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- 11h ago
मथुरा। क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से चली आ रही जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण की मांग को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकिशन चौधरी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने गांव-गांव की बुनियादी जरूरतों और विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों को जिला पंचायत अध्यक्ष के समक्ष रखा और प्राथमिकता के आधार पर समस्याओं के समाधान की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने जिला पंचायत अध्यक्ष से उनके आनंदधाम कॉलोनी स्थित आवास पर मुलाकात की। इस दौरान पूर्व चेयरमैन (सोंख) भरत सिंह, मगोर्रा के चंद्रपाल प्रधान तथा मानवेन्द्र ओल मुख्य रूप से मौजूद रहे।
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की आवश्यकता और स्थानीय लोगों को हो रही विभिन्न परेशानियों से जिला पंचायत अध्यक्ष को अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ आवश्यक विकास कार्यों को गति देने की मांग रखी।
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, जल निकासी, सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित जरूरतों पर भी चर्चा की गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के समुचित विकास के लिए जरूरी है कि स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं का समय रहते समाधान किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल की ओर से रखी गई समस्याओं को जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकिशन चौधरी ने गंभीरता और ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने मौके पर मौजूद अधीनस्थ अधिकारियों को संबंधित समस्याओं का शीघ्र निस्तारण करने के कड़े निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए और जिन समस्याओं का समाधान तत्काल संभव है, उन्हें बिना अनावश्यक देरी के पूरा कराया जाए।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही नहीं होनी चाहिए और जनता से जुड़ी समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकिशन चौधरी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याएं केवल जनता की समस्याएं नहीं हैं, बल्कि उन्हें वे अपनी समस्या मानते हैं।
उन्होंने कहा, “यह केवल आपकी समस्या नहीं, बल्कि मेरी अपनी समस्या है।”
उन्होंने भरोसा दिलाया कि गांव-गांव के विकास के लिए जिला पंचायत पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेजी से कराया जा रहा है और आने वाले समय में आवश्यकतानुसार अन्य विकास कार्यों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों का विकास किसी भी जिले की समग्र प्रगति का महत्वपूर्ण आधार है। गांवों में बेहतर सड़क, जल निकासी, स्वच्छता, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होने से ग्रामीणों का जीवन स्तर बेहतर होता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों को केवल कागजों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनका प्रभाव जमीन पर दिखाई देना चाहिए। साथ ही स्थानीय लोगों की समस्याओं और सुझावों को भी गंभीरता से लिया जाए।
मुलाकात के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि उनके द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में प्राथमिकता तय कर कार्य कराया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को जल्द राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि जिला पंचायत क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयासरत है और जहां भी विकास कार्यों की आवश्यकता सामने आ रही है, वहां संबंधित विभाग और अधिकारियों के माध्यम से कार्रवाई की जा रही है।
जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा समस्याओं को गंभीरता से सुने जाने और अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए जाने पर प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने उनका आभार जताया। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि जिन समस्याओं को उनके समक्ष रखा गया है, उनका जल्द समाधान होने से ग्रामीणों को राहत मिलेगी।
मुलाकात के दौरान क्षेत्र के विकास को लेकर आगे भी समन्वय बनाए रखने और ग्रामीणों की समस्याओं को संबंधित स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
प्रतिनिधिमंडल में पूर्व चेयरमैन (सोंख) भरत सिंह, मगोर्रा के चंद्रपाल प्रधान और मानवेन्द्र ओल सहित अन्य लोग शामिल रहे।


