते देखना एक खास अनुभव रहा। बच्चों की ऊर्जा, मुस्कान और उत्साह ने कार्यक्रम को यादगार बनाया। उन्होंने फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में परिवारों की भागीदारी को उत्साहजनक बताया।
उनके अनुसार, ऐसे आयोजन बच्चों को अपनी क्षमता के अनुरूप भाग लेने और खेलों के प्रति रुचि विकसित करने का अवसर देते हैं। जब परिवार भी इस प्रक्रिया में शामिल होते हैं, तो बच्चों को प्रोत्साहन मिलता है और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचता है।
आयोजन में सहयोग देने वाले रोहन शर्मा ने कहा कि बच्चों को खेल और फिटनेस से जोड़ने में सामूहिक प्रयासों की अहम भूमिका होती है। समुदाय की भागीदारी से बच्चों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने और उनमें स्वस्थ आदतें विकसित करने में मदद मिलती है।
उन्होंने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रयासों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इस तरह की पहल तभी प्रभावी बनती है, जब आयोजक, स्वयंसेवक, अभिभावक और समुदाय मिलकर काम करें। सामूहिक सहभागिता बच्चों के लिए सकारात्मक माहौल तैयार करती है और उन्हें खेल-कूद से जुड़े रहने की प्रेरणा देती है।
मैराथन की थीम ‘हर कदम देश के नाम’ के माध्यम से व्यक्तिगत फिटनेस को स्वस्थ राष्ट्र के व्यापक लक्ष्य से जोड़ने का संदेश दिया गया। इस विचार के तहत बच्चों को सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने के साथ यह भावना भी सामने रखी गई कि स्वस्थ नागरिक किसी भी राष्ट्र की महत्वपूर्ण पूंजी होते हैं।
बचपन में विकसित हुई अच्छी आदतें आगे चलकर जीवनशैली का हिस्सा बन सकती हैं। नियमित दौड़, खेल-कूद और अन्य शारीरिक गतिविधियों के लिए बच्चों को प्रोत्साहित करना इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम है। मैराथन ने बच्चों, अभिभावकों और युवाओं को फिटनेस के साझा उद्देश्य के साथ जोड़ने का प्रयास किया।
आयोजकों के मुताबिक, किडीविडी भविष्य में भी बच्चों को खेलों और अन्य गतिविधियों से जोड़ने तथा उनमें स्वस्थ आदतें विकसित करने के लिए ऐसे आयोजन जारी रखने की दिशा में काम करेगा।
किडीविडी मैराथन 2.0 ने बच्चों की ऊर्जा, परिवारों की सहभागिता और युवाओं के सहयोग को एक मंच पर लाकर फिटनेस के महत्व को रेखांकित किया। बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर आयोजित इस कार्यक्रम में 1,000 से अधिक बच्चों की भागीदारी और 3,500 से ज्यादा लोगों की मौजूदगी ने आयोजन को व्यापक स्वरूप दिया।
कार्यक्रम का मूल संदेश स्पष्ट रहा—बच्चों को स्वस्थ और सक्रिय रखने के लिए खेल-कूद को उनकी दिनचर्या का हिस्सा बनाना जरूरी है। परिवार, शैक्षणिक संस्थान और समुदाय मिलकर ऐसा वातावरण तैयार कर सकते हैं, जिसमें बच्चे शारीरिक गतिविधियों को आनंद के साथ अपनाएं और स्वस्थ जीवनशैली की ओर आगे बढ़ें।
‘हर कदम देश के नाम’ की भावना के साथ आयोजित इस मैराथन ने फिटनेस को व्यक्तिगत प्रयास से आगे बढ़ाकर सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में प्रस्तुत किया।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।


