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- 12h ago
नई दिल्ली। दो बार की ओलंपिक चैंपियन और बहामास की स्टार धाविका शॉनाए मिलर-उइबो वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन 2026 में इंटरनेशनल इवेंट एंबेसडर के रूप में शामिल होंगी। प्रोकेम इंटरनेशनल की ओर से आयोजित होने वाली प्रतिष्ठित वर्ल्ड एथलेटिक्स गोल्ड लेबल रेस का 21वां संस्करण 18 अक्टूबर को ऐतिहासिक जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स में अपनी शानदार उपलब्धियों के लिए पहचानी जाने वाली मिलर-उइबो का इस प्रतिष्ठित आयोजन से जुड़ना दिल्ली हाफ मैराथन के लिए एक खास आकर्षण होगा। 400 मीटर की दौड़ में अपनी गति, दमखम और लगातार शानदार प्रदर्शन के लिए मशहूर मिलर-उइबो दुनिया की प्रमुख महिला स्प्रिंटर्स में शामिल रही हैं।
उनकी मौजूदगी से आयोजन में अंतरराष्ट्रीय स्तर का आकर्षण बढ़ने के साथ भारत में एथलेटिक्स और लंबी दूरी की दौड़ को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ने की उम्मीद है।
शॉनाए मिलर-उइबो ने ओलंपिक के सबसे बड़े मंच पर अपनी पहचान बनाई। उन्होंने रियो 2016 और टोक्यो 2020 ओलंपिक में महिलाओं की 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक हासिल किया।
रियो में स्वर्ण जीतने के बाद उन्होंने टोक्यो में भी अपना खिताब बरकरार रखा। टोक्यो ओलंपिक के फाइनल में उन्होंने 48.36 सेकंड का समय निकालकर उत्तर अमेरिकी रिकॉर्ड कायम किया था।
टोक्यो में खिताब का सफलतापूर्वक बचाव करने के साथ वह फ्रांस की मैरी-जोस पेरेक के बाद ओलंपिक इतिहास में महिलाओं की 400 मीटर दौड़ का खिताब लगातार दो बार जीतने वाली केवल दूसरी महिला बनीं।
मिलर-उइबो का नाम महिलाओं की 400 मीटर स्पर्धा में दुनिया की शीर्ष धाविकाओं के बीच लंबे समय तक रहा है। उनकी दौड़ की खासियत तेज शुरुआत के साथ-साथ अंतिम चरण में शानदार फिनिश मानी जाती है।
2019 में दोहा में आयोजित विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 48.37 सेकंड का समय दर्ज किया था। इसके बाद टोक्यो में 48.36 सेकंड का प्रदर्शन उनके करियर के सबसे यादगार प्रदर्शनों में शामिल हुआ।
400 मीटर जैसी कठिन स्पर्धा में लगातार उच्च स्तर का प्रदर्शन उन्हें अपनी पीढ़ी की उल्लेखनीय धाविकाओं में स्थान देता है।
भारत यात्रा को लेकर शॉनाए मिलर-उइबो ने उत्साह जताया है। उन्होंने कहा कि रेसिंग के कारण उन्हें दुनिया के कई शानदार स्थानों तक पहुंचने का अवसर मिला है, लेकिन भारत और विशेष रूप से नई दिल्ली आना उनके लिए खास अनुभव होगा।
उन्होंने इस आयोजन के सामुदायिक जुड़ाव को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार ऐसी रेस का हिस्सा बनना खास है जिसका अपने समुदाय के साथ गहरा संबंध हो।
उनका दिल्ली आना भारतीय धावकों और एथलेटिक्स प्रेमियों के लिए भी विशेष अवसर होगा। आयोजन में शामिल प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्टार एथलीट के साथ जुड़ने और उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलेगा।
मिलर-उइबो की पहचान केवल ट्रैक पर उनकी उपलब्धियों तक सीमित नहीं रही है। बहामास में वह समुदाय आधारित और परोपकारी गतिविधियों से भी जुड़ी रही हैं।
विशेष रूप से बच्चों और युवाओं से जुड़े कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी रही है। खेल के जरिए युवा पीढ़ी को प्रेरित करना और उन्हें स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली के लिए प्रोत्साहित करना उनके सामाजिक जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण पहलू रहा है।
इसी वजह से दिल्ली हाफ मैराथन जैसे आयोजन के साथ उनका जुड़ाव केवल एक अंतरराष्ट्रीय स्टार एथलीट की मौजूदगी तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि खेल और सामाजिक भागीदारी के संदेश को भी मजबूती देता है।
वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन के 21वें संस्करण की तैयारियों के बीच बुधवार को इसके प्रतिष्ठित फिनिशर मेडल का भी अनावरण किया गया। दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने फिनिशर मेडल का अनावरण किया।
यह मेडल उस हर धावक की उपलब्धि का प्रतीक है जो निर्धारित दूरी पूरी करके फिनिश लाइन तक पहुंचता है। मैराथन और हाफ मैराथन जैसी प्रतियोगिताओं में फिनिशर मेडल प्रतिभागियों के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह उनकी तैयारी, मेहनत, अनुशासन और दौड़ पूरी करने की उपलब्धि की याद के रूप में उनके पास रहता है।
