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- 12h ago
मथुरा। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीच संगठनात्मक स्तर पर मंथन तेज हो गया है। इसी क्रम में 3 और 4 अक्टूबर को मथुरा में भाजपा और संघ से जुड़े पदाधिकारियों की दो दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों, संगठन की स्थिति और जमीनी स्तर से मिल रहे फीडबैक पर विस्तार से चर्चा होने की जानकारी सामने आई है।
रिपोर्टों के अनुसार बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हो सकते हैं। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष और संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी अरुण कुमार की मौजूदगी भी संभावित बताई गई है।
बैठक का प्रमुख फोकस संगठन को बूथ स्तर तक और मजबूत करने पर रहने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों से प्राप्त संगठनात्मक फीडबैक की समीक्षा की जाएगी और यह देखा जाएगा कि बूथ, शक्ति केंद्र, मंडल तथा जिला स्तर पर संगठन की गतिविधियां किस स्थिति में हैं।
पार्टी की ओर से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार संगठनात्मक गतिविधियां की जा रही हैं। इन बैठकों के माध्यम से कार्यकर्ताओं से जमीनी जानकारी ली जा रही है और स्थानीय स्तर पर सामने आ रही चुनौतियों को शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाया जा रहा है।
मथुरा में होने वाली यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि हाल में पार्टी संगठन में हुए बदलावों के बाद उत्तर प्रदेश की टीम के साथ राष्ट्रीय नेतृत्व की महत्वपूर्ण बैठक यहां होने जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में उत्तर प्रदेश संगठन की चुनावी तैयारियों की व्यापक समीक्षा की जाएगी।
भाजपा के उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े और सह-प्रभारियों के साथ संगठनात्मक समन्वय पर भी चर्चा होने की संभावना है। हाल में प्रदेश के लिए प्रभारी और सह-प्रभारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।
मथुरा को बैठक के लिए चुने जाने के कारण ब्रज क्षेत्र की संगठनात्मक स्थिति पर भी विशेष चर्चा की संभावना है। भाजपा के लिए ब्रज क्षेत्र राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जाता है।
रिपोर्टों के अनुसार बैठक में केवल मथुरा या ब्रज क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश, अवध और पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की संगठनात्मक स्थिति पर भी चर्चा हो सकती है।
पार्टी संगठन की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से फीडबैक लिया जा रहा है। आगामी बैठक में इस फीडबैक को शीर्ष नेतृत्व के सामने रखा जा सकता है।
इसमें बूथ स्तर पर संगठन की सक्रियता, कार्यकर्ताओं की भागीदारी, स्थानीय स्तर पर संगठन के सामने मौजूद चुनौतियां और पार्टी के कार्यक्रमों को जमीन तक पहुंचाने जैसे विषय शामिल हो सकते हैं।
भाजपा संगठनात्मक स्तर पर बूथ, शक्ति केंद्र, मंडल और जिला स्तर की तैयारियों की लगातार समीक्षा कर रही है। मथुरा की बैठक में भी इन्हीं स्तरों पर संगठन की सक्रियता को लेकर जानकारी साझा किए जाने की संभावना है।
पार्टी सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार संगठनात्मक तैयारियों के साथ-साथ मौजूदा मुद्दों और उनसे निपटने के तरीकों पर भी चर्चा हो सकती है।
भाजपा और संघ के बीच समन्वय को लेकर उत्तर प्रदेश में पहले भी विभिन्न स्तरों पर बैठकें हो चुकी हैं। इन बैठकों में संगठनात्मक गतिविधियों, जमीनी फीडबैक और आगामी चुनाव को लेकर तैयारियों पर चर्चा का सिलसिला जारी है।
मथुरा की बैठक में भी संघ और भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच समन्वय को लेकर चर्चा होने की संभावना है। इससे पहले सितंबर में उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में भाजपा और संघ के बीच समन्वय बैठकों की रूपरेखा सामने आई थी।
उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रभारी विनोद तावड़े हाल के दिनों में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों का जायजा ले चुके हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी उन्होंने संगठनात्मक मजबूती और चुनावी तैयारियों को लेकर पार्टी नेताओं के साथ बैठकें की हैं।
मथुरा की बैठक में तावड़े और सह-प्रभारियों की मौजूदगी में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से मिले फीडबैक को राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने रखने की संभावना है।
आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के साथ स्थानीय स्तर की चुनौतियों पर भी चर्चा होने की संभावना है। संगठन के सामने मौजूद समस्याओं, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय, स्थानीय स्तर पर पार्टी कार्यक्रमों की स्थिति और जनता से संपर्क जैसे विषय बैठक के एजेंडे में शामिल हो सकते हैं।
पार्टी की कोशिश संगठनात्मक ढांचे को चुनाव से पहले पूरी तरह सक्रिय करने की बताई जा रही है।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। मथुरा की बैठक इसी व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा बताई जा रही है।
बैठक के माध्यम से प्रदेश की राजनीतिक और संगठनात्मक स्थिति पर शीर्ष नेतृत्व को विस्तृत फीडबैक मिलने की उम्मीद है। इसके आधार पर आगे के संगठनात्मक कार्यक्रम तय किए जा सकते हैं।
मथुरा में होने वाली दो दिवसीय बैठक को भाजपा के आगामी चुनावी अभियान की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण संगठनात्मक अभ्यास के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि बैठक में लिए जाने वाले निर्णयों और अंतिम रणनीति की आधिकारिक जानकारी बैठक के बाद ही स्पष्ट होगी।
फिलहाल भाजपा और संघ से जुड़े पदाधिकारी संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों से मिले फीडबैक को एक जगह समेटने की दिशा में काम कर रहे हैं।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य वरिष्ठ नेताओं की संभावित मौजूदगी के कारण मथुरा में होने वाली बैठक पर राजनीतिक नजरें रहेंगी। बैठक में प्रदेश संगठन के अलावा राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों के शामिल होने से इसे व्यापक संगठनात्मक महत्व दिया जा रहा है।
मथुरा में होने वाले इस दो दिवसीय मंथन के बाद संगठनात्मक स्तर पर किन कार्यक्रमों और प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाया जाता है, इस पर अब सभी की नजर रहेगी।
नोट: बैठक से जुड़े कुछ प्रतिभागियों के नाम अभी रिपोर्टों में “संभावित” बताए गए हैं। इसलिए अंतिम सूची आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगी।


