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- 10h ago
मथुरा। विभिन्न सामाजिक, शैक्षिक और राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों को लेकर श्री राजपूत करणी सेना उत्तर प्रदेश एवं सवर्ण समाज के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर आवाज उठाई गई। इसके बाद पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा और मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कदम उठाने की अपील की।
प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि समाज और देश से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय लंबे समय से चर्चा में हैं। इन मुद्दों पर सरकार की ओर से ठोस निर्णय लिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ज्ञापन के माध्यम से शिक्षा, रोजगार, किसान और सामाजिक सरोकारों से संबंधित मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षा व्यवस्था से संबंधित यूजीसी कानून में बदलाव की मांग प्रमुखता से उठाई गई। संगठन के पदाधिकारियों का कहना था कि उच्च शिक्षा से जुड़ी मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने वर्तमान कानून में आवश्यक सुधार करते हुए समय की जरूरत के अनुरूप नए प्रावधानों के साथ कानून लागू करने की मांग की।
पदाधिकारियों ने कहा कि उच्च शिक्षा देश के युवाओं के भविष्य से सीधे जुड़ी हुई है। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, गुणवत्ता और विद्यार्थियों के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से यूजीसी से संबंधित कानून और प्रावधानों की व्यापक समीक्षा कर आवश्यक संशोधन करने की मांग की।
संगठन का कहना था कि शिक्षा के क्षेत्र में होने वाले किसी भी बदलाव का सीधा प्रभाव विद्यार्थियों, शिक्षकों और उच्च शिक्षा संस्थानों पर पड़ता है। इसलिए कानून में परिवर्तन करते समय सभी संबंधित पक्षों के हितों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान अग्निवीर योजना को लेकर भी पदाधिकारियों ने अपनी मांग रखी। संगठन ने कहा कि चार वर्ष की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीर युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार को रोजगार की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
पदाधिकारियों ने मांग की कि चार वर्ष की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता दी जाए। उनका कहना था कि सेना में सेवा देने के बाद जब युवा सेवा अवधि पूरी कर वापस आएं तो उन्हें रोजगार के अवसरों के लिए लंबे संघर्ष का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि अग्निवीर युवाओं को अनुशासन, प्रशिक्षण और विभिन्न क्षेत्रों में अनुभव प्राप्त होता है। ऐसे युवाओं के अनुभव और कौशल का उपयोग सरकारी सेवाओं में किया जा सकता है। संगठन ने मांग की कि सरकारी भर्तियों में उनके लिए प्राथमिकता अथवा प्रभावी रोजगार अवसर सुनिश्चित किए जाएं।
पदाधिकारियों का कहना था कि इससे सेना में सेवा देने वाले युवाओं में भविष्य को लेकर विश्वास बढ़ेगा और सेवा के बाद उनके पुनर्वास एवं रोजगार की राह भी आसान होगी।
प्रदर्शन में किसानों से जुड़े मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया गया। संगठन ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाने की मांग की। पदाधिकारियों ने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ने के कारण किसानों के सामने आर्थिक चुनौतियां बनी रहती हैं। ऐसे में किसानों को मिलने वाली आर्थिक सहायता को और बढ़ाया जाना चाहिए।
उन्होंने केंद्र सरकार से किसान सम्मान निधि की राशि में वृद्धि करने की मांग करते हुए कहा कि इससे छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक राहत मिल सकती है। संगठन ने किसानों के हित में अन्य आवश्यक कदम उठाने की भी अपील की।
पदाधिकारियों का कहना था कि किसान देश की अर्थव्यवस्था और खाद्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार हैं। इसलिए किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए सरकार को लगातार प्रभावी नीतियां बनानी चाहिए।
ज्ञापन में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने की मांग भी शामिल की गई। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि गाय भारतीय समाज और संस्कृति में लंबे समय से महत्वपूर्ण स्थान रखती है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस संबंध में आवश्यक निर्णय लेने की मांग की।
पदाधिकारियों ने कहा कि गाय के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने सरकार से इस दिशा में ठोस नीति बनाने की भी अपील की।
मांगों को लेकर संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांगों पर शीघ्र निर्णय लिए जाने की अपील की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ज्ञापन में उठाए गए मुद्दे किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, किसान और सामाजिक विषयों से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
प्रदर्शन के बाद संगठन की ओर से राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा गया। ज्ञापन में यूजीसी कानून में बदलाव, अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता, किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाने और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने समेत विभिन्न मांगों को शामिल किया गया।
श्री राजपूत करणी सेना उत्तर प्रदेश एवं सवर्ण समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि ज्ञापन के माध्यम से उठाए गए मुद्दों को केंद्र सरकार तक पहुंचाने का उद्देश्य संबंधित विषयों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है। उन्होंने राष्ट्रपति के माध्यम से केंद्र सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार करने और आवश्यक कदम उठाने की अपील की।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि युवाओं के रोजगार, किसानों की आर्थिक स्थिति और शिक्षा व्यवस्था जैसे विषयों पर समय रहते ठोस निर्णय लिया जाना जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर सकारात्मक रुख अपनाएगी।
पदाधिकारियों ने कहा कि यदि इन मांगों पर सरकार की ओर से उचित पहल होती है तो इससे युवाओं, किसानों और समाज के विभिन्न वर्गों को लाभ मिल सकता है। उन्होंने संबंधित मुद्दों पर आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहने की बात कही।
फिलहाल प्रदर्शन के बाद सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने केंद्र सरकार के समक्ष अपनी मांगें रख दी हैं। अब इन मांगों पर सरकार की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर प्रदर्शनकारियों और संबंधित वर्गों की नजर बनी हुई है।


