17 सितंबर से मथुरा में शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान, 5 लाख दीपों से जगमगाएंगे धार्मिक स्थल | छाता चीनी मिल के पुनर्जीवन की राह खुली, ड्यूल-मोड एथेनॉल प्लांट को कैबिनेट की मंजूरी | अपराध समीक्षा गोष्ठी में लंबित मामलों पर सख्त निर्देश, एसएसपी ने समयबद्ध निस्तारण पर दिया जोर | राधाष्टमी से पहले बरसाना में सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण, अधिकारियों ने दिए आवश्यक निर्देश | जिला पंचायत अध्यक्ष ने यमुना में छोड़ीं 50 हजार मछली फिंगरलिंग्स | जिला पंचायत अध्यक्ष ने यमुना में छोड़ीं 50 हजार मछली फिंगरलिंग्स | ईपीएफओ की वेज सीलिंग बढ़ाकर ₹25,000: 51 लाख से अधिक कर्मचारियों को मिलेगा सामाजिक सुरक्षा का लाभ | आठ दशकों से प्रतीक्षित किशाऊ परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में ऐतिहासिक कदम | यूपीआई पर नया MDR नियम: ₹2000 से ऊपर के भुगतान पर शुल्क, ग्राहक से सीधे नहीं वसूला जाएगा ₹5 | उपभोक्ता कानून के दायरे में ही रहेंगे डॉक्टर: सुप्रीम कोर्ट | किशाऊ परियोजना: छह राज्यों ने किए समझौते पर हस्ताक्षर, 232.6 मीटर ऊंचा बनेगा बांध | एनएचएआई ला रहा एआई वाली 1033 हेल्पलाइन | प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर दिल्ली में एक माह चलेगा ‘सेवा संकल्प अभियान’ | दिल्ली में 10 हजार छात्रों के लिए बनेंगे हॉस्टल | प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दशकों से अटकी परियोजनाओं का हो रहा समाधान: भजनलाल शर्मा | किशाऊ परियोजना के एमओयू पर हस्ताक्षर, पेयजल, सिंचाई और विकास के नए अवसर होंगे सृजित | प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दशकों से अटकी परियोजनाओं का हो रहा समाधान: भजनलाल शर्मा | पीएम मोदी के जन्मदिन पर लव कुश रामलीला कमेटी दिव्यांगजनों को देगी कृत्रिम अंग | पीएम मोदी और शी जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक: भारत और चीन एक-दूसरे की ताकत से सीखें, साझा विकास पर जोर | ब्रिक्स 2026: साझा घोषणापत्र में आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर | 60 साल बाद बड़े पर्दे पर गूंजेगी वीर अब्दुल हमीद की शौर्यगाथा | हिंदू समाज की एकजुटता और समरसता पर राष्ट्रीय हनुमान दल का मंथन | ब्रिक्स समिट 2026: मलयेशिया के पीएम से नाश्ते की टेबल पर मिले राहुल गांधी और प्रियंका | दुनिया में कोई भी संकट एक क्षेत्र तक सीमित नहीं: पीएम मोदी | सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश; श्रद्धालुओं की सुविधा और शांतिपूर्ण आयोजन पर जोर,बरसाना में DM-SSP की बैठक | राधाष्टमी पर बरसाना आने वाले श्रद्धालुओं के लिए परिवहन निगम की बड़ी तैयारी | जिला बदर की अवधि पूरी होने से पहले गांव लौटा शातिर अभियुक्त करनवीर गिरफ्तार | ब्रज दर्शन करने आए श्रद्धालुओं का टेंपो पलटा, 50 वर्षीय श्रद्धालु की मौत | ब्रिक्स के संयुक्त घोषणापत्र पर सहमति बनी, भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत | ब्रिक्स सम्मेलन: सुरक्षा परिषद में सुधारों को अब टाला नहीं जा सकता: पीएम मोदी | छह साल बाद फिर शुरू होगी भारत-चीन के बीच सीधी उड़ान | राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए चार प्रचार