17 सितंबर से मथुरा में शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान, 5 लाख दीपों से जगमगाएंगे धार्मिक स्थल
- 11h ago
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प को लेकर गुरुग्राम स्थित ओ.आर.सी. ब्रह्माकुमारी आश्रम में रजत शिला पूजन एवं आशीर्वाद समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में ब्रह्माकुमारी बहनों के साथ संत-महात्माओं, आचार्यों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक वातावरण में रजत शिला का पूजन किया और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प की सफलता के लिए सामूहिक रूप से प्रार्थना की।
कार्यक्रम के लिए विशेष वाहन से रजत शिला को गुरुग्राम स्थित ओ.आर.सी. ब्रह्माकुमारी आश्रम लाया गया। आश्रम पहुंचने पर ब्रह्माकुमारी बहनों ने रजत शिला का विधि-विधान के साथ पूजन किया। इसके बाद संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं ने रजत शिला पर पुष्प अर्पित किए। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने पुष्पवर्षा कर मंदिर निर्माण के संकल्प के शीघ्र पूर्ण होने की कामना की।
समारोह के दौरान आश्रम परिसर में आध्यात्मिक एवं भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। संतों, आचार्यों और श्रद्धालुओं ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े संकल्प की सफलता के लिए प्रार्थना की। रजत शिला पूजन के दौरान श्रद्धालुओं ने एकजुट होकर मंदिर निर्माण की कामना दोहराई।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि ब्रह्माकुमारी आश्रम आध्यात्मिक ज्ञान, पवित्रता और सकारात्मक चिंतन का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक संस्थानों से मिलने वाला संदेश समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणादायी होता है। उन्होंने समारोह को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प से जोड़ते हुए उपस्थित संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक शक्ति और संतों का आशीर्वाद किसी भी सकारात्मक संकल्प को आगे बढ़ाने में प्रेरणा देता है। समारोह में मौजूद संतों और श्रद्धालुओं ने भी मंदिर निर्माण की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं।
ओ.आर.सी. ब्रह्माकुमारी आश्रम की निदेशक ब्रह्माकुमारी आशा दीदी ने समारोह में उपस्थित लोगों को आशीर्वाद देते हुए श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण का संकल्प शीघ्र पूर्ण होने की कामना की। उन्होंने कहा कि सत्य, शांति और आध्यात्मिक मूल्यों की विजय निश्चित होती है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उनके आशीर्वचन के दौरान मौजूद श्रद्धालुओं ने श्रद्धा के साथ अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
समारोह में विभिन्न संत-महात्माओं और आचार्यों ने भी सहभागिता की। कार्यक्रम में दिव्यआत्मानंद पुरी महाराज, आचार्य अनिल कृष्ण जी महाराज, राजेश पाठक, विंदु दीदी, संदेशी दीदी, रामनिवास भाई और कान्हा कौशिक समेत बड़ी संख्या में संत, आचार्य एवं ब्रह्माकुमारी भाई-बहन मौजूद रहे।
संतों और आचार्यों की मौजूदगी में रजत शिला पूजन संपन्न कराया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से रजत शिला पर पुष्प अर्पित किए और मंदिर निर्माण के संकल्प की सफलता के लिए प्रार्थना की।
पूजन कार्यक्रम के बाद रजत शिला पर श्रद्धालुओं और संत-महात्माओं की ओर से पुष्प अर्पित किए गए। कई श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर प्रार्थना की और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के शीघ्र पूर्ण होने की कामना की।
आयोजकों के अनुसार, रजत शिला पूजन समारोह का उद्देश्य आध्यात्मिक वातावरण में मंदिर निर्माण के संकल्प के प्रति आस्था और सकारात्मक भावना को अभिव्यक्त करना था। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने इसे श्रद्धा और संकल्प से जुड़ा अवसर बताया।
समारोह के दौरान आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। संतों और ब्रह्माकुमारी बहनों के आशीर्वाद के बीच रजत शिला पूजन संपन्न हुआ। अंत में उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से प्रार्थना करते हुए श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प की सफलता की कामना की।


