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- 12h ago
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लालकिला मैदान में रविवार को जय श्रीराम के जयघोष और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच देश की प्रसिद्ध लव कुश रामलीला कमेटी की आगामी रामलीला के लिए भूमि पूजन समारोह विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। वृंदावन, मथुरा और दिल्ली से पहुंचे विद्वान ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रों के बीच पूजा-अर्चना कर भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी का स्मरण किया तथा रामलीला के सफल, भव्य और निर्विघ्न आयोजन की कामना की।
भूमि पूजन समारोह के दौरान लालकिला मैदान में धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण देखने को मिला। मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। बड़ी संख्या में रामलीला से जुड़े पदाधिकारी, कलाकार, सामाजिक कार्यकर्ता, धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए। समारोह में उपस्थित लोगों ने आगामी रामलीला को लेकर उत्साह व्यक्त किया।
लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि इस वर्ष रामलीला का भव्य मंचन 11 से 21 अक्टूबर 2026 तक ऐतिहासिक लालकिला मैदान में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आयोजन को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं की मूल भावना के अनुरूप रखते हुए आधुनिक तकनीक के साथ प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है। उनका कहना था कि दर्शकों को इस बार रामलीला के मंचन में परंपरा, भक्ति, भव्यता और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
उन्होंने बताया कि रामलीला कमेटी की ओर से आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मंच, प्रकाश व्यवस्था, ध्वनि प्रणाली, डिजिटल तकनीक और सुरक्षा व्यवस्था सहित विभिन्न स्तरों पर कार्य किया जा रहा है। आयोजन को अधिक आकर्षक और प्रभावशाली बनाने के लिए विशेष तकनीकी व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि देश-विदेश के दर्शक रामलीला के मंचन से जुड़ सकें।
समारोह में सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि लव कुश रामलीला कमेटी लंबे समय से भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि रामलीला केवल भगवान श्रीराम के जीवन और उनकी लीलाओं का मंचन भर नहीं है, बल्कि यह समाज को मर्यादा, सत्य, त्याग, कर्तव्य, सेवा और संस्कार का संदेश देने का भी माध्यम है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन भारतीय समाज के लिए आदर्शों और मूल्यों का प्रतीक है। रामलीला के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का अवसर मिलता है। ऐसे आयोजनों में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी भारतीय सांस्कृतिक विरासत को और मजबूत करती है।
कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि इस वर्ष रामलीला के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी विशेष रूप से जोड़ा गया है। ‘घर-घर राम, घर-घर तुलसी’ अभियान के तहत 5,100 जेन-जी युवाओं को तुलसी के पौधे वितरित किए जाएंगे। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को भारतीय परंपराओं, प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना बताया गया।
उन्होंने कहा कि रामलीला केवल दस दिनों का सांस्कृतिक आयोजन नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है।
दशहरा पर्व को विशेष बनाने के लिए इस बार लालकिला मैदान में एक लाख दीपों से प्रभु श्रीराम का चित्र बनाने की भी तैयारी की जा रही है। कमेटी पदाधिकारियों के अनुसार यह आयोजन श्रद्धा और सांस्कृतिक एकता का विशेष दृश्य प्रस्तुत करेगा। हजारों श्रद्धालुओं और दर्शकों की मौजूदगी में दीपों की रोशनी से लालकिला मैदान जगमगाएगा।
आयोजकों का कहना है कि दीपों के माध्यम से भगवान श्रीराम के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के साथ ही विजयादशमी के संदेश को भी जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
अर्जुन कुमार ने बताया कि इस बार रामलीला के मंचन में हाईटेक डिजिटल तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया जाएगा। आधुनिक लाइटिंग, डिजिटल बैकग्राउंड, ध्वनि प्रभाव और तकनीकी प्रस्तुतियों के माध्यम से रामायण के प्रमुख प्रसंगों को दर्शकों के सामने प्रस्तुत करने की तैयारी है।
आयोजकों के मुताबिक तकनीक का इस्तेमाल केवल आकर्षण के लिए नहीं, बल्कि रामलीला के प्रसंगों को अधिक प्रभावशाली और सहज ढंग से दर्शकों तक पहुंचाने के लिए किया जाएगा। इसके लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीम तैयारियों में जुटी है।
कमेटी की ओर से बताया गया कि रामलीला के मंचन को व्यापक स्तर पर प्रसारित करने की योजना बनाई गई है। करीब 100 देशी-विदेशी टीवी चैनलों पर रामलीला के सीधे प्रसारण की जानकारी दी गई। इसके अलावा डिजिटल माध्यमों के जरिए भी देश और विदेश में रहने वाले श्रद्धालुओं तक रामलीला पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
आयोजकों का कहना है कि लालकिला मैदान की रामलीला को देश की सीमाओं से बाहर रहने वाले भारतीयों और रामभक्तों तक पहुंचाना भी इस आयोजन का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