वाहनों को हरी झंडी | दिल्ली हाईकोर्ट ने विनेश फोगाट को विश्व चैंपियनशिप ट्रायल में उतरने की नहीं दी इजाजत | बलदेव पुलिस ने अवैध तमंचा व कारतूस के साथ युवक को किया गिरफ्तार | प्रस्तावित सीड बिल पर शिवराज का किसानों से संवाद, नकली और घटिया बीजों पर सख्ती की तैयारी | ‘राहत’ से ‘रोकथाम’ की ओर बढ़ा भारत, अमित शाह बोले- ‘जीरो कैजुअल्टी’ के साथ आपदा रोधी गांव-शहर बनाना लक्ष्य | दिल्ली हाई कोर्ट को मिलेंगे 8 नए जज, CJI सूर्यकांत की अगुवाई में कॉलेजियम ने दी मंजूरी | केंद्र ने आंध्र प्रदेश को दी रेल इंफ्रा की बड़ी सौगात, रेनिगुंटा-अरक्कोणम पर बनेगी तीसरी-चौथी रेल लाइन | नौकरी से बेदखली पर लेबर कोर्ट के फैसले को चुनौती, दिल्ली हाई कोर्ट ने महिला आयोग से मांगा जवाब | सत्य निकेतन हादसा मामला: सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसफर से किया इनकार, दिल्ली हाई कोर्ट ही जारी रखेगा सुनवाई | महाराष्ट्र अक्टूबर के आखिर तक लाएगा डेडिकेटेड केमिकल सेक्टर पॉलिसी | भारत में महिलाओं के नेतृत्व का मतलब महिलाओं के नेतृत्व वाला शासन भी है: बांसुरी स्वराज | एक मंच, 11 देश और 10 एजेंडे, ब्रिक्स समिट पर ट्रंप समेत पूरी दुनिया की नजर | ब्रिक्स बिजनेस फैसिलिटेशन मिशन फॉर एमएसएमई एंड ट्रेडर्स बने: प्रवीण खंडेलवाल | जिला स्तरीय सतर्कता समिति का पुनर्गठन, शत्रुघ्न द्विवेदी समेत कई अधिकारी शामिल | राधाष्टमी मेले से पहले प्रशासन ने कसी कमर, लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के लिए तैयारियां तेज | राधाकुंड में स्नान करने पहुंचे श्रद्धालु का बैग चोरी, नकदी-मोबाइल और दस्तावेज हुए पार | जर्जर खंभे के टूटकर मकान पर गिरने के बाद भी नहीं जागा बिजली विभाग, 24 घंटे बाद तक नहीं बदले 5 पोल | ब्रिक्स सम्मेलन के बीच भारत आएंगे पुतिन, मोदी से होगी अहम मुलाकात; एसयू-57 से परमाणु ऊर्जा तक कई मुद्दों पर बनेगी रणनीति | ब्रिक्स सम्मेलन के बीच भारत आएंगे पुतिन, मोदी से होगी अहम मुलाकात; यूक्रेन युद्ध से लेकर एसयू-57 और परमाणु ऊर्जा तक कई मुद्दों पर नजर | प्रोटीन कोई ट्रेंड नहीं, स्वस्थ और प्रोडक्टिव आबादी की बुनियादी जरूरत: रंजीत सिंह | होरिबा इंडिया के इनोवेशन कनेक्ट में 15 उभरते टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स ने पेश किए भविष्य के समाधान | सत्य निकेतन PG हादसे पर CM रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला, घायलों को 5 लाख रुपये मुआवजा; खतरनाक इमारतों पर भी होगी कार्रवाई | न्यायालय कर्मचारी संघ ने भरी हुंकार, उच्च न्यायालय और सरकार के समक्ष रखी जाएंगी 13 सूत्रीय मांगें | राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए जनपद न्यायाधीश ने चार प्रचार वाहनों को दिखाई हरी झंडी | धनबाद में भू-धंसान का कहर! देखते ही देखते 5-6 मकान जमींदोज, एक बच्चे की मौत, कई घायल | बिहार में बाढ़ का तांडव! 13 जिलों में 29 लाख प्रभावित, 22 हजार से ज्यादा रेस्क्यू; गंगा-कोसी के उफान से गांव-शहर बेहाल | पीएनजी चैंबर में धमाके के बाद लगी आग, कॉलोनी में मची अफरातफरी | व्यापारियों की शिकायत पर निगम की कार्रवाई, नाले के ऊपर बने अस्थायी कब्जे हटाए | लोकतांत्रिक युवा जनसंघ पार्टी ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, पीड़िता की सुरक्षा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग | यूजीसी कानून में बदलाव, अग्निवीरों को सरकारी नौकरी में प्राथमिकता और किसान सम्मान निधि बढ़ाने की मांग | महिला कंप्यूटर प्रशिक्षक ने प्रधानाध्यापक पर अभद्रता और गाली-गलौज का लगाया आरोप | धोखाधड़ी के मुकदमे में मांट पुलिस ने तीन वांछितों को दबोचा | तीन-चार दिन से पानी में डूबी कॉलोनी, घरों में घुसा नाले का पानी; लोगों ने नगर निगम पर लगाया अनदेखी का आरोप | भारत की मजबूत आर्थिक गति और उद्योग जगत के बढ़ते विश्वास का संकेत: सीआईआई, बिजनेस कॉन्फिडेंस इंडेक्स 66 अंक पर पहुंचा | संजीव सिंघल बने 109 वर्ष पुराने एस.डी. पब्लिक स्कूल के अध्यक्ष, नई जिम्मेदारी के साथ शिक्षा और संस्कार को आगे बढ़ाने का संकल्प | 5 फरवरी 2027 को सिनेमाघरों में आएगी फिल्म ‘तेरा साईं’, शिर्डी में साईं बाबा के आशीर्वाद के साथ हुआ रिलीज डेट का ऐलान | दिल्ली की जहरीली हवा से फेफड़ों के बाद किडनी पर भी प्रदूषण की मार, रिसर्च में सामने आया चौंकाने वाला कनेक्शन | डॉ. दिनेश शर्मा बने अंडमान-निकोबार के नए उपराज्यपाल, लखनऊ के मेयर से लेकर यूपी के डिप्टी सीएम और राज्यसभा तक का रहा लंबा राजनीतिक सफर | आठ हाई कोर्ट को मिले नए चीफ जस्टिस, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद नियुक्तियां | यमुनापार दिगम्बर जैन समाज ने किया अपनी प्रतिभाओं का सम्मान, मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र और स्मृति चिह्न देकर बढ़ाया हौसला | मीनाक्षी मंदिर की तर्ज पर सजेगा लवकुश रामलीला का भव्य मंच, चार मंजिला सेट पर दिखेगा रामायण का दिव्य संसार | वेतन को लेकर नगर निगम के कचरा वाहन चालकों की हड़ताल, सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के आसार | वेतन के लिए सड़कों पर उतरे नगर निगम के कर्मचारी, कचरा वाहन चालकों ने रोका काम | कोसीकलां में महिला जिम और ताइक्वांडो अकादमी का शुभारंभ, बेटियों ने दिखाए आत्मरक्षा के करतब | लाड़पुर में सड़क नहीं, गड्ढों का सफर; ग्रामीण बोले- कब मिलेगा बदहाल रास्ते से छुटकारा? | कोसीकलां में पुलिस का शिकंजा, तीन वांछित आरोपी तमंचे के साथ गिरफ्तार | 50 फीट ऊंचे चिकने लट्ठे पर पहलवानों ने दिखाया दम, विजय पताका तक पहुंचने में लगी 40 मिनट की मशक्कत | मंडी चौराहे के पास दो भाइयों को घेरकर हमला, एक की हालत गंभीर | सत्य निकेतन में बड़ा हादसा: इमारत ढहने से एक की मौत, कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका; अमित शाह ने रद्द किया गोवा दौरा | विश्व ड्यूशेन मस्क्युलर डिस्ट्रॉफी दिवस पर नई दिल्ली में निकलेगी जागरूकता रैली | सोशल मीडिया पर वायरल आपत्तिजनक वीडियो के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग | सात वर्षों से लगातार निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर, अब तक दो हजार से अधिक लोगों के कराए ऑपरेशन: डॉ. योगेश जिंदल | ‘नशे को कहें ना और सपनों को कहें हां’, जयंत चौधरी की मुहिम को गांव-गांव पहुंचाएंगी पारुल चौधरी | रिजर्व पुलिस लाइन में पुलिस कर्मियों, अधिकारियों और परिवारों ने मिलकर मनाया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव |

सत्य निकेतन हादसा मामला: सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसफर से किया इनकार, दिल्ली हाई कोर्ट ही जारी रखेगा सुनवाई

  • 5 days ago

नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बिल्डिंग गिरने की घटना से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कार्यवाही को अपने पास ट्रांसफर करने से इनकार कर दिया है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट पहले से ही सुनवाई और निगरानी कर रहा है और वहां कार्रवाई आगे बढ़ रही है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट हाई कोर्ट की कार्यवाही में अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं करना चाहता।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट को निर्देश दिया कि वह मामले की निगरानी जारी रखे और संबंधित सिविक अथॉरिटीज की ओर से उठाए जा रहे कदमों पर प्रभावी नजर बनाए रखे। अदालत ने संकेत दिया कि हाई कोर्ट ही इस मामले को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए उचित मंच है।

हाई कोर्ट की कार्यवाही में दखल नहीं देना चाहता सुप्रीम कोर्ट

जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि शीर्ष अदालत दिल्ली हाई कोर्ट में चल रही कार्यवाही में हस्तक्षेप नहीं करना चाहती। पीठ ने यह भी माना कि हाई कोर्ट के स्तर पर संबंधित अधिकारियों की ओर से की जा रही कार्रवाई आगे बढ़ रही है और ऐसे में मामले को सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित करने की जरूरत नहीं है।

अदालत ने हाई कोर्ट से कहा कि वह सिविक अथॉरिटीज की कार्रवाई पर लगातार निगरानी रखे और यह सुनिश्चित करे कि हादसे से जुड़े सुरक्षा पहलुओं तथा प्रशासनिक कार्रवाई को उचित दिशा में आगे बढ़ाया जाए।

सुप्रीम कोर्ट का रुख इस बात पर केंद्रित रहा कि मामले की निगरानी उसी न्यायिक मंच पर जारी रहनी चाहिए, जहां पहले से इसकी सुनवाई हो रही है। अदालत का मानना रहा कि समानांतर रूप से हस्तक्षेप करने से प्रक्रिया जटिल हो सकती है।

‘चीजें आगे बढ़ रही हैं’, इसलिए ट्रांसफर की जरूरत नहीं

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर भी गौर किया कि दिल्ली हाई कोर्ट में मामले से जुड़ी कार्यवाही आगे बढ़ रही है। अदालत की ओर से कहा गया कि “चीजें आगे बढ़ रही हैं”, इसलिए मौजूदा न्यायिक प्रक्रिया को जारी रहने देना उचित होगा।

शीर्ष अदालत ने संकेत दिया कि यदि किसी मामले में संबंधित हाई कोर्ट पहले से सक्रिय रूप से निगरानी कर रहा है और प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई भी आगे बढ़ रही है, तो सुप्रीम कोर्ट को सीधे उस प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं है।

इस रुख से यह स्पष्ट हुआ कि सुप्रीम कोर्ट मामले की गंभीरता को कम नहीं आंक रहा, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया को उसके मौजूदा स्तर पर प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के पक्ष में है।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से भी अदालत ने की टिप्पणी

सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया तुषार मेहता से भी पीठ ने बातचीत की। जस्टिस अमानुल्लाह ने टिप्पणी करते हुए कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट को आदेश पारित करने से न रोका जाए।

अदालत ने इस संदर्भ में कहा कि यदि उसे अपेक्षित सहयोग नहीं मिला तो न्यायिक प्रक्रिया अपने उद्देश्य को पूरा करने में कठिनाई महसूस कर सकती है। पीठ की टिप्पणी का व्यापक संदेश यह था कि संबंधित सरकारी और नागरिक निकायों को अदालत की निगरानी में चल रही प्रक्रिया में पूरा सहयोग देना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि न्यायालयों के निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करना प्रशासन और संबंधित प्राधिकरणों की जिम्मेदारी है।

PG और हॉस्टलों की सुरक्षा पर भी नजर

मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू पेइंग गेस्ट यानी PG अकोमोडेशन और हॉस्टलों में सुरक्षा नियमों का पालन भी है। सुप्रीम कोर्ट ने माना कि इन व्यवस्थाओं से जुड़े सुरक्षा मानकों की निगरानी के लिए दिल्ली हाई कोर्ट प्रभावी भूमिका निभा सकता है।

राजधानी में बड़ी संख्या में छात्र, नौकरीपेशा युवा और दूसरे राज्यों से आने वाले लोग PG और हॉस्टल जैसी व्यवस्थाओं में रहते हैं। ऐसे में भवन की संरक्षा, अग्नि सुरक्षा, निकासी व्यवस्था और अन्य जरूरी मानकों का पालन महत्वपूर्ण हो जाता है।

सत्य निकेतन जैसे हादसे के बाद भवनों की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अदालत की निगरानी का उद्देश्य केवल एक हादसे की जांच तक सीमित नहीं बल्कि व्यापक रूप से सुरक्षा नियमों के पालन को सुनिश्चित करने से भी जुड़ा है।