मेडल अनावरण के अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन स्वास्थ्य और फिटनेस के साथ-साथ महिलाओं की बढ़ती भागीदारी तथा व्यापक सामाजिक-आर्थिक और परोपकारी प्रभाव के लिहाज से राष्ट्रीय राजधानी के लिए महत्वपूर्ण आयोजन बन चुका है।
उन्होंने आयोजन में भाग लेने वाले धावकों के उत्साह को प्रेरणादायक बताया और कहा कि दिल्ली सरकार आयोजन के साथ मजबूती से खड़ी है। सरकार की ओर से आयोजन के इस संस्करण को सफल बनाने में सहयोग की प्रतिबद्धता भी जताई गई।
हाफ मैराथन जैसे बड़े आयोजनों में महिलाओं की भागीदारी पिछले वर्षों में महत्वपूर्ण विषय रही है। दिल्ली हाफ मैराथन में भी महिला धावकों की भागीदारी को आयोजन की व्यापक पहचान से जोड़ा जा रहा है।
मिलर-उइबो जैसी अंतरराष्ट्रीय महिला एथलीट का आयोजन से जुड़ना इस पहलू को और प्रमुखता देता है। उनकी ओलंपिक उपलब्धियां युवा महिला खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती हैं।
दिल्ली सरकार के श्रम, रोजगार एवं पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन राजधानी के वार्षिक कैलेंडर का महत्वपूर्ण आयोजन बन चुका है। उनके अनुसार देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से लोग इस आयोजन के लिए दिल्ली पहुंचते हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार और दिल्ली पर्यटन ऐसे खेल आयोजनों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो दिल्ली को पर्यटन स्थल के रूप में और मजबूत करते हैं।
खेल आयोजनों के जरिए किसी शहर को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने के साथ स्थानीय कारोबार, होटल, परिवहन और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। दिल्ली जैसे ऐतिहासिक शहर के लिए इस तरह के आयोजन खेल और पर्यटन दोनों क्षेत्रों को जोड़ने का अवसर देते हैं।
वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन का आयोजन 18 अक्टूबर को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से जुड़े रेस मार्ग पर होगा। देश-विदेश के धावकों के साथ बड़ी संख्या में फिटनेस प्रेमियों और आम प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है।
ऐतिहासिक और प्रमुख खेल आयोजन स्थल जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम इस रेस के आयोजन का महत्वपूर्ण केंद्र रहेगा। आयोजन के दौरान दिल्ली की सड़कों पर खेल और फिटनेस का माहौल देखने को मिलेगा।
दिल्ली हाफ मैराथन को केवल पेशेवर एथलीटों की प्रतियोगिता के तौर पर नहीं देखा जाता। इसमें अलग-अलग आयु वर्ग और पृष्ठभूमि के लोग दौड़ में हिस्सा लेते हैं।
कई प्रतिभागियों के लिए यह व्यक्तिगत फिटनेस लक्ष्य पूरा करने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपनी क्षमता को चुनौती देने का अवसर होता है। फिनिशर मेडल इसी व्यक्तिगत उपलब्धि का प्रतीक है।
इस वर्ष आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण शॉनाए मिलर-उइबो का जुड़ना होगा। दो बार की ओलंपिक चैंपियन एथलीट की मौजूदगी से भारतीय धावकों और खेल प्रशंसकों के बीच उत्साह बढ़ना स्वाभाविक है।
हालांकि मिलर-उइबो मुख्य रूप से 400 मीटर स्प्रिंट की विशेषज्ञ हैं और हाफ मैराथन एक लंबी दूरी की स्पर्धा है, लेकिन उनकी उपस्थिति का महत्व अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स के प्रतिनिधित्व और प्रेरणा के स्तर पर रहेगा।
भारत में रनिंग और फिटनेस कल्चर तेजी से लोकप्रिय हुआ है। बड़े शहरों में हाफ मैराथन और अन्य रनिंग इवेंट्स में लोगों की भागीदारी बढ़ रही है। ऐसे आयोजनों में अंतरराष्ट्रीय चैंपियन एथलीटों की मौजूदगी युवा खिलाड़ियों को खेल के प्रति गंभीरता से सोचने के लिए प्रेरित कर सकती है।
मिलर-उइबो का ओलंपिक सफर, उनके रिकॉर्ड और लंबे समय तक उच्च स्तर पर प्रदर्शन की कहानी युवा एथलीटों के लिए विशेष रूप से उपयोगी उदाहरण बन सकती है।
वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन के 21वें संस्करण की तैयारियों के बीच अंतरराष्ट्रीय एंबेसडर की घोषणा और फिनिशर मेडल के अनावरण ने आयोजन को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है।
एक ओर दो बार की ओलंपिक चैंपियन शॉनाए मिलर-उइबो आयोजन की अंतरराष्ट्रीय पहचान को मजबूत करेंगी, वहीं दूसरी ओर दिल्ली सरकार ने खेल, स्वास्थ्य, फिटनेस और पर्यटन से जुड़े इसके व्यापक प्रभाव पर जोर दिया है।
18 अक्टूबर को होने वाली यह रेस दिल्ली में खेल, फिटनेस और सामुदायिक भागीदारी का बड़ा मंच बनने जा रही है।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।


