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- 10h ago
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के कुछ दिन बाद केंद्र सरकार ने देश के आठ हाई कोर्ट में नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति कर दी है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए इन नियुक्तियों की जानकारी साझा की। इन नियुक्तियों के साथ कई हाई कोर्ट में न्यायिक नेतृत्व में बदलाव होगा और संबंधित अदालतों को नए मुख्य न्यायाधीश मिलेंगे।
नियुक्त किए गए न्यायाधीशों में दिल्ली, बॉम्बे, इलाहाबाद, छत्तीसगढ़, पंजाब एवं हरियाणा, ओडिशा, गुजरात और राजस्थान हाई कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश शामिल हैं। इनमें से कई न्यायाधीशों को दूसरे हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाकर भेजा गया है, जबकि कुछ को उनके ही हाई कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दिल्ली हाई कोर्ट के मौजूदा जज जस्टिस वल्लूरी कामेश्वर राव को पटना हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। जस्टिस राव को अब पटना हाई कोर्ट के प्रशासनिक और न्यायिक नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालनी होगी।
वहीं बॉम्बे हाई कोर्ट के जस्टिस रविंद्र वी. घुगे को कलकत्ता हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति के साथ कलकत्ता हाई कोर्ट को नया नेतृत्व मिलेगा।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल को राजस्थान हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है। जस्टिस अग्रवाल अब राजस्थान हाई कोर्ट के प्रशासनिक कामकाज और न्यायिक व्यवस्था की कमान संभालेंगे।
इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी को बॉम्बे हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट से बॉम्बे हाई कोर्ट में यह नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को इसी हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के साथ उन्हें उसी अदालत के न्यायिक प्रशासन की जिम्मेदारी मिलेगी, जहां वे वर्तमान में न्यायाधीश के तौर पर कार्यरत हैं।
ओडिशा हाई कोर्ट के जस्टिस कृष्ण राम महापात्र को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है।
गुजरात हाई कोर्ट के जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही गुजरात हाई कोर्ट के एक अन्य वरिष्ठ न्यायाधीश को दूसरे राज्य के हाई कोर्ट की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं राजस्थान हाई कोर्ट के जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति से केंद्र शासित प्रदेशों के इस हाई कोर्ट को नया नेतृत्व मिलेगा।
इन नियुक्तियों के बाद पटना, कलकत्ता, राजस्थान, बॉम्बे, पंजाब एवं हरियाणा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश स्तर पर बदलाव होगा।
मुख्य न्यायाधीश का पद हाई कोर्ट में बेहद महत्वपूर्ण होता है। मुख्य न्यायाधीश अदालत के न्यायिक कार्यों के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था का भी नेतृत्व करते हैं। मामलों के आवंटन, पीठों के गठन और अदालत के प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय मुख्य न्यायाधीश के स्तर पर लिए जाते हैं।
ऐसे में एक साथ आठ हाई कोर्ट में नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति को न्यायिक प्रशासन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
इन नियुक्तियों में राजस्थान हाई कोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति विशेष रूप से चर्चा में है। राजस्थान हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा को लेकर हाल ही में विवाद सामने आया था।
इसी दौरान सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस संदीप मेहता की ओर से उनके खिलाफ गंभीर और अभूतपूर्व आरोप लगाए जाने की बात सामने आई थी। इस घटनाक्रम के बीच अब छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल को राजस्थान हाई कोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
जस्टिस अग्रवाल की नियुक्ति के साथ राजस्थान हाई कोर्ट के नेतृत्व में बदलाव होगा। न्यायिक प्रशासन से जुड़े मामलों और अदालत की कार्यप्रणाली पर भी नए मुख्य न्यायाधीश के आने के बाद उनका नेतृत्व दिखाई देगा।
इन नियुक्तियों की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद आगे बढ़ी। कॉलेजियम द्वारा मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए नामों की सिफारिश किए जाने के बाद केंद्र सरकार की ओर से नियुक्तियों को मंजूरी दी गई।
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए नियुक्तियों की घोषणा की। इसके साथ ही संबंधित हाई कोर्ट में नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया।
एक साथ कई हाई कोर्ट में मुख्य न्यायाधीशों के बदलाव का असर अदालतों के प्रशासनिक कामकाज पर भी दिखाई देगा। नए मुख्य न्यायाधीशों के सामने लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाने, अदालतों के प्रशासन को प्रभावी बनाने और न्यायिक व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां रहेंगी।
वहीं जिन न्यायाधीशों को दूसरे हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है, उनके सामने नए न्यायिक क्षेत्र और प्रशासनिक परिस्थितियों के अनुरूप काम करने की चुनौती भी होगी।
नई नियुक्तियों के बाद हाई कोर्ट और मुख्य न्यायाधीशों का विवरण इस प्रकार है—
इन नियुक्तियों के साथ देश के आठ हाई कोर्ट को नया न्यायिक नेतृत्व मिल गया है। अब संबंधित न्यायाधीश अपने-अपने हाई कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के तौर पर कार्यभार संभालेंगे और न्यायिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाएंगे।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।