सिविक अथॉरिटीज की कार्रवाई पर रहेगी नजर

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट से कहा है कि वह संबंधित सिविक अथॉरिटीज की ओर से की जा रही कार्रवाई की निगरानी जारी रखे। इसका मतलब है कि संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों को केवल कार्रवाई शुरू करने तक सीमित नहीं रहना होगा, बल्कि उन्हें उसके परिणाम और अनुपालन की दिशा में भी आगे बढ़ना होगा।

अदालत की चिंता इस बात से जुड़ी है कि भवन सुरक्षा से संबंधित नियम कागजों तक सीमित न रहें। जिन भवनों में लोग रह रहे हैं या व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं, वहां सुरक्षा मानकों का वास्तविक पालन होना जरूरी है।

ऐसे मामलों में स्थानीय निकायों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। भवनों की स्थिति की जांच, नियमों का अनुपालन, जरूरी अनुमति और सुरक्षा मानकों की निगरानी जैसे विषय सीधे नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े होते हैं।

हाई कोर्ट ही मामले को पहुंचाएगा नतीजे तक

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब सत्य निकेतन हादसे से जुड़ी कार्यवाही दिल्ली हाई कोर्ट में ही जारी रहेगी। शीर्ष अदालत ने संकेत दिया है कि हाई कोर्ट इस मामले की निगरानी करते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब और कार्रवाई की स्थिति पर नजर रख सकता है।

इससे मामले की न्यायिक निगरानी का दायरा भी स्पष्ट होता है। हाई कोर्ट संबंधित एजेंसियों से यह जान सकता है कि हादसे के बाद क्या कदम उठाए गए, सुरक्षा नियमों को लेकर क्या कार्रवाई हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या व्यवस्था की जा रही है।

भवन सुरक्षा को लेकर बढ़ी जिम्मेदारी

सत्य निकेतन हादसा केवल एक इमारत के गिरने की घटना नहीं है। इस तरह की घटनाएं शहरी क्षेत्रों में भवन निर्माण, रखरखाव और सुरक्षा मानकों की निगरानी से जुड़े व्यापक सवाल खड़े करती हैं।

दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले शहर में पुराने और नए भवनों की सुरक्षा लगातार महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है। खासतौर पर PG, हॉस्टल और किराये के आवासों में बड़ी संख्या में लोग रहते हैं। यदि भवन की संरचनात्मक स्थिति या सुरक्षा व्यवस्था में कमी हो तो इसका सीधा असर वहां रहने वाले लोगों की जान पर पड़ सकता है।

इसी वजह से अदालतों की निगरानी में चलने वाली ऐसी कार्यवाहियों का महत्व बढ़ जाता है। इनका उद्देश्य सिर्फ घटना के बाद जिम्मेदारी तय करना नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में ऐसी कमियों को दूर करना भी होता है, जिनकी वजह से भविष्य में हादसे हो सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट का संदेश—निगरानी प्रभावी हो, प्रक्रिया दोहराई न जाए

शीर्ष अदालत के रुख से एक महत्वपूर्ण संदेश यह भी निकलता है कि जब कोई हाई कोर्ट पहले से किसी गंभीर सार्वजनिक सुरक्षा मामले की निगरानी कर रहा हो और कार्रवाई आगे बढ़ रही हो, तो हर मामले को अलग से सुप्रीम कोर्ट में लाना जरूरी नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट पर भरोसा जताते हुए उसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता चुना है। इससे एक ओर हाई कोर्ट की निगरानी मजबूत होती है, वहीं दूसरी ओर संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों पर भी अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाने का दबाव बना रहता है।

अब निगाह इस बात पर रहेगी कि दिल्ली हाई कोर्ट की निगरानी में सिविक अथॉरिटीज आगे क्या कदम उठाती हैं और PG, हॉस्टल तथा अन्य भवनों में सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर क्या ठोस कार्रवाई सामने आती है।

आगे की कार्यवाही पर नजर

सुप्रीम कोर्ट के ट्रांसफर से इनकार के बाद सत्य निकेतन हादसा मामला दिल्ली हाई कोर्ट में ही आगे बढ़ेगा। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह मौजूदा कार्यवाही में अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं करना चाहती। साथ ही हाई कोर्ट को सिविक अथॉरिटीज की कार्रवाई पर निगरानी बनाए रखने और मामले को उचित निष्कर्ष तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है।

अब इस मामले में सबसे अहम सवाल यही रहेगा कि हादसे के बाद सामने आए सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर प्रशासन कितनी प्रभावी कार्रवाई करता है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों को किस हद तक लागू किया जाता है।

विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।




उत्तर प्रदेश न्यूज़

Link copied successfully!