इस वर्ष रामलीला के मंचन में बॉलीवुड के करीब 40 फिल्म कलाकारों के विभिन्न पात्रों के रूप में शामिल होने की जानकारी भी कमेटी की ओर से दी गई। इससे रामलीला के मंचन को लेकर दर्शकों में उत्सुकता बढ़ गई है।
आयोजकों के अनुसार फिल्म कलाकारों की भागीदारी से रामलीला के विभिन्न पात्रों को नए अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही पारंपरिक संवाद, अभिनय और धार्मिक भावनाओं को बनाए रखते हुए आधुनिक मंचीय तकनीक का समन्वय किया जाएगा।
कमेटी के महासचिव सुभाष गोयल ने बताया कि भूमि पूजन समारोह में शामिल हुए अनेक जनप्रतिनिधियों और विशिष्ट अतिथियों का सम्मान किया गया। इनमें सांसद बांसुरी स्वराज, योगेंद्र चंदोलिया, प्रवीण खंडेलवाल, रामवीर सिंह बिधूड़ी, विधायक अशोक गोयल देवरहा, अनिल शर्मा और विशेष रवि सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति शामिल रहे।
उन्होंने कहा कि लव कुश रामलीला कमेटी के आयोजन को हर वर्ष समाज के विभिन्न वर्गों का सहयोग और समर्थन मिलता रहा है। कमेटी की कोशिश रहती है कि रामलीला को धार्मिक आयोजन के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक उत्सव के रूप में भी प्रस्तुत किया जाए।
समारोह में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दिल्ली रामनिवास गोयल, भाजपा दिल्ली के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी विरोधी मोर्चा के अध्यक्ष एम.एस. बिट्टा, चांदनी चौक जिला अध्यक्ष अरविंद गर्ग, दिल्ली नगर निगम की उपमहापौर मोनिका पंत, स्टैंडिंग कमेटी की अध्यक्ष सत्या शर्मा, सिटी एसपी जोन की अध्यक्ष उषा शर्मा, निगम पार्षद सुमन गुप्ता व विकास टांक, पूर्व विधायक अनिल भारद्वाज और पहलाद सिंह साहनी, पूर्व महापौर जयप्रकाश जेपी सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
इसके अलावा पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। आयोजन स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए।
भूमि पूजन समारोह के बाद आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कलाकारों ने धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन और भारतीय संस्कृति से जुड़े प्रसंगों को प्रस्तुत किया। प्रस्तुतियों के दौरान दर्शकों ने तालियों के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धालुओं और अतिथियों में खासा उत्साह देखने को मिला। जय श्रीराम के जयघोष के बीच रामलीला के आगामी मंचन को लेकर लोगों ने अपनी उत्सुकता व्यक्त की।
भूमि पूजन के साथ ही अब लालकिला मैदान में रामलीला के भव्य आयोजन की तैयारियों को गति मिलने की उम्मीद है। आयोजन स्थल पर मंच निर्माण, साज-सज्जा, प्रकाश व्यवस्था, ध्वनि प्रणाली, डिजिटल तकनीक, कलाकारों की रिहर्सल और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने का काम किया जाएगा।
कमेटी पदाधिकारियों का कहना है कि रामलीला को देखने आने वाले श्रद्धालुओं और दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैठने की व्यवस्था, प्रवेश और निकास, सुरक्षा, पेयजल, चिकित्सा सहायता तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा।
आयोजकों ने कहा कि लालकिला मैदान में होने वाली रामलीला का उद्देश्य भगवान श्रीराम के आदर्शों और उनके जीवन संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है। रामलीला के माध्यम से सत्य की विजय, मर्यादा, कर्तव्य, त्याग, सेवा और सामाजिक सद्भाव का संदेश लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
कमेटी की ओर से इस वर्ष विशेष रूप से युवाओं को आयोजन से जोड़ने की योजना बनाई गई है। आयोजकों का कहना है कि आधुनिक दौर में युवा पीढ़ी तकनीक और डिजिटल माध्यमों से तेजी से जुड़ रही है। ऐसे में आधुनिक तकनीक के माध्यम से रामलीला को प्रस्तुत करते हुए उन्हें भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना आवश्यक है।
‘घर-घर राम, घर-घर तुलसी’ अभियान को भी इसी दिशा में एक पहल के रूप में देखा जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि तुलसी का पौधा भारतीय संस्कृति में धार्मिक और पर्यावरणीय दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। 5,100 युवाओं तक तुलसी पहुंचाने का अभियान संस्कृति और पर्यावरण के संदेश को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रयास है।
लव कुश रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों के अनुसार आगामी रामलीला को पहले से अधिक भव्य और व्यवस्थित बनाने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। लालकिला मैदान में होने वाला यह आयोजन राजधानी के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होता है। हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग रामलीला देखने पहुंचते हैं।
भूमि पूजन के साथ ही रामलीला के औपचारिक शुभारंभ की तैयारियां शुरू हो गई हैं। आने वाले दिनों में मंच निर्माण और अन्य व्यवस्थाओं के साथ कलाकारों की रिहर्सल भी तेज होने की संभावना है।
आयोजकों ने विश्वास जताया कि 11 से 21 अक्टूबर 2026 तक चलने वाली रामलीला में भगवान श्रीराम के जीवन के प्रमुख प्रसंगों का भव्य मंचन किया जाएगा और विजयादशमी के अवसर पर बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश पूरे वातावरण में गूंजेगा।
भूमि पूजन समारोह के समापन पर उपस्थित श्रद्धालुओं और अतिथियों ने भगवान श्रीराम का आशीर्वाद लिया और आगामी रामलीला के सफल आयोजन की कामना की। लालकिला मैदान में गूंजते जय श्रीराम के जयघोष के साथ समारोह संपन्न हुआ।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।


