यूपी के सभी 75 जिलों में बनेंगे सरदार पटेल स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन, युवाओं को एक ही छत के नीचे मिलेगा प्रशिक्षण और रोजगार: सीएम योगी
- 12h ago
मथुरा। देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री एवं लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर शुक्रवार, 31 अक्टूबर को मथुरा कलेक्ट्रेट परिसर में राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर उन्होंने कलेक्ट्रेट के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने की शपथ दिलाई। कार्यक्रम के माध्यम से देश की एकता, आपसी सद्भाव, राष्ट्रीय एकजुटता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन, संघर्ष और राष्ट्र निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का संपूर्ण जीवन देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय हितों के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक विभिन्न रियासतों को एकजुट कर मजबूत राष्ट्र का निर्माण करना था। सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, कुशल नेतृत्व और दूरदर्शिता से इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को पूरा करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
रियासतों के एकीकरण में सरदार पटेल की रही ऐतिहासिक भूमिका
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने आजादी के बाद देश की विभिन्न रियासतों का भारतीय संघ में विलय कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों और मजबूत नेतृत्व के कारण भारत की एकता को नई मजबूती मिली। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की राष्ट्र के प्रति निष्ठा, निर्णय लेने की क्षमता और अदम्य साहस आज भी सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल को उनके दृढ़ व्यक्तित्व और मजबूत संकल्प के कारण लौह पुरुष के नाम से जाना जाता है। उनका जीवन हमें सिखाता है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखकर दृढ़ता के साथ कार्य करना चाहिए।
डीएम ने अधिकारियों और कर्मचारियों को दिलाई शपथ
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट परिसर में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने की शपथ दिलाई। सभी ने राष्ट्र की एकता को मजबूत करने और देश की आंतरिक सुरक्षा में अपना योगदान देने का संकल्प लिया।
शपथ के माध्यम से अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने यह संकल्प दोहराया कि वे देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करेंगे। साथ ही देशवासियों के बीच आपसी भाईचारे, सद्भाव और एकजुटता की भावना को प्रोत्साहित करने में भी अपनी भूमिका निभाएंगे।
ईमानदारी और अनुशासन के साथ जनसेवा करने का आह्वान
जिलाधिकारी ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों को अपने जीवन और कार्यशैली में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवाओं में कार्यरत प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि वह अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ करे।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था का उद्देश्य आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना है। इसलिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी जनहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने कार्यों को पूरी जिम्मेदारी से करें। सरदार पटेल के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के विकास में सकारात्मक योगदान देना चाहिए।
राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव का दिया संदेश
कार्यक्रम में राष्ट्रीय एकता दिवस के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर कहा गया कि भारत विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं और विविधताओं वाला देश है। इसके बावजूद देश की एकता और अखंडता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। सभी नागरिकों को आपसी मतभेद भुलाकर राष्ट्रहित में एकजुट होकर कार्य करना चाहिए।
राष्ट्रीय एकता दिवस हमें यह संदेश देता है कि देश की मजबूती केवल सीमाओं की सुरक्षा से ही नहीं, बल्कि नागरिकों के बीच आपसी विश्वास, भाईचारे, सहयोग और सामाजिक सद्भाव से भी सुनिश्चित होती है। प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी इन मूल्यों को मजबूत बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए।
कलेक्ट्रेट परिसर में अधिकारियों-कर्मचारियों की रही सहभागिता
मथुरा कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में एडीएम वित्त एवं राजस्व, एडीएम प्रशासन, नगर मजिस्ट्रेट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके आदर्शों को याद किया और राष्ट्रीय एकता की शपथ ली।
कार्यक्रम के माध्यम से अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराया गया। साथ ही प्रशासनिक कार्यों में अनुशासन, ईमानदारी और जनसेवा की भावना को प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया।
लौह पुरुष के आदर्श आज भी प्रासंगिक
सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन देश के प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने अपने दृढ़ संकल्प और दूरदर्शी नेतृत्व से देश को एकजुट करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी जयंती पर मनाया जाने वाला राष्ट्रीय एकता दिवस हमें उनके विचारों और आदर्शों को याद करने के साथ-साथ राष्ट्र की एकता एवं अखंडता को बनाए रखने की जिम्मेदारी का भी एहसास कराता है।
कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य संदेश यही रहा कि सरदार पटेल के बताए मार्ग पर चलते हुए सभी लोग राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें और अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से करें।


