17 सितंबर से मथुरा में शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान, 5 लाख दीपों से जगमगाएंगे धार्मिक स्थल
- 10h ago
मथुरा। ब्रज के प्रमुख धार्मिक पर्व श्री राधाष्टमी को लेकर बरसाना में प्रशासनिक और पुलिस तैयारियां तेज हो गई हैं। पर्व के दौरान देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के बरसाना पहुंचने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं की समीक्षा शुरू कर दी है। इसी क्रम में जिलाधिकारी मथुरा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा ने बरसाना स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में अधिकारियों के साथ विशेष बैठक कर राधाष्टमी पर्व की तैयारियों का जायजा लिया।
बैठक में पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भीड़, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक इंतजामों को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा की गई। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि राधाष्टमी पर्व के दौरान बरसाना में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और पूरा आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया जाए।
बैठक के बाद जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से बरसाना क्षेत्र का व्यापक भ्रमण किया। दोनों अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक प्रबंधों का जमीनी स्तर पर निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उन स्थानों और मार्गों का जायजा लिया, जहां पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ पहुंचने की संभावना है। व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली गई और जहां आवश्यक सुधार की जरूरत महसूस हुई, वहां तत्काल दिशा-निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पर्व के दौरान भीड़ प्रबंधन को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ-साथ उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
राधाष्टमी पर्व के दौरान बरसाना में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए पुलिस और प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह बनाए रखी जाए और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम पहले से सुनिश्चित किए जाएं।
पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने-अपने निर्धारित दायित्वों का गंभीरता से पालन करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि सभी संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जाए और भीड़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए।
डीएम और एसएसपी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि राधाष्टमी पर्व से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं। किसी भी विभाग की तैयारी अंतिम समय तक लंबित नहीं रहनी चाहिए।
अधिकारियों ने कहा कि श्रद्धालुओं के आवागमन, सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें। पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
राधाष्टमी पर बरसाना में देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। बड़ी भीड़ को देखते हुए प्रशासन का मुख्य फोकस श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन और सुरक्षित दर्शन पर रहेगा। अधिकारियों ने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए व्यवस्थाओं को मजबूत रखा जाए।
पर्व के दौरान भीड़ बढ़ने की स्थिति में व्यवस्थाओं को तत्काल उसी के अनुरूप बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर सक्रिय रहने और किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल समाधान कराने के लिए कहा गया है।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने कहा कि राधाष्टमी पर्व ब्रज की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है। ऐसे में इसका आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में कराया जाना सभी की जिम्मेदारी है। प्रशासन और पुलिस विभाग के साथ-साथ संबंधित सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए।
डीएम और एसएसपी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। साथ ही श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर व्यवस्थाओं को सुचारु रखा जाए।
अधिकारियों के संयुक्त निरीक्षण से स्पष्ट है कि जिला प्रशासन राधाष्टमी पर्व की तैयारियों को लेकर गंभीर है और व्यवस्थाओं की निगरानी केवल बैठकों तक सीमित नहीं रखना चाहता। बैठक के बाद मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए।
प्रशासन का प्रयास है कि पर्व के दौरान बरसाना आने वाले श्रद्धालु सुरक्षित और सुगम वातावरण में धार्मिक आयोजन में शामिल हो सकें। इसके लिए सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को समय रहते दुरुस्त करने पर जोर दिया जा रहा है।
अधिकारियों ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि श्री राधाष्टमी पर्व को पूरी तरह शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।


